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सीबीआई के विशेष निदेशक पद पर राकेश अस्थाना की नियुक्ति के ख़िलाफ़ याचिका

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में की मांग, अस्थाना के ख़िलाफ़ सीबीआई जांच पूरी होने तक उन्हें विभाग से बाहर रखा जाए.

Rakesh Asthana

आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना. (फोटो साभार: फेसबुक/राकेश अस्थाना)

नई दिल्ली: गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को सीबीआई में विशेष निदेशक पद पर नियुक्त करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज की तरफ से दायर याचिका में अस्थाना की नियुक्ति को अवैध और मनमाना बताया गया है.

याचिका पर सुनवाई अगले हफ्ते हो सकती है, जिसमें दावा किया गया है कि सीबीआई एक मामले की जांच कर रही है जिसमें अस्थाना का नाम आया है.

उनकी नियुक्ति को रद्द करने की मांग करते हुए इसमें केंद्र को निर्देश देने के लिए कहा गया है कि जांच होने के दौरान उनका तबादला एजेंसी से बाहर किया जाए.

वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से दायर याचिका में अदालत से अपील की गई है कि सरकार को अस्थाना के चयन और नियुक्ति से संबंधित सभी रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा जाए.

याचिका में दावा किया गया है कि सरकार और चयन समिति ने कानून का उल्लंघन करते हुए सीबीआई निदेशक के विचार को दरकिनार कर दिया.

इसमें कहा गया है कि सीबीआई में निदेशक पद के बाद विशेष निदेशक का पद दूसरा बड़ा पद होता है और वह एजेंसी द्वारा देखे जा रहे लगभग सभी महत्वपूर्ण मामलों का निरीक्षण करता है.

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अस्थाना की नियुक्ति के बाद प्रशांत भूषण ने ‘द वायर’ से बातचीत में कहा था कि सीबीआई के नवनियुक्त स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर 4,000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिग मामले में शामिल होने का आरोप है, जिसकी जांच ख़ुद सीबीआई कर रही है.

प्रशांत भूषण ने कहा, ‘सुना है कि सीबीआई के डायरेक्टर ने दो पेज का लिखित नोट दिया है कि ऐसी स्थिति में जहां सीबीआई खुद ऐसे गंभीर मामले में राकेश अस्थाना पर जांच कर रही है, उनका प्रमोशन नहीं किया जा सकता, फिर भी उनका प्रमोशन कर दिया जाता है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)