भारत

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा गिरफ़्तार, पत्रकारों ने प्रेस पर हमला बताया

विनोद वर्मा ने कहा है कि उनके पास छत्तीसगढ़ के पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत की सेक्स सीडी है और यही कारण है कि छत्तीसगढ़ सरकार उन्हें फंसा रही है.

vinod verma

विनोद वर्मा (फोटो साभार: फेसबुक/विनोद वर्मा)

गाज़ियाबाद: बीबीसी और अमर उजाला में वरिष्ठ पदों पर रह चुके पत्रकार विनोद वर्मा को उगाही के आरोप में छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार तड़के उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि उनके घर से कम से कम 500 पोर्न सीडी, दो लाख रुपये नकद, लैपटॉप और एक डायरी बरामद की गई है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एचएन सिंह ने बताया कि विनोद वर्मा को इंदिरापुरम के वैभव खंड स्थित महागुन मेंशन अपार्टमेंट से शुक्रवार तड़के साढ़े तीन बजे छत्तीसगढ़ पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया.

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के पंदारी पुलिस स्टेशन में विनोद वर्मा के खिलाफ ब्लैकमेल और उगाही का मामला दर्ज किया गया है. सिंह ने कहा, पत्रकार के घर से बड़ी संख्या में सीडी बरामद की गई है. हम उस सामग्री की छानबीन कर रहे हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि इनका संबंध उच्च वर्ग के लोगों से जुड़े किसी सेक्स स्कैंडल से है या नहीं.

वहीं एएनआई के मुताबिक, वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा ने कहा है कि उनके पास छत्तीसगढ़ के एक मंत्री राजेश मूणत की सेक्स सीडी है और यही कारण है कि छत्तीसगढ़ सरकार उन्हें फंसा रही है. उन्होंने कहा कि मेरे पास सेक्स वीडियो पेन ड्राइव में है. सीडी से मेरा कोई लेना-देना नहीं है.

रायपुर जिले के पुलिस अधीक्षक संजीव शुक्ला ने बताया कि प्रकाश बजाज नामक व्यक्ति ने रायपुर के पंडरी पुलिस स्टेशन में एक अज्ञात कॉलर द्वारा फोन पर परेशान किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी. फोन करने वाले व्यक्ति ने उनसे कहा था कि उसके पास उसके आका की एक सीडी है.

शुक्ला ने बताया कि फोन करने वाले ने उन्हें धमकी दी थी कि उसकी मांग पूरी न होने पर वह सीडी बांट देगा. अधिकारी ने बताया कि एक खोजी दल पत्रकार का पता लगाने दिल्ली पहुंचा था.

शुक्ला ने कहा, जांच के दौरान, पुलिस को उस दुकान का पता चला जहां से इस सीडी को कॉपी कराया गया था. दुकानदार ने बताया कि विनोद वर्मा नामक व्यक्ति ने सीडी की एक हजार कॉपी तैयार कराई थी.

अधिकारी के अनुसार मामले में विनोद की संलिप्तता का पता चलने के बाद पुलिस ने गाजियाबाद में अपने समकक्ष से संपर्क कर पत्रकार को उसके घर से गिरफ्तार किया और वहां से सीडी तथा अन्य सामग्री जब्त की.

पुलिस ने बताया कि विनोद वर्मा पर आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

आप नेता एवं पूर्व पत्रकार आशुतोष ने इसे प्रेस पर हमला करार दिया.  अपने एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि वर्मा की रहस्मय तरीके से गिरफ्तारी प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले के समान है.

बीबीसी और अमर उजाला के पूर्व पत्रकार की गिरफ्तारी की खबर बाहर आने के बाद इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के अनेक वरिष्ठ पत्रकार गाजियाबाद स्थित इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्रित हो गए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)