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हनीप्रीत गिरफ़्तार, कहा- पिता राम रहीम की सज़ा के बाद अवसाद में थी

हरियाणा पुलिस ने पंजाब में जिरकपुर-पटियाला रोड से गिरफ़्तार किया. पंचकूला हिंसा में वांछितों की सूची में हनीप्रीत का नाम सबसे ऊपर है.

Honeypreet Insan and Gurmeet Ram Rahim

हनीप्रीत इंसां और गुरमीत राम रहीम. (फाइल फोटो: पीटीआई)

चंडीगढ़: हरियाणा पुलिस ने जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत इंसां को मंगलवार को पंजाब में जिरकपुर-पटियाला रोड से गिरफ्तार किया.

बलात्कार के मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद हुई हिंसा के सिलसिले में वांछित हनीप्रीत एक माह से ज़्यादा अर्से से फ़रार थीं. हरियाणा के पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने बताया कि प्रियंका तनेजा उर्फ हनीप्रीत को जिरकपुर-पटियाला रोड से गिरफ्तार किया गया.

राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के सिलसिले में वांछित 43 लोगों की सूची में हनीप्रीत का नाम सबसे ऊपर है. इन घटनाओं में 41 लोगों की मौत हो गई जबकि अनेक अन्य घायल हो गए.

पंचकुला में पत्रकारों से बातचीत में पुलिस आयुक्त एएस चावला ने बताया, एसआईटी प्रभारी मुकेश कुमार हिंसा की घटनाओं के सिलसिले में हनीप्रीत से पूछताछ के लिए उसे पंचकूला ले आए हैं.

चावला ने बताया, ‘25 अगस्त को राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद हिंसा में हनीप्रीत की भूमिका की जांच की जाएगी. फ़रारी के दौरान जिसने उसे शरण दी या समर्थन दिया, उनको भी पेश किया जाएगा. उसे पंचकूला में एक अदालत के समक्ष बुधवार को पेश किया जाएगा और हम उसकी पुलिस हिरासत मांगेंगे.’

चावला ने यह भी कहा कि हनीप्रीत के साथ एक और महिला थी. उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस को भी इस गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी गई है.

गिरफ्तारी से कुछ ही समय पहले हनीप्रीत दो निजी टीवी चैनलों पर आई थी. हनीप्रीत ने टीवी चैनल से कहा, हिंसा के आरोपों से आहत , अवसाद में हूं

हनीप्रीत इंसां ने कहा है कि पंचकूला में हिंसा भड़काने के आरोपों को लेकर वह आहत हैं.

हनीप्रीत एक महीने से अधिक समय से फ़रार थीं. गिरफ्तारी से पहले एक टीवी चैनल से हनीप्रीत ने कहा कि उनके पापा निर्दोष हैं और 25 अगस्त को बलात्कार के दो मामलों में उन्हें दोषी ठहराए जाने के कारण वह अवसाद में चली गई.

राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद हुई हिंसा की घटनाओं में हरियाणा पुलिस ने पहले हनीप्रीत (36) के ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस और बाद में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.

समाचार चैनल से बातचीत हनीप्रीत ने कहा कि उनके ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप सही नहीं है. हनीप्रीत ने कहा, ‘पंचकूला में 25 अगस्त को हुई हिंसा के दौरान क्या मैं आगजनी करने वालों के साथ मौजूद थी. वे इस तरह के आरोप कैसे लगा सकते हैं.’

हनीप्रीत की छवि एक खलनायिका, एक षडयंत्रकारी के रूप में पेश किए जाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘वे कैसे मुझे आरोपी बना सकते हैं. मैं अपने पापा राम रहीम के साथ थी और एक बेटी के रूप में 25 अगस्त को अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही थी.’

