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गुजरात में विकास सच में पागल हो गया: पी. चिदंबरम

गुजरात चुनाव राउंड अप: चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापन में ‘पप्पू’ शब्द के इस्तेमाल पर लगाई रोक. यशवंत सिन्हा ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा तुगलक ने भी की थी नोटबंदी.

P. Chidambaram Reuters

(फोटो: रॉयटर्स)

अहमदाबाद: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा है कि उन्हें जीवन में एक ही बात का पछतावा है कि वह पूर्ण बहुमत वाली सरकार में वित्त मंत्री नहीं रहे. उन्होंने आर्थिक नीतियों के लिए मोदी सरकार को निशाने पर लिया.

चिदंबरम ने कहा कि गुजरात में विकास वास्तव में पागल हो गया है. उन्होंने राज्य में असमान विकास के लिए भाजपा सरकार की आलोचना की. पूर्व वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार की बुलेट ट्रेन परियोजना को भी आड़े हाथों लिया.

कांग्रेस पार्टी द्वारा गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआई) में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कारोबारियों से कहा, मेरे जीवन में एक ही पछतावा है कि मैं कभी भी पूर्ण बहुमत वाली सरकार में वित्त मंत्री नहीं रहा.

भाजपा नीत राजग सरकार को लोकसभा में मिली पूर्ण बहुमत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के जनमत के साथ कुछ भी किया जा सकता है.

उन्होंने कहा, इस तरह के बहुमत के साथ हम फाइनेंस सेक्टर में पूरी तरह सुधार कर सकते थे. हम करीब-करीब आदर्श रूप में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) पारित कर सकते थे. इस तरह के बहुमत के साथ कोई भी कानून बदला जा सकता था.

चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापन में ‘पप्पू’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाई

अहमदाबाद: चुनाव आयोग ने एक इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापन में ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल करने से गुजरात में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी भाजपा को रोक दिया. इस विज्ञापन में जाहिरा तौर पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को निशाना बनाया गया था जिसे अपमानजनक बताया गया.

राहुल गांधी पर जब निशाना साधा जाता है तो सोशल मीडिया पर ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है. इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए भाजपा के सूत्रों ने बताया कि विज्ञापन की पटकथा में किसी शब्द का किसी व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं है.

गुजरात के सीईओ बीबी स्वैन से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी घटनाक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है और वह विस्तृत जानकारी मिलने के बाद ही कोई प्रतिक्रिया दे सकते हैं.

चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी की, तीन नामांकन दाखिल किए गए

अहमदाबाद: गुजरात विधानसभा चुनावों के पहले चरण के लिए गजट अधिसूचना जारी कर चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है. इसके बाद तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए.

चुनाव आयोग ने पिछले महीने घोषणा की थी कि गुजरात चुनाव दो चरणों में होंगे – नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को और वोटों की गिनती 18 दिसंबर को होगी.

गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि नामांकन दाखिल करने के पहले दिन तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने भुज, तलजा और भावनगर पश्चिम से नामांकन दाखिल किए.

चुनाव के प्रथम चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 नवंबर है.

भाजपा और कांग्रेस जहां अपने उम्मीदवारों का नामों को अंतिम रूप देने प्रक्रिया में है वहीं आम आदमी पार्टी ने अपने 11 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है.

गुजरात भाजपा प्रवक्ता आई के जडेजा के मुताबिक मुख्यमंत्री विजय रूपानी दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर संभावित उम्मीदवारों की सूची पर चर्चा करेंगे.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची 16 नवंबर को जारी कर सकती है. प्रथम चरण में राज्य के 182 विधानसभा सीटों में से 89 पर चुनाव होने हैं जो 33 में से 19 जिले में पड़ते हैं.

दूसरे चरण की अधिसूचना 20 नवंबर को जारी होगी.

यशवंत सिन्हा ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा: तुगलक ने भी की थी नोटबंदी

अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नोटबंदी को लेकर निशाना साधते हुए पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कहा है कि 14वीं सदी के दिल्ली सुल्तान मोहम्मद बिन तुगलक ने भी 700 साल पहले नोटबंदी की थी.

इस विवादित कदम के लिए मोदी की आलोचना करते हुए सिन्हा ने कहा कि नोटबंदी ने देश की अर्थ व्यवस्था को 3.75 लाख करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है.

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यशवंत सिन्हा

उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, बहुत सारे ऐसे शंहशाह राजा हुए हैं जो अपनी मुद्रा लेकर आए. कुछ ने नई मुद्रा को चलन में लाने के साथ-साथ पहले वाली मुद्रा का भी चलन जारी रखा. लेकिन 700 साल पहले एक शंहशाह मोहम्मद बिन तुगलक था जो नई मुद्रा लेकर आया और पुरानी मुद्रा के चलन को समाप्त कर दिया.

गुजरात पर बोझ हैं जेटली, देशवासियों को उनका इस्तीफा मांगने का अधिकार

जीएसटी में त्रुटियां बताते हुए और इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की आलोचना करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि देशवासियों का यह मांग करना उचित होगा कि जेटली उन्हें हुई कठिनाइयों के लिए पद छोड़ें.

उन्होंने यह भी कहा कि जेटली गुजरात की जनता पर बोझ लगते हैं. जेटली गुजरात से राज्यसभा के सदस्य हैं. मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना कर रहे सिन्हा ने यह आरोप भी लगाया कि सभी पहलुओं पर विचार किए बिना जीएसटी को लागू कर दिया गया.

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री सिन्हा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को नोटबंदी और जीएसटी के रूप में एक के बाद एक दो झटके लगे. सिन्हा को लोकशाही बचाओ आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी तथा जीएसटी के प्रभाव और अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति के बारे में विचार व्यक्त करने के लिए गुजरात आमंत्रित किया था.

सिन्हा ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, हमारे वित्त मंत्री गुजरात से नहीं हैं और वह यहां से राज्यसभा में चुने गये हैं. वह गुजरात की जनता पर बोझ हैं. अगर उन्हें यहां से नहीं चुना जाता तो एक गुजराती को मौका मिलता.

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री केवल एक व्यवस्था में विश्वास करते हैं कि चित्त भी मेरी, पट्ट भी मेरी.

सिन्हा ने कहा कि अगर जीएसटी की दरें तय करते समय उचित तरीके से ध्यान दिया जाता तो इस तरह की विसंगतियां और अराजकता से बचा जा सकता था.

उन्होंने कहा, वह देश में गहराई तक दोषपूर्ण कर प्रणाली लागू करने का श्रेय नहीं ले सकते और इस देश की जनता को भलीभांति इस मांग को उठाने का अधिकार है कि उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)