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एनटीपीसी संयंत्र में मरने वालों की संख्या 26 हुई

रायबरेली पहुंचे राहुल बोले, ‘समय से पहले चलाया गया संयंत्र, जांच हो. प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि मंजूर की.

Raebareli: A labourer who sustained burn injuries at NTPC's Unchahar Power Plant being brought to Raebareli district hospital for treatment on Wednesday. At least 16 people are feared dead and several others have been injured after a boiler went off at the plant. PTI Photo (PTI11_1_2017_000189B)

रायबरेली के एनटीपीसी प्लांट में हुए हादसे में घायल कर्मचारियों को जिला अस्पताल लाया गया. (फोटो: पीटीआई)

रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी संयंत्र में बुधवार को बॉयलर फटने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है. वहीं, पीड़ितों से मिलने पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह तय समय से पहले संयंत्र का संचालन शुरू किए जाने की जांच करवाने की मांग करेंगे.

देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने अपने ऊंचाहार संयंत्र में 500 मेगावाट क्षमता की एक इकाई को बंद कर दिया है. यह निर्णय इस संयंत्र में एक बॉयलर विस्फोट में हुई 26 लोगों की मौत के बाद लिया गया है. यह संयंत्र उत्तर प्रदेश के रायबरेली में स्थित है. इस संयंत्र की क्षमता 1550 मेगावाट है और इससे नौ राज्यों को बिजली आपूर्ति की जाती है.

एनटीपीसी ने बयान में कहा, उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित फिरोज गांधी ऊंचाहार तापीय विद्युत स्टेशन की छठी इकाई 500 मेगावाट को एक नवंबर की शाम को हुई दुर्घटना के बाद बंद किया जाता है. संयंत्र की पांच अन्य इकाइयां सामान्य रूप से चालू हैं. एनटीपीसी ने बुधवार को कहा था कि विस्फोट के कारण पता करने के लिए उसने जांच शुरू कर दी है.

Raebareli: Smoke billowing out of NTPC's Unchahar Power Plant where a blast took place in a boiler, in Raebareli district on Wednesday. At least ten people are feared dead and several others have been injured after a boiler went off at the plant. PTI Photo (PTI11_1_2017_000188B) *** Local Caption ***

रायबरेली के एनटीपीसी पावर प्लांट में बॉयलर फटने के बाद निकलता धुआं. (फोटो: पीटीआई)

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डीके सिंह ने गुरुवार को बताया कि बॉयलर फटने से बुधवार रात छह और लोगों की मौत हो गई. इसके साथ इस हादसे में मरने वालों की संख्या 26 हो गई है. बुधवार देर शाम तक हादसे में 16 लोगों के मरने की पुष्टि हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल बताए गए थे.

उन्होंने बताया कि हादसे में घायल करीब 60 लोगों का जिला अस्पताल तथा लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में इलाज किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हादसे पर शोक जताया है. राष्ट्रपति भवन ने ट्वीट किया है, ‘रायबरेली पावरप्लांट के हादसे से गहरा दुख हुआ है. शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं. सरकार घायलों की सहायता कर रही है.’

इस बीच, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी घायलों का हालचाल लेने के लिए रायबरेली पहुंचे हैं. उन्होंने गुजरात से रवानगी के वक्त संवाददाताओं से बातचीत में घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.

रायबरेली से सांसद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ऊंचाहार में हुए हादसे पर गहरा दुख जाहिर करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा है कि वह पीड़ितों की हर संभव सहायता करें.

Raebareli: Congress vice-president Rahul Gandhi wears a mask to visit the injured victims of Unchahar NTPC boiler blast at the district hospital, in Raebareli on Thursday. PTI Photo (PTI11_2_2017_000018B)

रायबरेली में एनटीपीसी प्लांट में हुए हादसे के बाद पीड़ितों से मिलने पहुंचे राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

इस समय मारिशस की तीन दिवसीय यात्रा पर गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना में हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है. साथ ही गंभीर रूप से घायलों को पचास-पचास हजार रुपये तथा अन्य घायलों को पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा भी की है.

मालूम हो कि ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी के 500 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र का बॉयलर बुधवार शाम फट जाने से बड़ी संख्या में मजदूर घायल हो गए थे. उनमें से अब तक 26 की मौत की पुष्टि हुई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनटीपीसी दुर्घटना पर गहरा दु:ख प्रकट किया और इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने की मंजूरी दी.

प्रधानमंत्री कार्यालय के ट्वीट के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, रायबरेली में एनटीपीसी संयंत्र में दुर्घटना से काफी दुखी हूं. मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है और अधिकारी सामान्य स्थिति की बहाली सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं.

समय से पहले हुआ संयंत्र का संचालन: राहुल गांधी

घायलों का हालचाल पूछने यहां पहुंचे राहुल ने एनटीपीसी संयंत्र परिसर में अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान किसी ने उन्हें बताया कि इस संयंत्र को तीन साल के भीतर चलाया जाना था, लेकिन समय से पहले, ढाई साल में ही इसका संचालन शुरू कर दिया गया.

इस पर राहुल ने कहा, हम जांच की मांग करेंगे. लोग कह रहे हैं कि इसको संयंत्र जल्दी चला दिया… चलाना नहीं चाहिए था. इस दर्दनाक हादसे के बाद गुजरात का चुनावी दौरा नवसृजन यात्रा अभियान बीच में ही छोड़कर रायबरेली पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल पूछा और घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों की हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया.

बाद में राहुल संयंत्र परिसर में भी गए. जहां वह एनटीपीसी के अधिकारियों से यह पूछते हुए सुने गए कि कितने कर्मचारी काम कर रहे थे. इस दौरान उनके साथ कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद और दल के प्रान्तीय अध्यक्ष राज बब्बर भी थे.

केंद्रीय उर्जा मंत्री आरके सिंह, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और प्रदेश के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया.

केन्द्रीय मंत्री सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में संयंत्र को जल्दी शुरू किए जाने के सवाल पर कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. यह संयंत्र मार्च से पहले तैयार हो गया था. उसके बाद हमने परीक्षण करके इसे शुरू किया. उन्होंने कहा, यह रखरखाव या डिजायन से जुड़ा मामला हो सकता है. इसकी जांच की जाएगी.

उन्होंने कहा कि एनटीपीसी ने पहले मृतकों के परिजन को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही थी. लेकिन अब अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है.