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हिंदू महासभा ने ग्वालियर में बनाया गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का मंदिर

महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने कहा, ‘युवा पीढ़ी ख़ुद तय करे कि एक हत्यारे को नायक बनाना है या सबको समानता और अधिकार देने वाले महापुरुषों को.’

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हिंदू महासभा के ग्वालियर कार्यालय में नाथूराम गोडसे की प्रतिमा. (फोटो साभार: इंडिया टुडे)

भोपाल/मेरठ: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा अपने कार्यालय में महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाने और गोडसे की आवक्ष प्रतिमा स्थापित करने से बुधवार को विवाद उत्पन्न हो गया.

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने फोन पर बताया, हमने 9 नवंबर को जिला प्रशासन से नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाने के लिए जमीन की मांगी थी. प्रशासन द्वारा इनकार किए जाने पर ग्वालियर के दौलतगंज क्षेत्र में स्थित अपने कार्यालय में ही गोडसे का मंदिर बनाया है.

दैनिक भास्कर में छपी खबर में हिंदू महासभा के हवाले से कहा गया है कि ‘युवा पीढ़ी नाथूराम गोडसे को नायक के रूप में पहचाने, इसलिए उनका मंदिर बनाया गया है. महासभा का तर्क है कि गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर देश की सेवा की थी. लेकिन देश में खलनायक के रूप में प्रस्तुत किया गया. 15 नवंबर को अंबाला में नाथूराम को फांसी दी गई थी. महासभा इस दिन को बलिदान दिवस के रूप में मनाती है.’

अखबार ने महासभा के उपाध्यक्ष कैलाश नारायण शर्मा का बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा, ‘प्रशासन ने न जमीन दी और न ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति. तब हमने सोचा कि जिस कार्यालय में गोडसे ने 7 दिन गुजारे थे और बंदूक चलाने की ट्रेनिंग ली थी, उसे ही मंदिर बना दें.’

पुलिस महानिरीक्षक (इंटेलिजेंस) मकरंद देस्कर ने बताया, यह मामला हमारी जानकारी में आया है. जिला पुलिस अधीक्षक इस मामले को देख रहे हैं और कानूनी सलाह के बाद इस बारे में उचित कार्रवाई की जाएगी.

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा, इस विवाद से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी निरादर हुआ है. इससे पहले मुरैना में महात्मा गांधी की प्रतिमा को आग लगाई गई थी और अब महासभा ने बापू के हत्यारे का मंदिर ग्वालियर में बनाया है. हमारी मांग है कि इन लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दायर किया जाए.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले में ट्वीट किया, बापू के हत्यारे का एक मंदिर ग्वालियर में शिवराज सिंह चौहान की नाक के नीचे बनाया गया है, जबकि चौहान गांधी के नाम पर उपवास करने का नाटक करते हैं. यह एक शर्मनाक और निंदनीय कृत्य है.

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता ने कहा, महात्मा गांधी देश की विरासत हैं और कांग्रेस को उन पर अपना एकाधिकार जमाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. इस मामले में यदि किसी ने कानून और संविधान का उल्लंघन किया है तो उस पर कानून की मुताबिक कार्रवाई होगी.

उधर, मेरठ से मिले समाचार के अनुसार हिंदू महासभा ने हरियाणा के अम्बाला में स्थित कारागार जाने की अनुमति मांगी है. महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि गृह मंत्री को डाक विभाग के माध्यम से भेजे गए मांग पत्र में मांग की गई है कि कुछ नेता या कार्यकर्ताओं को अम्बाला जेल जाने की अनुमति प्रदान की जाए, जहां नाथूराम गोडसे और नारायण नाना आप्टे को फांसी दी गई थी.

मूर्ति स्थापना की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने दैनिक भास्कर से कहा कि ‘हिंदू महासभा के लोग नाथूराम का मंदिर बनाकर उन्हें पूजना चाहते हैं तो करें, मैं उन्हें नहीं रोकूंगा. मैं इनका विरोध कर इन्हें महत्व नहीं देना चाहता. युवा पीढ़ी खुद तय करे कि उसे एक हत्यारे को नायक बनाना है या सबको समानता और अधिकार देने वाले महापुरुषों को.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)