राजनीति

संघ प्रमुख की फोटो से छेड़छाड़ के मामले में पूर्व कांग्रेस विधायक को दो साल की सज़ा

संघ प्रमुख की फोटो पर मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेता कल्पना परुलेकर ने तत्कालीन लोकायुक्त पीपी नावलेकर का चेहरा लगा दिया था. सज़ा मिलने के तुरंत बाद ही मिली ज़मानत.

Mohan Bhagwat Kalpana Parulekar PTI Facebook

मोहन भागवत और कल्पना परुलेकर. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

भोपाल: स्थानीय अदालत ने पूर्व कांग्रेस विधायक कल्पना परुलेकर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की फोटो से छेड़छाड़ करने के मामले में दो साल की सज़ा सुनाई. हालांकि, सज़ा सुनाने के बाद उन्हें अदालत से ज़मानत भी मिल गई.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार गोयल ने भागवत की फोटो से छेड़छाड़ करने के मामले में कल्पना को दोषी क़रार देते हुए दो साल की जेल की सज़ा सुनाई. इसके अलावा, उन पर 12,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.

अदालत ने कल्पना को आईटी कानून एवं भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी क़रार दिया.

कल्पना ने 29 नवंबर 2011 को संवाददाता सम्मेलन कर मीडिया को तत्कालीन लोकायुक्त पीपी नावलेकर की एक फोटो उपलब्ध कराई थी, जिसमें नावलेकर को आरएसएस के गणवेश में दिखाया गया था.

इसके बाद एक व्यक्ति गोपाल कृष्ण धनोतिया ने मध्य प्रदेश विशेष कार्य बल में कल्पना के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करते हुए कहा था कि उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की फोटो पर काट-छांट कर नावलेकर का चेहरा फिट किया है.

इसके बाद इस मामले को अपराध शाखा को हस्तांतरित किया गया था. सीआईडी ने कल्पना के ख़िलाफ़ अदालत में चार्जशीट दायर की थी, जिस पर मंगलवार को फैसला आया. हालांकि, फैसले के कुछ ही मिनटों में उन्हें उसी अदालत से ज़मानत भी मिल गई.

क्या है पूरा मामला

साल 2011 में मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उज्जैन ज़िले के महिदपुर विधानसभा क्षेत्र की तत्कालीन विधायक कल्पना परुलेकर ने प्रदेश के तत्कालीन लोकायुक्त पीपी नावलेकर की मॉर्फ (छेड़छाड़) की हुई फोटो विधानसभा की पत्रकार दीर्घा में दिखाई थी.

इस तस्वीर में लोकायुक्त नावलेकर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वेशभूषा में दिखाया गया था. उन्होंने नावलेकर पर कई आरोप लगाए थे. उन्होंने नावलेकर पर आरोप लगाया था कि आरएसएस से साठगांठ की वजह से नावलेकर भ्रष्ट मंत्रियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.

भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने तब संघ प्रमुख मोहन भागवत की एक फोटो दिखाई थी ताकि यह साबित हो सके कि कांग्रेस नेता परुलेकर ने नावलेकर का चेहरा उनकी फोटो पर फिट कर दिया था. मामले की जांच सीआईडी ने की थी और साल 2013 में परुलेकर के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल की गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)