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हमने मनरेगा को 35 हज़ार करोड़ रुपये दिए तो मोदी ने टाटा के प्रोजेक्ट को: राहुल गांधी

गुजरात चुनाव राउंडअप: कांग्रेस उपाध्यक्ष ने अक्षरधाम मंदिर से इस बार के चुनावी दौरे की शुरुआत की. आम आदमी पार्टी गुजरात में जिस सीट से चुनाव नहीं लड़ेगी, वहां भी करेगी भाजपा के ख़िलाफ़ प्रचार.

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो: फेसबुक/राहुल गांधी)

अहमदाबाद: गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर जारी घमासान के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी प्रदेश का ताबड़तोड़ दौरा कर रहे हैं. शनिवार को उत्तरी गुजरात के सबारकांठा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जबरदस्त हमला बोला.

उन्होंने कहा कि हमने मनरेगा को 35,000 करोड़ रुपये दिए तो वहीं नरेंद्र मोदी ने टाटा के नैनो प्रोजेक्ट को 35,000 करोड़ रुपये दिए.

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली किसान गरीब की बात नहीं समझते हैं. मोदी सरकार को गरीबों की तनिक भी परवाह नहीं है. मोदी गरीब के मन की बात नहीं समझते. उन्होंने ईमानदार लोगों को बैंक के आगे खड़ा कर दिया और बैंक के पीछे हिंदुस्तान के चोर थे. चोरों ने मोदी की मदद से कालेधन को सफेद किया.

इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तरी गुजरात में अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर की यात्रा के साथ की.

अक्षरधाम मंदिर स्वामी नारायण पंथ का है और पटेल समुदाय में इसके काफी अनुयायी हैं. कांग्रेस विधानसभा चुनाव के पहले इस समुदाय को आकर्षित करने का प्रयास कर रही है. प्रदेश में विधानसभा चुनाव दो चरण में नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को होने हैं.

राहुल शुक्रवार सुबह यहां पहुंचे और अक्षरधाम मंदिर गए. उन्होंने मंदिर में भगवान स्वामीनारायण की पूजा अर्चना की और अपना तीन दिवसीय दौरा शुरू किया. इस यात्रा में वह छह जिलों का दौरा करेंगे.

भाजपा ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि राहुल गांधी चुनाव के पहले हिंदू मंदिरों में जा रहे हैं ताकि वोट हासिल किए जा सकें.

उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा, राहुल गांधी क्यों चुनावों के पहले मंदिरों की यात्रा कर रहे हैं. लोग उनके इरादे जानते हैं कि वे ऐसे हथकंडों से वोट हासिल करना चाहते हैं. उनका भक्ति के प्रति कोई झुकाव नहीं है क्योंकि अपने पहले की यात्राओं के दौरान राहुल गांधी कभी किसी मंदिर में नहीं गए.

पटेल ने कहा कि हम चाहते हैं कि कांग्रेस अपनी छद्म धर्मनिरपेक्षता को छोड़ दे और मुख्यधारा हिन्दुत्व का सम्मान करे, लेकिन वोट हासिल करने के लिए उनके हथकंडे गुजरात में सफल नहीं होंगे.

वहीं, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि लोग भाजपा को सबक सिखाएंगे क्योंकि वह मंदिर जाने का विरोध कर रही है.

कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने कहा, क्या किसी के पास भक्ति का पेटेंट है वे लोग मंदिर की यात्रा का विरोध कर रहे हैं. गुजरात के लोग उन्हें सबक सिखाएंगे. उन्होंने कहा, राहुल गांधी जी हिंदू मंदिरों के अलावा जैन मंदिर और गुरूद्वारे भी गए हैं. हम धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करते हैं.

गुजरात में आप जहां चुनाव नहीं लड़ेगी वहां भी भाजपा के खिलाफ प्रचार करेगी

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी गुजरात में भले ही 11 सीट पर चुनाव लड़ेगी लेकिन बाकी सभी सीटों पर भाजपा के खिलाफ प्रचार अभियान चलायेगी.

आप की गुजरात इकाई के प्रभारी गोपाल राय ने स्पष्ट किया कि पार्टी का चुनाव अभियान राज्य की 182 में से सिर्फ 11 सीटों पर ही सीमित है लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रचार अभियान पूरे राज्य में चलाया है.

उन्होंने कांग्रेस को आगाह करते हुये कहा कि गुजरात में भाजपा के खिलाफ लोगों में खासा गुस्सा है लेकिन कांग्रेस का बेहद लचर प्रचार अभियान भाजपा को चुनौती देने में कमजोर साबित हो रहा है. इसलिए आप ने पूरे राज्य में जनता को आगाह करने के लिये उन सीटों पर भी प्रचार अभियान शुरू कर दिया है जहां पार्टी चुनाव नहीं लड़ रही है.

संवाददाताओं से अनौपचारिक बातचीत में राय ने आप के उम्मीदवारों के चयन के सवाल पर कहा कि अभी पार्टी हर सीट के लिए अलग घोषणापत्र बना रही है. ग्राम सभा के स्तर पर आप कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्थानीय समस्यायें पूछ रहे हैं. इसके आधार पर सभी 11 सीटों के लिये पहले घोषणापत्र जारी होगा और इसके तुरंत बाद जनता की राय से ही इन सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतारे जायेंगे.

