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पत्रकार विनोद वर्मा 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में

मंत्री की अश्लील सीडी मामले में गिरफ़्तार पत्रकार की तीन दिन की पुलिस हिरासत ख़त्म होने पर पुलिस ने न्यायित हिरासत की मांग की थी.

Ghaziabad: Former BBC journalist Vinod Verma being arrested by Chhattisgarh Police from his Ghaziabad residence on Friday morning over charges of blackmail and extortion, in Ghaziabad on Friday. PTI Photo (PTI10_27_2017_000197B)

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को उनके गाजियाबाद स्थित आवास से गिरफ्तार किया. (फोटो: पीटीआई)

रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर की जिला अदालत ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वर्मा के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी भावेश कुमार वट्टी की अदालत ने आज पत्रकार विनोद वर्मा को 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

रिजवी ने बताया कि आज पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने वर्मा को वट्टी की अदालत में पेश किया. जहां पुलिस ने वर्मा के लिए 14 दिनों के न्यायिक हिरासत की मांग की.

अधिवक्ता ने बताया कि बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष कहा है कि इस मामले में उगाही के लिए धमकी का अपराध भी पंजीबद्ध हुआ है. इस मामले में प्रार्थी को जिसने फोन किया था उसका नाम नहीं है. वहीं किस नंबर से प्रार्थी को फोन किया गया था इसकी जानकारी नहीं है.

बचाव पक्ष ने कहा, प्रार्थी से कहां पैसे मांगे गए और उसे कहां बुलाया गया था इसकी भी जानकारी नहीं है. इसलिए अभी तक यह साक्ष्य नहीं है कि वर्मा ने प्रार्थी को धमकी दी थी. इसलिए रिमांड ना देते हुए उन्हें रिहा किया जाए.

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की पुलिस ने पत्रकार विनोद वर्मा को इस महीने की 27 तारीख को उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक वर्मा से पांच सौ अश्लील सीडी, पेन ड्राइव, लैपटॉप, डायरी और अन्य सामान बरामद किया गया था.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्मा को रायपुर के पंडरी थाने में दर्ज प्रकाश बजाज की रिपोर्ट की तहकीकात के दौरान गिरफ्तार किया गया था. बजाज ने थाने में मामला दर्ज कराया है कि एक व्यक्ति ने उसे धमकी दी है कि उसके आका की अश्लील सीडी उसके पास है तथा उसका कहा नहीं मानने पर वह इसे सार्वजनिक कर देगा.

वर्मा की गिरफ्तारी के बाद राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री राजेश मूणत की कथित अश्लील सीडी सार्वजनिक हो गई. मूणत ने इस मामले में यहां के सिविल लाइंस थाने में भी वर्मा और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.

मूणत ने इस वीडियो को फर्जी बताया है. इधर राज्य सरकार ने मंत्री के कथित अश्लील सीडी मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा की है.

सीबीआई जांच से सभी तथ्यों का खुलासा होगा: रमन सिंह

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कांग्रेस पर सत्ता के लिए तुच्छ राजनीति करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा था कि उनकी सरकार ने राज्य के एक मंत्री से जुड़े सेक्स सीडी विवाद की सीबीआई जांच की सिफारिश की है और इससे सभी तथ्य सामने आ जाएंगे.

सिंह ने संवाददाताओं से कहा, हम कभी इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते थे कि कांग्रेस सत्ता के लिए ऐसी तुच्छ राजनीति करेगी. हम भी राजनीति में है और इसे लोगों की सेवा करने का माध्यम मानते हैं. हमारी पार्टी राजनीतिक फायदे के लिए अनैतिक कार्य करने के बारे में नहीं सोच सकती. राज्य सरकार ने पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत से कथित तौर पर जुड़े सेक्स सीडी विवाद की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश कर दी है.

इसके पहले स्थानीय अदालत ने विनोद वर्मा को 31 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था. वर्मा को ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के एक कथित मामले में गाजियाबाद स्थित उनके आवास से शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था.