उन्होंने कहा, ‘हर बेटी अपने पिता के साथ रहती है, मैं उनके साथ थी. लोगों को उकसाने के लिए क्या आपने मुझे एक शब्द कहते हुए सुना. मैं इस उम्मीद में वहां पंचकूला में सीबीआई की अदालत गई थी कि मेरे पिता शाम को लौट जाएंगे. लेकिन जब उन्हें सज़ा सुनायी गई तो मैं अवसाद में आ गई. मैं किसी और चीज़ के बारे में कैसे सोच सकती थी, मैं पूरी तरह टूट चुकी थी.’

हनीप्रीत 25 अगस्त को राम रहीम के साथ सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय से पंचकूला स्थित सीबीआई की एक विशेष अदालत गई थीं.

उस दिन डेरा प्रमुख को सज़ा सुनाए जाने के बाद वह उनके साथ एक हेलीकॉप्टर में सवार होकर रोहतक स्थित जेल जाने के लिए रवाना हुई थीं.

हनीप्रीत का 25 अगस्त की शाम से कोई पता नहीं है. हालांकि, उन्होंने कहा कि वह कानून से नहीं भाग रही हैं और वह अभी भी राम रहीम को सुनाई गई सज़ा के सदमे से उबरने का प्रयास कर रही हैं. उन्होंने कहा कि जब हिंसा की घटनाओं में उन्हें आरोपी बनाया तो वह आहत हो गईं.

उन्होंने कहा, ‘मेरी स्थिति क्या रही होगी उसे समझने का प्रयास करिए. वह महिला जो अपने पिता राम रहीम के साथ राष्ट्र भक्ति फिल्म बनाती है, वह महिला जिसमें उसके पिता ने राष्ट्रभक्ति की भावना जाग्रत की और पिता जेल चले जाते हैं. इसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकती थी. और उस महिला पर देशद्रोह का आरोप लगाया जाता है, इससे मैं पूरी तरह टूट चुकी हूं. जब मैंने अपने जीवन में एक चींटी भी नहीं मारी है तब ऐसे गंभीर आरोप सुनकर मुझा पर क्या गुजरी होगी.’

हनीप्रीत ने कहा, ‘मैं तो यह भी नहीं जानती कि कानूनी प्रक्रियाओं का क्या मतलब है. मेरे लिए जब पापा चले गए जेल तब मेरी दुनिया तबाह हो गई. मैं मानसिक रूप से टूट गई हूं.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 26 सितंबर को हनीप्रीत इंसां की अग्रिम जमानत की अर्ज़ी ख़ारिज कर दी थी. अदालत का आदेश इस बात पर आधारित था कि वह गिरफ्तारी से बच रही हैं इसलिए किसी विशेष राहत की हक़दार नहीं है.

उन्होंने बताया कि उनका न्यायपालिका पर और न्याय मिलने को लेकर पूरा भरोसा है.

राम रहीम के साथ रिश्तों को लेकर अपने पूर्व पति विश्वास गुप्ता द्वारा लगाए गये आरोपों पर हनीप्रीत ने कहा, ‘मैं समझ नहीं पा रही हूं कि कोई भी कैसे एक पिता और उनकी पुत्री के बीच पवित्र रिश्ते पर उंगली उठा सकता है. ऐसे आरोपों को लेकर इन लोगों के पास क्या सबूत है. जो इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं कृपया उन पर विश्वास न करें.’

डेरा के कुछ प्रमुख लोग और अपने पूर्व पति द्वारा लगाए गए इन आरोपों के बारे में पूछे जाने के बारे में हनीप्रीत ने कहा, ‘क्या वे प्रमुख लोग हैं. क्यों कोई उन्हें जानता है, वे कौन हैं. जहां तक विश्वास गुप्ता की बात है तो मैं उनके बारे में बात नहीं करना चाहती.’

सिरसा स्थित डेरा में कंकाल मिट्टी में दबाए जाने के बारे में हनीप्रीत ने कहा, ‘क्या किसी को कंकाल मिले हैं. मेरे पापा के बारे में जो कहा जा रहा है, तो मैं यही कहूंगी कि वह बेकसूर हैं और समय आने पर आप भी यह ख़ुद देखेंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)