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नोटबंदी के बाद नक्सली हमलों में इज़ाफ़ा, साल भर में 250 नक्सली हमले हुए: कांग्रेस

कांग्रेस ने मोदी सरकार के आंकड़ों के जरिये बताया कि सरकार के दावे खोखले, नोटबंदी के बाद नक्सली हमलों में हुई बढ़ोत्तरी.

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प्रतीकात्मक फोटो (पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने नोटबंदी से आतंकवादी और नक्सली हमलों पर काबू पाने के मोदी सरकार के दावों को खोखला बताते हुए कहा कि बीते एक साल में इन हमलों में बढ़ोतरी हुई है.

कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि नोटबंदी की घोषणा के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इस फैसले के बाद आतंकवादी और नक्सली हमलों पर काबू पा लिया जाएगा. उन्होंने केंद्र सरकार के आंकड़ों के हवाले से कहा कि नोटबंदी के बाद नक्सली हमलों में तेजी आई है.

शुक्ला ने कहा कि पिछले एक साल में देश के विभिन्न इलाकों में 250 नक्सली हमले हो चुके हैं और इनके तहत 56 बारूदी सुरंगों में विस्फोट की घटनाएं हुईं. इनमें सुरक्षा बल के 69 जवान शहीद हुए और 86 स्थानीय नागरिक मारे गए.

उन्होंने कहा कि सरकार को अपने ही खुफिया तंत्र से माओवादी गुटों के फिर से संगठित होने और नक्सल प्रभावित इलाकों के रूप में चिन्हित इलाकों रेड कॉरीडोर से बाहर अपना विस्तार करने की भी जानकारी मिली है.

शुक्ला ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से नोटबंदी के बाद नक्सली हमलों में बढ़ोतरी होने के कारणों और इन्हें रोकने के लिए जा रहे उपायों की जानकारी देश की जनता को देने की मांग की.

गौरतलब है कि बीते साल आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब नोटबंदी की घोषणा की थी तो उन्होंने इसके मुख्य उद्देश्यों में नक्सलवाद, आतंकवाद और जाली करेंसी पर लगाम लगाना बताया था.

नोटबंदी आंकड़े आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सरकार से सभी मंत्री यह दावा कर रहे हैं कि नोटबंदी के बाद कश्मीर में आतंकवाद और नक्सली इलाकों में नक्सल गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है. लेकिन कांग्रेस सरकार के ही आंकड़ों से इन दावों को झूठा बता रही है.