विज्ञान

नासा के मंगल मिशन के लिए 1.3 लाख से ज़्यादा भारतीयों ने भेजे अपने नाम

मिशन के लिए पूरे विश्व से कुल 2,429,807 आवेदन मिले हैं. इन नामों को एक माइक्रोचिप पर उकेरा जाएगा. ये चिप हमेशा के लिए मंगल पर रहेगा.

मंगल ग्रह की कंप्यूटर जेनेरेटड तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

मंगल ग्रह की कंप्यूटर जेनेरेटड तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले 1.3 लाख से अधिक भारतीयों ने अपने नाम नासा को भेजे हैं. ये नाम अगले वर्ष मंगल ग्रह जाने वाले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के यान में भेजे जाएंगे.

पिछले महीने नासा ने लोगों से कहा था कि वे अपने नाम भेजें जिसे मंगल जाने वाले इनसाइट (इंटीरियर एक्सप्लोरेशन यूजिस सिसमिक इनवेस्टीगेशंस, जियोडेज़ी एंड हीट ट्रांसपोर्ट) मिशन पर भेजा जाएगा.

जिन लोगों ने नाम भेजे थे उन्हें मिशन के लिए आनलाइन बोर्डिंग पास मुहैया कराए गए थे. नामों को एक सिलिकॉन वेफर माइक्रोचिप पर एक इलेक्ट्रॉनिक बीम की मदद से उकेरा जाएगा. चिप को इनसाइट लैंडर डेक के साथ लगाया जाएगा और यह हमेशा के लिए मंगल पर रहेगा.

चिप को मंगल ग्रह जाने वाले इनसाइट मिशन पर ले जाया जाएगा, जो कि अगले वर्ष पांच मई को रवाना होगा.

मंगल पर नाम भेजने के नासा के आह्वान पर बड़ी संख्या में भारतीयों ने अपने नाम उसे भेजे थे. पूरे विश्व से नासा को कुल 2,429,807 नाम मिले थे.

इसमें से सबसे अधिक 6,76,773 नाम अमेरिका से थे. इसके बाद चीन से 2,62,752 लोगों ने अपने नाम भेजे थे. इस मामले में भारत का स्थान तीसरा है जहां से 1,38,899 भारतीयों ने मिशन के लिए अपने नाम भेजे हैं.

कैलीफोर्निया स्थित नासा के जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी के ब्रूस बैनर्ड ने कहा, ‘मंगल अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले सभी आयु के लोगों को रोमांचित करता है. यह मौका उन्हें उस अंतरिक्ष यान का हिस्सा बनने का मौका देगा जो मंगल ग्रह के बारे में अध्ययन करेगा.’