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जीएसटी लागू करने में केंद्र की छोटी भूमिका, कांग्रेस बराबर की भागीदार: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, नेहरू-गांधी परिवार की आंखों में चुभते हैं गुजराती, गुजरात चुनाव को बताया विकासवाद और वंशवाद की जंग.

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अहमदाबाद में गुजरात गौरव महासम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि माल एवं वस्तु कर (जीएसटी) विभिन्न राज्य सरकारों का सामूहिक निर्णय था जिसमें केंद्र की छोटी भूमिका थी और कांग्रेस इसमें बराबर की भागीदार थी.

मोदी ने कहा, जीएसटी निर्णय में कांग्रेस बराबर की भागीदार है और इसे जीएसटी के बारे में झूठ नहीं फैलाना चाहिए. निर्णय संसद या नरेंद्र मोदी ने नहीं लिया. निर्णय में पंजाब, कर्नाटक और मेघालय की कांग्रेस सरकारों सहित सभी राजनीतिक दल शामिल थे.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार निर्णय में केवल 30वें हिस्से के बराबर थी जिसे 29 राज्यों के साथ विचार-विमर्श कर लिया गया था. मोदी ने गुजरात के भाट गांव में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए कहा, निर्णय में आप बराबर के भागीदार हैं.

उन्होंने कहा कि जीएसटी शुरू होने के बाद वह व्यवसायियों के संपर्क में हैं और दावा किया कि वे व्यवस्था को पसंद कर रहे हैं क्योंकि इससे वे लाल फीताशाही से मुक्त हो गए हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि वादे के मुताबिक उनकी सरकार ने तीन महीने के बाद नये अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की समीक्षा की जिसके बाद उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कई बदलाव किए गए.

‘सरकार समाधान का प्रयास कर रही है’

मोदी ने व्यवसायियों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि देश के व्यापारियों को इस व्यवस्था की जरूरत है लेकिन उन्होंने इसे सरल करने की मांग की. इसे जीएसटी परिषद् के समक्ष रखा गया और सामूहिक रूप से चर्चा की.

मोदी ने बीते समय में लेखा-जोखा के लिए व्यापारियों को दंडित करने संबंधी चिंताओं को भी दूर करने का प्रयास किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर डर का माहौल बनाया जा रहा है. व्यापारियों को नयी व्यवस्था से तालमेल करने के लिए अपने पुराने लेखा-जोखा को ठीक करने की जरूरत नहीं है.

कांग्रेस पार्टी विकास और गुजरात विरोधी है

नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए उन पर गुजरात और गुजरातियों को नापसंद करने का आरोप लगाया और कहा कि वे इनकी आंखों में चुभते हैं.

कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व को विकास एवं गुजरात विरोधी करार देते हुए मोदी ने कहा कि भाजपा के लिए चुनाव विकासवाद की जंग है, कांग्रेस के लिए वंशवाद की जंग है और मुझे पूरा विश्वास है कि गुजरात में विकासवाद जीतने वाला है और वंशवाद हारने वाला है.

पाटीदार आंदोलन के बाद पटेल समुदाय के एक वर्ग की नाराजगी को समझते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब जब गुजरात में चुनाव आता है, उनको (कांग्रेस को) जरा ज्यादा बुखार आता है, तकलीफ ज्यादा बढ़ जाती है. इस पार्टी और परिवार को गुजरात आंखों में चुभता रहा है.

मोदी ने कहा, सरदार बल्लभ भाई पटेल के साथ इस पार्टी ने, इस परिवार ने किस तरह का व्यवहार किया, इतिहास इसका गवाह है. मैं इसे दोहरना नहीं चाहता. सरदार पटेल की पुत्री मणिबेन और पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के साथ किस प्रकार का व्यवहार इस पार्टी ने किया, यह सभी के सामने है. इनको हर प्रकार से नेस्तनाबूद करने का काम किया. गुजरात उनको पसंद ही नहीं था. उसने बाबू भाई पटेल के नेतृत्व वाली सरकार को तोड़ने का काम किया.

‘इनको गुजरात से नफरत है’

गुजरात गौरव महासम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने हमेशा कुर्सी का खेल खेला, वंशवाद को कैसे सलामत रखना है, इस पार्टी ने हमेशा इसकी चिंता की. उनको न देश की चिंता है और न समाज की. चुनाव हमारे लिए विकासवाद की जंग है, उनके लिए वंशवाद की जंग है. मेरा पूरा विश्वास है कि इसमें विकासवाद जीतने वाला है और वंशवाद हारने वाला है.

कांग्रेस एवं उसके नेतृत्व पर प्रहार करते हुए मोदी ने कहा कि इनको गुजरात से नफरत है, जनसंघ से नफरत है, भाजपा से नफरत है. इन लोगों और पार्टी ने कभी हमें गांधी का हत्यारा कहा, कभी शहर की पार्टी कह दी, कभी दलित विरोधी कहा. उन्होंने हमें दलित विरोधी कहा, आज सबसे ज्यादा दलित सासंद बीजेपी के हैं, उन्होंने हमें किसान विरोधी कहा, आज संसद में सबसे ज्यादा ओबीसी सांसद बीजेपी के हैं.