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शिवराज ​चौहान की नर्मदा सेवा यात्रा में 1.74 करोड़ रुपये की आरती हुई: कांग्रेस

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा, आरटीआई से पता चला मुख्यमंत्री की एक आरती के लिए सरकार ने एक इवेंट मैंनेजमेंट कंपनी को 59,000 रुपये का भुगतान किया.

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नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ‘महा आरती’ करते हुए. (फोटो: पीटीआई)

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदेश में निकाली गई नमामि देवी नर्मदे-सेवा यात्रा के दौरान केवल आरतियों पर ही सरकारी कोष से 1.74 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई.

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने यह आरोप लगाते हुए नर्मदा सेवा यात्रा के आयोजन पर सरकार द्वारा किए गए खर्च की जांच शीर्ष अदालत की निगरानी में कराने की मांग की है.

उन्होंने कहा कि एक आरटीआई जानकारी के अनुसार खरगोन जिले में नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा की गई एक आरती के लिए एक इवेंट मैंनेजमेंट कंपनी को 59,000 रुपये का भुगतान सरकार ने किया है. इस तरह का घोटाला नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान की गई आरतियों में किया गया है.

उन्होंने कहा कि इस प्रकार 148 दिन चली इस यात्रा में सिर्फ आरतियों पर ही 1.74 करोड़ रुपये का खर्च होना आश्चर्य की बात है. जबकि हमारे घर और मंदिरों में आरती पर महज 5-10 रुपये ही खर्च होता है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिंदू, राष्ट्रवाद और भगवान राम की बात करने वाली भाजपा और उसके मुख्यमंत्री चौहान ने नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा में आरती घोटाला कर पूरे हिंदू समाज को शर्मसार किया है.

इस बीच प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष विजेश लूनावत ने कांग्रेस के आरोप पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता द्वारा चुनावों में लगातार नकारने से कांग्रेस की यह हताशा प्रकट हो रही है. नर्मदा सेवा यात्रा विश्व का सबसे बड़ा पर्यावरण एवं नदी संरक्षण अभियान था. इसमें बड़ी संख्या में प्रदेश के लोगों ने भाग लिया था.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगातार 60 साल तक नदी संरक्षण जैसे रचनात्मक कार्यो का नजरअंदाज किया है. उन्होंने कहा, दरअसल कांग्रेस को अच्छे काम हजम नहीं होते हैं.

मध्य प्रदेश सरकार ने 11 दिसंबर, 2016 से 15 मई, 2017 तक प्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा नदी के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नर्मदा सेवा यात्रा का आयोजन किया था. नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक से शुरू होकर लगभग 3300 किलोमीटर की यह यात्रा नदी के दोनों किनारों पर स्थित लगभग 1100 गांवों से होकर गुजरी थी और अमरकंटक में ही इसका समापन हुआ था.