भारत

परशुराम को इंजीनियर बताने वाले पर्रिकर बोले, मीडिया के लिए वैज्ञानिक सोच ज़रूरी

इंजीनियर दिवस पर बोले थे, ‘मेरा मानना है कि परशुराम इंजीनियरों की बिरादरी से ही रहे होंगे, जिन्होंने समुद्र से ज़मीन निकाल ली.’

Mumbai: Union Defence Minister Manohar Parrikar during an interactive meeting with media in Mumbai on Friday. PTI Photo by Mitesh Bhuvad(PTI5_29_2015_000195B)

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर. (फोटो: पीटीआई)

पणजी: परशुराम को इंजीनियर और इंजीनियरिंग को प्रचीन भारत की कला बताने वाले गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि मीडिया के लिए वैज्ञानिक सोच ज़रूरी है जिससे कि खबरों के माध्यम से समाज को अधिक से अधिक लाभ मिल सके.

हाल ही में भगवान परशुराम को इंजीनियर करार देते हुए पर्रिकर ने कहा था कि भगवान परशुराम के बारे में माना जाता है कि उन्होंने गोवा का सृजन किया और वह जरूर एक इंजीनियर रहे होंगे. पौराणिक कथाओं के अनुसार गोवा के उदय का हवाला देते हुए पर्रिकर ने कहा था, ऐसा कहा जाता है कि भगवान परशुराम ने गोवा का सृजन किया. मेरा मानना है कि परशुराम इंजीनियरों की बिरादरी से ही रहे होंगे, जिन्होंने समुद्र से जमीन निकाल ली.’

इंजीनियर दिवस पर एक कार्यक्रम में पर्रिकर ने कहा था, हजारों साल पहले हमें हस्तिनापुर या पांडवों के महल के बारे में पता था, जिसमें हर तरह की प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल देखा गया. इंजीनियरिंग भारत की बहुत पुरानी कला और कौशल है, जिसे आधुनिक युग में मान्यता दी गई है.’

आधुनिक तकनीक और प्राचीन कला बताकर उसे मिथक और धार्मिक मान्यताओं से जोड़ने वाले पर्रिकर ने अब मीडिया के लिए वैज्ञानिक सोच की वकालत की है.

वे मंगलवार को दोना पावला स्थित राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान में आयोजित ‘हिंद महासागर: आर्थिक एवं भू रणनीतिक महत्व’ विषय पर आयोजित एक कार्यशाला में बोल रहे थे.

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में देशभर से 27 मीडियाकर्मी भाग ले रहे हैं. पर्रिकर ने कहा कि वैज्ञानिक खोजों को समाज तक पहुंचाने में मीडिया बहुत बड़ी भूमिका निभा सकता है. मीडियाकर्मियों के लिए वैज्ञानिक सोच बहुत ज़रूरी है जिससे कि समाज को अधिक से अधिक लाभ मिल सके.

कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विज्ञान नवोन्मेष पर बहुत ध्यान दे रहे हैं और राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान अपने क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि मीडिया को विज्ञान के हर पहलू को जनता तक पहुंचाना चाहिए.

कार्यशाला को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के महानिदेशक गिरीश साहनी और राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान के निदेशक सुनील कुमार सिंह ने भी संबोधित किया.