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मध्य प्रदेश: बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर पिता को ज़िंदा जलाया

प्रदेश में दमोह ज़िले के हटा कस्बे की घटना. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ़्तार किया. बेटी ने छेड़छाड़ की किसी घटना से इंकार किया.

Narmada Prasad Damoh Dainik Bhaskar (2)

मृतक नर्मदा प्रसाद. (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)

दमोह: मध्य प्रदेश में दमोह ज़िले के हटा कस्बे में बेटी के साथ छेड़छाड़ के विरोध में शिकायत करना एक पिता को इस कदर महंगा पड़ा कि तीन लोगों आग लगाकर कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी. पुलिस ने हत्या के आरोप में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस अधीक्षक (एसपी) विवेक अग्रवाल ने बीते सोमवार को बताया, ‘नर्मदा प्रसाद साहू (44) की हत्या के आरोप में सचिन साहू (19), उसके चाचा रामकुमार साहू (35) और राजकुमार साहू (34) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 हत्या और धारा 34 के तहत गिरफ्तार किया गया है.’

घटना रविवार शाम की है. एसपी ने बताया कि ज़िला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर हटा कस्बे में नर्मदा प्रसाद को उनके घर के बाहर ज़िंदा जला दिया गया.

घटना के बाद नर्मदा को हटा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां से डॉक्टरों ने उन्हें दमोह ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.

नर्मदा द्वारा 14 अगस्त को हटा पुलिस थाने में एक आरोपी सचिन के ख़िलाफ़ अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने की शिकायत किए जाने के सवाल पर एसपी ने कहा, ‘हमारे पास पहले कोई शिकायत नहीं आई.’

उन्होंने कहा, ‘नर्मदा प्रसाद की पत्नी ने मीडिया में कहा है कि सचिन उनकी बेटी को छेड़ता था. हम मामले की जांच कर रहे हैं.’

इस बीच उन्होंने यह भी दावा किया कि नर्मदा की बेटी ने पुलिस को स्पष्ट बताया है कि उसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. एसपी ने बताया, ‘हम मृतक की पत्नी के बयान का इंतज़ार कर रहे हैं जो उन्होंने अस्पताल परिसर में मीडिया के सामने दिया है.

दैनिक भास्कर में मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट.

दैनिक भास्कर में मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट.

मृतक की पत्नी गुलाब रानी ने घटना के बाद मीडिया को बताया था, ‘मेरे पति द्वारा सचिन साहू के ख़िलाफ़ 14 अगस्त को पुलिस में की गई शिकायत के बाद से सचिन साहू और उसके रिश्तेदार लगातार हमें परेशान कर रहे थे.’

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, ज़िला अस्पताल में भर्ती नर्मदा प्रसाद ने अपनी मौत के पहले पुलिस को बयान भी दिया था. नर्मदा प्रसाद ने बताया था कि उनकी बेटी के साथ तीन लोग छेड़छाड़ करते थे. शिकायत करने पर आरोपियों ने उनके ऊपर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी.

रिपोर्ट के अनुसार, मृतक नर्मदा प्रसाद ने बयान की कॉपी पर अपना अंगूठा भी लगाया है. पुलिस अधीक्षक ने मृतक की बेटी से पूछताछ की तो उन्होंने किसी भी तरह की छेड़छाड़ से इंकार किया है.

दैनिक भास्कर से बातचीत में पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘शुरुआती जांच के दौरान नर्मदा प्रसाद की बेटी समेत आस-पड़ोस के लोगों से पूछताछ की गई है, सभी ने छेड़छाड़ जैसी किसी भी घटना से इनकार किया है. पूरी जांच के बाद ही घटना की असली वजह का खुलासा हो सकेगा. जबकि मौत से पहले नर्मदा ने बेटी से छेड़छाड़ होने का बयान दिया था.’

नर्मदा गरीब परिवार से हैं. उनकी चार बेटियां और एक बेटा है. वह मज़दूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे.

दैनिक भास्कर से बातचीत में नर्मदा की पत्नी गुलाब रानी ने बताया कि बीते 14 अगस्त को नर्मदा ने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया.

गुलाब रानी के अनुसार, कई बार पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन हर बार समझा-बुझाकर मामले को टाल दिया गया था. जिस दिन दोबारा छेड़छाड़ की घटना हुई उस दिन भी पुलिस से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. अगर उस समय कठोर कार्रवाई हुई होती तो मासूमों के सिर से पिता का साया नहीं उठता.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)