नॉर्थ ईस्ट

नॉर्थ ईस्ट डायरी: मोदी के मंत्री ने कहा, मेघालय की संगमा सरकार भ्रष्ट है

इस हफ़्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिज़ोरम और त्रिपुरा के प्रमुख समाचार.

Mukul Sangma Alphons Kannanthanam Facebook (1)

मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा और केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्ननथन. (फोटो साभार: फेसबुक)

शिलॉन्ग: यमन में आईएसआईएस आतंकवादियों द्वारा अगवा किए गए ईसाई मिशनरी फादर टॉम उजहन्नालिल की सुरक्षित भारत वापसी की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्ननथनम ने 29 सितंबर को कहा कि राजग सरकार हर नागरिक की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

पर्यटन मंत्री अल्फोंस ने कहा, आपको पता होगा कि फादर टॉम को 28 सितंबर को घर वापस लाया गया. उन्हें यमन में अगवा कर लिया गया था. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के नेतृत्व में सरकार के दृढ़ समर्पण से उन्हें बचाया जा सका. उन्होंने कहा, अमेरिकी भी ऐसा नहीं कर सके, यूरोपीय देश भी ऐसा नहीं कर सके, लेकिन हम उन्हें वापस ले आए.

अदन के एक वृद्धाश्रम में पादरी के तौर पर काम कर रहे फादर टॉम को पिछले साल मार्च में आईएसआईएस के हथियारबंद आतंकवादियों ने बंधक बनाया था और उन्हें यमन ले गए थे.

इसके इतर मेघालय में सत्ताधारी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए अल्फोंस ने आरोप लगाया कि मुकुल संगमा की सरकार भ्रष्ट है और कर्मियों को वेतन देने में भी सक्षम नहीं है.

उन्होंने कहा, मौजूदा सरकार पूरी तरह भ्रष्ट है. आप लोगों को नौकरी पर रखते हैं लेकिन उन्हें वेतन तक नहीं दे पाते. क्या दुनिया में ऐसी कोई सरकार है जो वेतन का भुगतान नहीं करती?

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्ननथनम ने यहां चर्च नेताओं से मुलाकात की है. राज्य में अधिकतर लोग ईसाई हैं. बताया जा रहा है कि मेघालय में 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले ईसाई समुदाय के मतदाताओं को आकर्षित करने के प्रयास के तहत यह कदम उठाया गया है.

भाजपा ने कन्ननथनम को मेघालय का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है. उन्होंने 29 सितंबर की रात यहां पहुंचने के बाद ईसाई धर्मगुरुओं से मुलाकात की. ईसाई धर्मगुरुओं से मुलाकात के दौरान जताई गई चिंता के बारे में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार एक बड़ी चिंता है.

उन्होंने कहा, यहां सड़कों की हालत देखिए. कोई आधारभूत ढांचा नहीं है. सरकारी कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल रहे हैं. आपके युवाओं को पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है. इसलिए हमें एक भ्रष्टाचार मुक्त सरकार की जरूरत है और यह सर्वाधिक मौलिक चीज है.

असम, अरुणाचल और मेघालय को मिले नए राज्यपाल

नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के राज्यपाल और अंडमान और निकोबार द्वीप के उपराज्यपाल समेत पांच राज्यपालों की नियुक्ति की 30 सितंबर को घोषणा की गई.

असम में राज्यपाल रहे बनवारी लाल पुरोहित को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जबकि सत्यपाल मलिक बिहार के नए राज्यपाल होंगे. जगदीश मुखी असम के राज्यपाल के तौर पर पुरोहित का स्थान लेंगे.

असम के नए राज्यपाल मुखी आपातकाल के बाद सक्रिय राजनीति में उतरे थे. वह दिल्ली में जनकपुरी विधानसभा सीट से सात बार विजयी रहे हैं. मुखी दिल्ली विविद्यालय में प्रोफेसर थे और वह दिल्ली विधानसभा में मंत्री एवं विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं.

बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य गंगा प्रसाद को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राज्यपाल गंगा प्रसाद वर्ष 1994 में पहली बार बिहार विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे और वह 18 वर्ष तक विधान परिषद के सदस्य रहे. उन्होंने विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दीं, वह विधान परिषद में भाजपा के नेता के तौर पर भी सेवा दे चुके हैं.

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लिए विशेष तौर पर आमंत्रित प्रसाद पांच वर्ष तक विधान परिषद में विपक्ष के नेता के तौर पर कार्य कर चुके हैं.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त बीडी मिश्रा अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल होंगे. राज्यपाल मिश्रा एनएसजी ब्लैक कैट कमांडोज काउंटर हाईजैक टास्क फोर्स के कमांडर थे. यह टास्क फोर्स वर्ष 1993 में इंडियन एयरलाइंस के एक विमान के अपहरण के बाद बचाव अभियान में शामिल था.

उन्होंने देश के लिए विभिन्न युद्धों एवं अभियान में भूमिका निभाई है. सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने करगिल युद्ध के दौरान अपनी सेवाएं दी थीं और आतंकवाद रोधी अभियोनों में अपनी साहसिक भूमिकाओं के लिए वह प्रशंसा भी पा चुके हैं.

