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भाजपा बोली- केरल आतंकवाद के लिए उर्वर भूमि में तब्दील हुआ

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने माकपा की कथित हिंसा के विरोध में 15 दिन की पदयात्रा शुरू की, माकपा ने लगाया तनाव फैलाने का आरोप.

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केरल के कुन्नून में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री अलफोंस कन्ननथानम ने जनरक्षा यात्रा में भाग लेते हुए. (फोटो: पीटीआई)

तिरुवनंतपुरम: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने केरल में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ माकपा की कथित हिंसा को लेकर विरोध जताने के लिए मंगलवार को भारत माता की जय के नारों के बीच 15 दिन की पदयात्रा शुरू की. दूसरी तरफ राज्य में सत्तारूढ़ माकपा ने मंगलवार को भाजपा पर उन आरोपों के लिए पलटवार किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि केरल जिहादी आतंकवाद के लिए उर्वर धरती में तब्दील हो चुका है. माकपा ने भगवा पार्टी को अपने आरोपों को साबित करने को चुनौती दी.

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य वी मुरलीधरन ने 30 सितंबर को यहां अपने आरोप में दावा किया था कि वैश्विक आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में केरल के लोगों की कथित मौजूदगी राज्य में बढ़ते जिहादी आतंकवाद का नतीजा है.

प्रेस से मिलिए कार्यक्रम को यहां संबोधित करते हुए माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन ने आरोप लगाया कि माकपा नीत एलडीएफ सरकार पर जानबूझकर हमले का प्रयास किया गया और केरल जिहादियों की भूमि है यह बयान उस अभियान का हिस्सा है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आतंकवाद के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह निराधार आरोप लगाकर राज्य में तनाव पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं.

भगवा पार्टी केरल में वाम दलों को एक कड़ी चुनौती पेश करने वाली पार्टी के तौर पर उभर रही है. केरल के पयानूर में तीन दिन तक ठहरने के अपने कार्यक्रम के पहले दिन शाह ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के गृह नगर कन्नूर जिले से जन रक्षा यात्रा शुरू की.

शाह के साथ काफी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे जब उन्होंने करीब नौ किलोमीटर की पदयात्रा की. उन्होंने सत्तारूढ़ माकपा पर भाजपा एवं आरएसएस कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हत्या का आरोप लगाया.

शाह ने कहा, भाजपा और आरएसएस के 84 से अधिक कार्यकर्ता केवल इस जिले में मारे गए हैं. मैं पिनराई विजयन से पूछना चाहता हूं कि उन्हें किसने मारा? यदि उनके पास जवाब नहीं है तो मैं कहता हूं कि हत्याओं के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं.

भाजपा प्रमुख ने राज्य में राजनीतिक हिंसा में आरएसएस-भाजपा के मारे गए कार्यकर्ताओं के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उनकी याद में एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया. उन्होंने इस मुद्दे पर राज्य की राजधानियों में कल पदयात्रा करने की भी घोषणा की.

सत्तारूढ़ गठबंधन को हाशिये पर धकेलने और लोगों के बीच भाजपा को मजबूत करने की कोशिश करते हुए पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई केंद्रीय मंत्रियों सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से इसमें शामिल होने को कहा है. योगी आदित्यनाथ बुधवार को केरल पहुंचे और पदयात्रा में शामिल हुए.

शाह ने आरोप लगाया , कम्युनिस्टों ने शांतिपूर्ण केरल को नष्ट कर दिया है, केरल में अब तक भाजपा एवं आरएसएस के 120 से अधिक कार्यकर्ता मारे गए हैं. उन्होंने कहा कि यह यात्रा माकपा की हिंसा की राजनीति के अंत की शुरुआत है.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए शाह ने मानवाधिकार के सभी हिमायतियों से अपील की कि हिंसा का कोई रंग नहीं होता और कृपया इस नजरिये को खत्म कीजिए कि लाल हिंसा कोई हिंसा नहीं होती. हिंसा हिंसा होती है. राष्ट्रवादी एजेंडे पर काम कर रहे 120 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याएं हुई हैं. आप इन हत्याओं पर चुप हैं. यह आपकी निष्ठा पर सवाल उठाता है.

उन्होंने कहा कि यह जनरक्षा यात्रा माकपा द्वारा अत्याचारों तथा हत्याओं के खिलाफ सत्याग्रह है. इस मार्च में कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे. भाजपा का आरोप है कि राज्य में वर्ष 2001 के बाद से 120 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है जिनमें से 84 लोग केवल कन्नूर में मारे गए.

हालांकि, माकपा ने राजनीतिक हत्याओं में उसकी सरकार और नेतृत्व की संलिप्तता से इंकार करते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा और आरएसएस हिंसा का सहारा ले रहे हैं.