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पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ़्तारी पर भाजपा-कांग्रेस में छिड़ा सियासी घमासान

सीडी मामले को मंत्री ने बताया चरित्रहनन का प्रयास, एफआईआर में नहीं है विनोद वर्मा का नाम, अदालत में नहीं पेश हुई कोई सीडी, पत्रकारों ने पुलिस के दावों पर उठाए सवाल.

Ghaziabad: Former BBC journalist Vinod Verma being arrested by Chhattisgarh Police from his Ghaziabad residence on Friday morning over charges of blackmail and extortion, in Ghaziabad on Friday. PTI Photo (PTI10_27_2017_000197B)

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को उनके गाजियाबाद स्थित आवास से गिरफ्तार किया. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी और राज्य के एक मंत्री की कथित अश्लील सीडी के सामने आने के बाद इस मंत्री ने कहा है कि यह सीडी फर्जी है और चरित्र हत्या का प्रयास है. जबकि पत्रकार वर्मा ने गिरफ्तारी के बाद कहा कि उनके पास छत्तीसगढ़ के पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत की सेक्स सीडी है, इसीलिए छत्तीसगढ़ सरकार उन्हें फंसा रही है.

छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंत्री से इस्तीफा मांगा है. उधर, पत्रकार की गिरफ्तारी से पत्रकारों और मीडियाकर्मियों में आक्रोश है. कई वरिष्ठ पत्रकारों ने इस गिरफ़्तारी को राजनीति से प्रेरित बताते हुए पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं. हालांकि, अदालत में पुलिस कोई भी सीडी पेश नहीं कर पाई. पुलिस ने अदालत से वर्मा की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने रिमांड नहीं दी, बल्कि वर्मा को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है.

एबीपी न्यूज के मुताबिक, ‘चैनल से बात करते हुए विनोद वर्मा ने दावा किया है कि उनके पास छत्तीसगढ़ के एक नेता की सेक्स सीडी थी, जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ पुलिस उनसे खफा थी. उन्होंने कहा, ‘मेरे घर से पुलिस को दो लाख 26 हजार कैश, लैपटॉप और पेन ड्राइव मिली है. मेरे पास बहुत बड़ा मामला है. इस मामले को दबाने के लिए मुझे गिरफ्तार किया गया है. मैंने आज तक राजेश मूढ़त से बात नहीं की है.’

वर्मा को उनके गाजियाबाद स्थित आवास से छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे गिरफ्तार किया था. उन्हें ब्लैक मेलिंग और जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया. उनके आवास से करीब 500 सीडी, दो लाख रुपये नकदी, एक पैन ड्राइव, एक लैपटाप और एक डायरी बरामद करने का दावा किया गया.

इस मामले को लेकर भाजपा कांग्रेस में सियासी घमासान छिड़ गया है. कांग्रेस ने इस मामले को प्रेस की आजादी पर हमला करार देते हुए कहा है कि पत्रकार उक्त आरोप की जांच कर रहे थे, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए. इसके जवाब में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा ने कहा कि यह शर्मनाक है कि विपक्षी दल आपराधिक गतिविधि को मीडिया की स्वतंत्रता से भ्रमित कर रही है.

छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग के मंत्री राजेश मूणत ने शुक्रवार को रायपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सीडी फर्जी है और जब भाजपा नेताओं को किसी अन्य रूप में घेरा नहीं जा सका तब चरित्र हत्या का प्रयास किया जा रहा है.

मूणत ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें इस सीडी की जानकारी मिली है. पूरी सीडी उन्होंने देखी है और कह सकते हैं कि वह पूरी तरह फर्जी है. मूणत ने मांग की है कि इस सीडी की सत्यता की जल्द से जल्द जांच हो और सच सबके सामने आना चाहिए.

मंत्री ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन के 34 साल हो रहे हैं. राजनीति में इतनी गिरावट आएगी इसकी कल्पना उन्होंने नहीं की थी. इस तरह की पांच सौ सीडी के निर्माण का क्या कारण था. उन्होंने मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से आग्रह किया कि जिस भी स्तर की जांच हो इस मामले की जांच होनी चाहिए. मूणत ने कहा कि जिन लोगों ने यह योजना तैयार की है उनके खिलाफ कार्वाई होनी चाहिए.

कांग्रेस ने मांगा मंत्री का इस्तीफा

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने मंत्री से इस्तीफे की मांग की है. भूपेश बघेल ने कहा है कि एफआईआर करने वाले ने अपने आका का नाम नहीं बताया है. उसमें विनोद वर्मा का कहीं भी नाम नहीं है. चार बजे एफआईआर होती है और रात दो बजे विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया जाता है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह भाजपा की आंतरिक लड़ाई है जिसके चलते एफआईआर की गई और छापा डाला गया. दिल्ली और मध्यप्रदेश के मंत्री की तरह यहां भी मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए.
भूपेश बघेल ने कहा कि विनोद वर्मा ख्याति प्राप्त पत्रकार हैं. वह कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य नहीं है. लेकिन कांग्रेस का ट्रेनिंग प्रोग्राम चल रहा था उसमें सोशल मीडिया में एक क्लास जरूर लेते थे.

उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से उनके आग्रह पर विनोद वर्मा सेवा दे रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी ध्यान भटकाने के लिए रिश्तेदारी की बात कर रही है.

बघेल ने दावा किया कि उनके पास भी सीडी थी. लेकिन उसे वह प्रमाणित नहीं कर सकते हैं, क्योंकि सीडी की प्रमाणिकता की जांच नहीं हुई है. सीडी को उजागर भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है.

भाजपा ने कांग्रेस नेता भूपेश बघेल पर लगाया आरोप

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शिवरतन शर्मा ने कहा कि आज सुबह पुलिस द्वारा विनोद वर्मा की गिरफ्तारी की जानकारी मिली. हमें जानकारी मिली है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल द्वारा सीडी बंटवाई जा रही है. बघेल ने स्वीकार किया है कि ऐसी सीडी उनके पास भी है.

उन्होंने कहा कि विनोद वर्मा कौन है और भूपेश बघेल से उनके क्या संबंध है, कांग्रेस में उनकी क्या भूमिका है यह भी स्पष्ट होना चाहिए. अगर वह पत्रकार हैं तो पांच सौ अश्लील सीडी उनके पास क्यों थी.

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह घटनाक्रम भूपेश बघेल और उनकी टीम के द्वारा रचित है. भूपेश बघेल के पास प्रमाण है और कोई सीडी है तो थाने में रिपोर्ट लिखाना चाहिए. केवल राजनीति लाभ लेने के लिए किसी का चरित्र हनन करना राजनीतिक दृष्टि से उपयुक्त नहीं है. यह कांग्रेस का चरित्र रहा है कि अपने राजनीतिक लाभ के लिए किसी को भी बदनाम किया जाए.

शर्मा ने कहा कि यह पूरा मामला ब्लेकमेलिंग का है. इसमें कई बड़े राजनेता शामिल हैं. मुख्यमंत्री पूरे घटनाक्रम की जांच कराएं और जो भी व्यक्ति दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करें.

पत्रकार की गिरफ्तारी प्रेस की आजादी पर हमला: माकन

कांग्रेस ने कथित जबरन वसूली के आरोप में वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी मामले में भाजपा पर निशाना साधते हुए उस पर प्रेस की आजादी को दबाने का आरोप लगाया. पार्टी ने पत्रकार की तुरंत रिहाई की मांग की.

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने छत्तीसगढ़ के मंत्री राजेश मूणत के खिलाफ सेक्स संबंधी गंभीर आरोपों की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग भी की. उन्होंने दावा किया कि पत्रकार इन आरोपों की जांच कर रहा था.

उन्होंने गुजरात के एक पाटीदार नेता के उस आरोप की भी न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की कि भाजपा ने उसे पार्टी में शामिल होने के लिए घूस दी.

माकन ने वर्मा की गिरफ्तारी की चर्चा करते हुए कहा, नरेंद्र मोदी सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार प्रेस की आजादी पर प्रहार करती रही हैं, उसे दबाती रही हैं…हम वर्मा की गिरफ्तारी की कड़ी भर्त्सना करते हैं और मांग करते हैं कि उन्हें फौरन रिहा किया जाना चाहिए. साथ ही राज्य के संबंधित मंत्री के खिलाफ आरोपों की न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए.

बीबीसी की हिंदी सेवा एवं अमर उजाला में काम कर चुके वर्मा ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस उनसे खुश नहीं है क्योंकि उनके पास उस राज्य के मंत्री की सेक्स सीडी है.

मीडियाकर्मियों पर हमलों के अन्य मामलों का उदाहरण देते हुए माकन ने कहा कि वर्मा की गिरफ्तारी को अकेले मामले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. वर्मा के एडीटर्स गिल्ड का सदस्य होने की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें रात में उनके घर से इसलिए उठाया गया कि वह एक राज्य के मंत्री के खिलाफ आरोपों की जांच कर रहे थे तो क्या कनिष्ठ पत्रकार इस तरह की खोजी पत्रकारिता वाली खबरों पर काम कर पाएगा?

आरोपी पत्रकार का बचाव कांग्रेस का दिवालियापन: भाजपा

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा ने शुक्रवार को कहा कि यह शर्मनाक है कि विपक्षी दल आपराधिक गतिविधि को मीडिया की स्वतंत्रता से भ्रमित कर रही है. भाजपा की तरह से यह टिप्पणी तब आई जब जबरन वसूली के आरोप में पुलिस द्वारा पत्रकार विनोद वर्मा को हिरासत में लिए जाने के बाद सत्ताधारी दल पर प्रेस की स्वतंत्रता को दबाने का आरोप लगा.

भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, यह बेहद शर्मनाक है कि कांग्रेस मीडिया की स्वतंत्रता और मीडिया के दायरे से परे आपराधिक गतिविधियों को लेकर भ्रमित है. भयादोहन का प्रयास एक गंभीर आपराधिक दोष है और इसका बचाव करके कांग्रेस अपना राजनीतिक दिवालियापन दिखा रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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