इसके अलावा महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव के पास तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार था और दक्षिणी राज्य में राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर पूर्णकालिक राज्यपाल की नियुक्ति की मांग की गई थी.

राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, एडमिरल सेवानिवृत्त देवेंद्र कुमार जोशी अंडमान और निकोबार द्वीप के उपराज्यपाल होंगे. वह मुखी का स्थान लेंगे.

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार नये उपराज्यपाल जोशी अगस्त 2012 से 26 फरवरी 2014 तक चीफ ऑफ नवल स्टाफ रह चुके हैं. पनडुब्बी आईएनएस सिंधुरत्ना में आग लगने की घटना के बाद इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.

इसके अनुसार जोशी नेशनल डिफेंस एकेडमी के पूर्व छात्र रहे हैं और उन्हें भारतीय नौसेना के एग्जेक्युटिव ब्रांच में एक अप्रैल, 1974 को नियुक्त किया गया था. उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, नौसेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है.

त्रिपुरा: पत्रकार की हत्या मामले में मुख्यमंत्री एसआईटी जांच पर चर्चा करेंगे

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पत्रकार शांतनु भौमिक. (फोटो साभार: फेसबुक)

अगरतला: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने उनसे मिलने आए पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल से कहा है कि वह पत्रकार शांतनु भौमिक की हत्या की एसआईटी से जांच कराने की उनकी मांग पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से चर्चा करेंगे. राज्य सरकार ने 25 सितंबर को यह जानकारी दी.

अगरतला प्रेस क्लब के एक प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से 24 सितंबर को मुलाकात की थी और भौमिक की हत्या की एसआईटी से जांच कराने और इस मामले में मुकदमा फास्ट ट्रैक अदालत में चलाने की मांग की थी.

अगरतला में एक टीवी चैनल में काम करने वाले भौमिक गत 20 सितंबर को मंडाई इलाके में पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के आंदोलन को कवर कर रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया और उनका अपहरण कर लिया गया. उन्हें बाद में घायल अवस्था में पाया गया और अस्पताल में भर्ती कराए जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई.

सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा जारी एक वक्तव्य में कहा गया, मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि वह विशेष जांच दल गठित करने की उनकी मांग पर शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे. सरकार ने प्रतिनिधिमंडल को यह भी आश्वासन दिया कि वह फास्ट ट्रैक अदालत गठित करने की उनकी मांग पर भी गौर करेंगे.

विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है. भाजपा की राज्य इकाई ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है.

भाजपा प्रवक्ता अशोक सिन्हा ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, राज्य पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं कर सकती क्योंकि घटना पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई थी. पुलिस ने बताया कि हत्या के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

मिज़ोरम: लाल थनहवला ने अपने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया

आइजोल: मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लाल थनहवला ने दो राज्य मंत्रियों को 27 सितंबर को विभाग आवंटित किए और अपने कुछ कैबिनेट मंत्रियों के प्रभार बदले.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 20 सितंबर को राज्य मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले केएस थंगा को कृषि, सिंचाई और जल संसाधन तथा भूमि संसाधन, मृदा एवं जल संरक्षण जबकि एकमात्र महिला मंत्री वी. चावंगथू को सहकारिता, रेशम उत्पादन और मत्स्य पालन प्रभार सौंपा गया.

मुख्यमंत्री ने ने लोक निर्माण विभाग स्वास्थ्य मंत्री एवं अपने छोटे भाई लाल थनजारा और बिजली विभाग गृह मंत्री आर. लाल जिरलियाना को सौंपा जबकि लाल जिरलियाना से कृषि विभाग ले लिया.

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी लाल थनजारा से लेकर शहरी विकास मंत्री जोदिनत्लुआंगा को दे दिया गया जबकि स्कूली शिक्षा मंत्री एच. रोहलुना को श्रम, रोजगार, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग दिया गया जो कि पहले मुख्यमंत्री के पास था.

असम: ज़हरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत

तिनसुकिया: असम के तिनसुकिया ज़िले में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई. आबकारी विभाग के अधिकारी ने इसकी जानकारी दी.

तिनसुकिया के उपायुक्त ओएस कुमार सिंह ने इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. आबकारी अधीक्षक हेमन ज्योति बरुआ ने बताया कि तिनसुकिया आबकारी विभाग ने 19 सितंबर को एक अवैध शराब विक्रेता के परिसर को सील कर दिया था.

इसके बाद भी विक्रेता लोगों को नकली शराब बेचता रहा. शराब पीने के बाद 23 सितंबर को वह ख़ुद और उसके साथ 10 अन्य लोग बीमार पड़ गए.

अधिकारी ने बताया कि प्रभावित लोगों को तिनसुकिया सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विक्रेता सहित पांच लोगों की मौत सप्ताहांत को हो गई.

आबकारी अधीक्षक ने कहा, ऐसी संभावना है कि हो सकता है कि यह शराब पीने योग्य नहीं रह गई हो क्योंकि यह पेस्टीसाइड ड्रम में रखा गया था. ड्रम को निकट के चाय बगान से हासिल किया गया था. उन्होंने बताया कि हो सकता है कि शराब रखने से पहले ड्रम को अच्छे तरीके से साफ नहीं किया गया हो.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)