उन्होंने स्वीकार किया कि पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी को गुजरात में चुनावी तैयारी शुरू कर देनी थी, लेकिन राज्य में चुनाव लड़ने के बारे में फैसला लेने में छह महीने का समय लगाने से प्रचार अभियान विलंबित हुआ.

लोगों ने राहुल को स्वीकार करना शुरू कर दिया है: पवार

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने गुजरात में माहौल सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ होने का दावा किया और कहा कि लोगों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को स्वीकार करना शुरू कर दिया है जो कि उनकी रैलियों में उमड़ने वाली भीड़ में दिखाई दिया है.

पवार ने कहा सत्ता में बैठे लोगों द्वारा राहुल का बहुत मजाक उड़ाया गया लेकिन आज इसका ठीक उल्टा हो रहा है. लोग अब उन्हें स्वीकार कर रहे हैं और उनकी रैलियों में भारी भीड़ देखी जा सकती है.

गुजरात में 50 से 75 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे: शिवसेना नेता

अहमदाबाद: भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने अगले महीने होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव में 50 से 75 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने का निर्णय किया है. यह बात पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कही.

शिवसेना ने यह भी कहा कि वह गुजरात में भाजपा सहित किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी. उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना ने 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव में करीब 40 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन राज्य में अपना खाता नहीं खोल पायी थी जहां भाजपा दो दशक से अधिक समय से सत्ता में है. राज्य में विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं.

शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य अनिल देसाई ने बताया कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने गुजरात में विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

जीएसटी पर सूरत के व्यापारियों को भड़का रही है कांग्रेस: स्मृति

अहमदाबाद: केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि यद्यपि सूरत में छोटे उद्योगपति और व्यापारी जीएसटी अपनाने के लिए तैयार हैं लेकिन कांग्रेस नेता उन्हें गुजरात में भाजपा सरकार के खिलाफ भड़का रहे हैं जहां अगले महीने विधानसभा चुनाव होना है.

स्मृति ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के इस आरोप का खंडन किया कि जीएसटी और नोटबंदी ने सूरत के पैर तोड़ दिये और कहा कि व्यापारी और उद्योगपति कर अनुपालन के लिए तैयार हैं. इसके साथ ही नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में आने में उन्हें जो समस्याओं हो रही हैं मंत्रालय उन्हें दूर करने के लिए सब कुछ कर रहा है.

उन्होंने कहा कि सूरत की उनके पूर्व के दौरे के दौरान व्यापारी, बुनकर, छोटे उद्योगपति और उद्योग में कार्यरत महिलाएं उनके समक्ष कुछ व्यवस्था संबंधी मुद्दे लेकर आयी थीं और उन्हें कर अनुपालन सक्षम बनाने के लिए सभी संभव मदद मुहैया करायी गई.

गुजरात में ओबीसी वर्ग का दिल जीतने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है भाजपा

अहमदाबाद: पटेलों को लुभाने के लिए बनायी गयी कांग्रेस की आक्रामक रणनीति को देखते हुये गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को अपने पाले में लाने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है. गुजरात में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं.

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि अगले महीने होने वाले चुनावों में ओबीसी मतदाताओं का वोट पाने के लिए पार्टी उन्हें दिए जाने वाले टिकटों की संख्या करीब 40 से बढ़ाकर अधिकतम करेगी.

गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा के लिये दो चरणों में नौ और 14 दिसंबर को वोट डाले जायेंगे. पार्टी के एक नेता ने कहा, आगामी चुनावों में भाजपा अधिकतम टिकट अन्य पिछड़ा वर्ग को देगी. राज्य में ओबीसी समुदाय को अपने पाले में लाने पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा.

भाजपा का कट्टर समर्थक रहा पटेल समुदाय आरक्षण की मांग को लेकर इस बार उसके विरोध में खड़ा दिख रहा है. गुजरात में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी का आरक्षण हासिल है.

भाजपा ने पटेलों को ओबीसी सूची में शामिल किए जाने की मांग खारिज कर दी थी और यह कहकर समुदाय को शांत करने की कोशिश की थी कि अगड़ों में आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण दिया जायेगा.

राज्य में पटेल समुदाय की आबादी करीब 13 फीसदी है. वहीं ओबीसी में 146 जातियों को शामिल किया गया है और यह राज्य की करीब 35 फीसदी आबादी हैं.

हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाले पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) की मुख्य मांग उनकी जाति को ओबीसी की सूची में शामिल किया जाना है.

भाजपा प्रवक्ता जगदीश भावसार ने कहा कि वे प्रदेश चुनावों में सभी समुदायों को साथ लेकर चलेंगे. उन्होंने कहा, हम सभी जातियों को अपने साथ लेकर चलेंगे. यह हमारी सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा है. गुजरात में भाजपा को सभी जातियों के वोट मिले हैं और यही वजह है कि हम पांच बार राज्य में चुनाव जीते.

भावसार ने कहा, पहले भी, जहां भी जरूरी लगा हमने ओबीसी उम्मीदवारों को टिकट दिया और हम इस बार भी देंगे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)