भारत

भावनाएं आहत करने के आरोप में लेखक कांचा इलैया के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

पुस्तक के ज़रिये कथित धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में हैदराबाद पुलिस ने कांचा इलैया के विरुद्ध मामला दर्ज किया है.

Kancha Ilaiah

हैदराबाद: हैदराबाद पुलिस ने दलित लेखक कांचा इलैया के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है. इलैया के खिलाफ यह मामला आर्य वैश्य समुदाय पर उनकी पुस्तक के जरिये कथित रूप से धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में दर्ज किया गया है.

मलकाजगिरि पुलिस थाने के निरीक्षक जानकी रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि अनुसूचित जाति के एक छात्र ने इससे पहले आरोप लगाया था कि उनकी पुस्तक ‘समाजिका स्मगलुरलू कोमातोल्लू’ ने न केवल वैश्य समुदाय बल्कि सभी हिंदू समुदायों पर निशाना साधा और इससे दलित एवं अन्य की भावनाएं आहत हुईं.

उन्होंने कहा कि 22 वर्षीय शिकायतकर्ता ने एक स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया था और उसके निर्देश के आधार पर पुलिस ने बुधवार को इलैया के खिलाफ एक मामला दर्ज किया.

इसे भी पढ़ें: ‘क्या आर्य-वैश्यों के पास कोई ऐसा अर्थशास्त्री नहीं है, जो मेरी किताब पर तर्क कर सके?’

उन्होंने कहा कि मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए, 295ए और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) कानून के तहत दर्ज किया गया है.

पिछले महीने से पूरे तेलंगाना राज्य में इलैया के खिलाफ आर्य वैश्य समुदाय की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. लेखक ने गत महीने यह आरोप लगाते हुए पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई थी कि चार व्यक्तियों ने वारंगल जिले के पारकल में उनके वाहन पर हमला किया और उनकी हत्या करने का प्रयास किया.

कथित हमले से आर्य वैश्य और दलितों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया था और वे आमने सामने आ गए थे. यद्यपि पुलिस ने समूहों को तितर बितर कर दिया था जिससे मामले पर काबू पा लिया गया था. एक अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि समुदाय इलैया पर उनकी पुस्तक को लेकर नाराज है और लेखक से माफी की मांग कर रहा है.

इसके पहले बीते 18 सितंबर को आंध्र प्रदेश से तेलुगू देश पार्टी के राज्यसभा सांसद टीजी वेंकटेश ने कांचा इलैया को देशद्रोही क़रार देते हुए कहा था, ‘उनकी लेखनी समाज को बांटने के लिए होती है. खाड़ी देशों की तरह वह भी सार्वजनिक रूप से फांसी दे देने लायक हैं.’

इसे भी पढ़ें: कांचा इलैया ने जो किताब लिखी है, उसके लिए उन्हें फांसी दे देनी चाहिए: तेलुगू देशम सांसद

कांचा इलैया की नई किताब में दावा किया गया है कि आर्य वैश्य समुदाय मांस खाता था और ये किसान हुआ करते थे. बाद में वे शाकाहारी हो गए. आर्य वैश्य महासभा की ओर से हुए एक कार्यक्रम में शामिल होने आए टीजी वेंकटेश ने कहा कि हमारे समुदाय से आने वाले देश भर के सदस्यों को प्रो. कांचा इलैया के ख़िलाफ़ केस दर्ज कराना चाहिए.