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जीएसटी दरों में बदलाव की ज़रूरत: हसमुख अधिया

राजस्व सचिव हसमुख अधिया का कहना है कि जीएसटी लागू हुए करीब चार महीने हो गए हैं और इस व्यवस्था को स्थिर होने में एक साल का वक़्त लगेगा.

राजस्व सचिव हसमुख अधिया और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई)

राजस्व सचिव हसमुख अधिया और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि लघु और मझोले उद्योगों के बोझ को कम करने के लिए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों की संरचना में कुछ बदलाव करने की जरूरत है.

राजस्व सचिव अधिया ने कहा कि जीएसटी प्रणाली को स्थिर होने में करीब एक साल लगेगा. जीएसटी में एक दर्जन से अधिक केंद्रीय और राज्य लेवी जैसे उत्पाद शुल्क, सेवा कर और वैट समाहित कर दिए गए हैं.

अधिया ने कहा, ‘जीएसटी में टैक्स रेट्स में बड़े सुधार की जरूरत है. ऐसा भी संभव है कि एक चैप्टर में दिए गए सामान अलग-अलग टैक्स रेट में आ गए हों. हमें चैप्टर के हिसाब से वस्तुओं पर नजर डालनी चाहिए और यह देखा जाना चाहिए कि छोटे और मझोले कारोबारियों पर बोझ ज्यादा न हो. अगर ऐसा पाया जाता है कि इन पर और आम आदमी पर टैक्स का बोझ है तो उसे कम किया जाना चाहिए. इससे जीएसटी की स्वीकार्यता बढ़ेगी.’

जीएसटी लागू हुए करीब चार महीने हो गए हैं. इस नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली से कुछ प्रारंभिक परेशानियां और अनुपालन से जुड़े मुद्दे उभरे हैं. जीएसटी परिषद ने कई मुद्दो का समाधान निकाला भी है. परिषद इन प्रणाली में सर्वोच्च निर्णायक निकाय है.

परिषद ने लघु और मझोले कारोबारों को करों का भुगतान करने और जीएसटी दाखिल करने को आसान बनाने के लिए इसके कई पहलुओं में हल्के बदलाव किए हैं. इसके अलावा निर्यातकों के रिफंड प्रक्रिया को भी आसान बनाया है तथा 100 से अधिक वस्तुओं पर जीसटी की दरों को तर्कसंगत बनाया है.

हालांकि, उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए फिटमेंट कमेटी को गणना करने की जरूरत होगी, जो यह तय करेगा कि किस वस्तु की दर को तर्कसंगत बनाने की जरूरत है. ज्ञात हो कि जीएसटी व्यवस्था पहली जुलाई को लागू की गई थी.

अधिया ने यह भी कहा कि समिति अपने सुझावों को जीएसटी परिषद के सामने यथाशीघ्र रखेगी.

जीएसटी परिषद की 23वीं बैठक वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में गुवाहाटी में 10 नवंबर को होनी है. उन्होंने कहा कि हम जितनी जल्दी हो सके इसे करने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि फिटमेंट कमेटी इस पर काम करने के लिए कितना समय लेती है.

अधिया से जब पूछा गया कि जीएसटी को स्थिर होने में कितना समय लगेगा, तो उन्होंने कहा कि इसमें एक साल लगेगा, क्योंकि यह सभी के लिए नई व्यवस्था है. जीएसटी में कर प्रणाली के पूरी बदलाव होना है इसलिए एक साल की आवश्यकता है.