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अब एक​ दिन में सिर्फ 50 हज़ार तीर्थयात्री कर पाएंगे वैष्णोदेवी के दर्शन

एनजीटी ने तय की सीमा. मंदिर तक पहुंचने वाले नए मार्ग पर घोड़ों और खच्चरों को जाने की इजाज़त नहीं होगी बल्कि इन पशुओं को धीरे-धीरे पुराने मार्ग से भी हटाया जाएगा.

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वैष्णो देवी, जम्मू. (फोटो साभार: विकीपीडिया)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने सोमवार को निर्देश दिया कि जम्मू स्थित वैष्णोदेवी मंदिर में दर्शन के लिए प्रतिदिन केवल 50,000 तीर्थयात्रियों को ही जाने की इजाजत होगी. ऐसा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए किया गया है.

हरित पैनल ने यह भी कहा कि वैष्णोदेवी में पैदल चलने वालों और बैटरी से चलने वाली कारों के लिए एक विशेष रास्ता 24 नवंबर से खुलेगा. यह निर्देश भी दिया कि मंदिर तक पहुंचने वाले इस नए मार्ग पर घोड़ों और खच्चरों को जाने की इजाजत नहीं होगी बल्कि इन पशुओं को धीरे-धीरे पुराने मार्ग से भी हटाया जाएगा.

एनजीटी ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया कि कटरा शहर में सड़कों और बस स्टॉप पर थूकने वालों पर 2,000 रुपये का जुर्माना (पर्यावरण मुआवजा) भी लगाया जाए.

जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एनजीटी की पीठ ने यह स्पष्ट किया कि तीर्थयात्रियों की संख्या तय संख्या 50,000 से अधिक होगी तो उन्हें अर्द्धकुमारी या कटरा में रोक दिया जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि वैष्णो देवी भवन की क्षमता 50,000 से अधिक नहीं है.

यह निर्देश उस याचिका पर सुनवाई के वक्त आए हैं जिसमें याचिका करने वाली एक कार्यकर्ता ने जम्मू स्थित वैष्णोदेवी मंदिर परिसर में घोड़ों और खच्चरों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की थी. इस मुद्दे पर हरित पैनल ने सरकार से जवाब मांगा.

याचिकाकर्ता ने तीर्थयात्रियों और सामान को कटरा से वैष्णोदेवी मंदिर तक ले जाने के लिए घोड़ों, टट्टूओं, खच्चरों और गधों के अंधाधुंध इस्तेमाल के कारण होने वाले प्रदूषण और जन स्वास्थ्य को खतरे पर चिंता जताई थी. साथ ही कहा था कि पैदल चलने वालों खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह खतरा है.

एनजीटी कार्यकर्ता गौरी मौलेखी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था. इसमें कहा गया, नया मार्ग 40 करोड़ रुपये की लागत से बना है और इसके 24 नवंबर तक खुलने की उम्मीद है.

  • Human Resources

    NGT must ban the construction of shops on the way to vaishno devi as it is not only creating hindrance to view the scenic beauty but also pollute the area as every shop sells maggie, chocolates, water bottles which all uses plastic as Plastic bags are already ban. The pollution created by horses, donkeys or pony is much lesser than the permanent damage created by shops in the hills.
    Also there is a need to ban music on the way as it is too loud and creates ruckus in enjoying the path.
    The autos which are running in Katra city must be converted to CNG or battery as it is creating pollution in a great deal.