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हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की

गुजरात चुनाव राउंडअप: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भावनगर में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस पर साधा निशाना. कांग्रेस के दो उम्मीदवारों ने एक ही सीट पर भरा नामांकन.

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल. (फोटो: पीटीआई)

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल. (फोटो: पीटीआई)

अहमदाबाद: पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने अगले महीने गुजरात चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देने की बुधवार को घोषणा की और उन्होंने कहा कि विपक्षी दल ने पटेल समुदाय को आरक्षण देने की उनकी मांग स्वीकार कर ली है.

पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) नेता ने कहा कि कांग्रेस अपने चुनाव घोषणापत्र में पाटीदारों को आरक्षण का लाभ देने की बात शामिल करेगी.

पटेल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘कांग्रेस पाटीदार समुदाय को आरक्षण देने पर सहमत हो गई है.’

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह के गृह राज्य में भाजपा के लंबे शासन को खत्म करने के लिए जोर-शोर से अभियान चलाया है. कांग्रेस पिछले कुछ समय से पटेल आंदोलन के नेता को लुभाने में लगी हुई थी.

पहली सूची में कांग्रेस ने पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के केवल दो सदस्यों को टिकट दिया जबकि हार्दिक नीत संगठन ने 20 सीटों की मांग की थी.

हार्दिक के निकट सहयोगी और बोटाड से समिति के संयोजक दिलीप साबवा ने मंगलवार को कहा कि चूंकि कांग्रेस ने इस सीट के लिए डीएम पटेल को चुना है इसलिए वह अब दूसरे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं.

गुजरात में पहले चरण में नौ दिसम्बर को 89 सीटों पर चुनाव होगा जबकि दूसरे चरण में 14 दिसंबर को 93 सीटों पर चुनाव होगा. वोटों की गिनती 18 दिसंबर को होगी.

गुजरात चुनाव कांग्रेस की वंशवादी राजनीति बनाम पीएम के विकासवादी एजेंडा की लड़ाई: शाह

भावनगर/गुजरात: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव कांग्रेस के जातिवादी एवं वंशवादी शासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकासवादी एजेंडा के बीच की लड़ाई है. साथ ही, उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज भी कसा.

शाह ने राहुल पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी गुजरात की यात्राएं बढ़ गई हैं क्योंकि वह राज्य को एक पर्यटन स्थल समझते हैं.

उन्होंने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कश्मीर के लिए स्वायत्तता और रोहिंग्या शरणार्थी मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं के बयान को भी आड़े हाथ लेते हुए विपक्षी पार्टी और राहुल से अपना रूख स्पष्ट करने को कहा.

उन्होंने कहा कि 2017 का गुजरात चुनाव महज दो पार्टियों के बीच की लड़ाई, या मुख्यमंत्री बनने के लिए लड़ाई नहीं है बल्कि यह इस बात का फैसला करेगा कि क्या जातिवाद और वंशवाद जीतेगा, या फिर नरेंद्र मोदी का विकासवाद.

गुजरात भाजपा प्रमुख जीतु वघानी के भावनगर पश्चिम सीट से अपना पर्चा भरने से कुछ ही देर पहले एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने यह बात कही.

शाह ने आरोप लगाया कि इस बार कांग्रेस ने अपना प्रचार आउटसोर्स करने की कोशिश की और यह गुजरात चुनाव जीतने के लिए जातिवादी राजनीति कर रही है. उन्होंने पाटीदारों और अन्य समुदायों को अपने पाले में करने की पार्टी की कोशिशों की ओर इशारा करते हुए कहा.

शाह ने कहा, राहुल गांधी को लगता है कि यह गुजरात एक पर्यटन स्थल है. वह यहां अक्सर ही आ रहे हैं. उन्हें यहां आना चाहिए और बताना चाहिए कि केंद्र में 10 साल शासन करने वाली सोनिया-मनमोहन की संप्रग सरकार ने गुजरात के लिए क्या किया.

उन्होंने कहा कि संप्रग ने कुछ नहीं किया. नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात को बुलेट ट्रेन दिया, उन्होंने रो-रो माल ढुलाई सेवा शुरू की, उन्होंने सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिया और केंद्र के साथ गुजरात की सभी लंबित समस्याओं का हल किया.

भाजपा प्रमुख ने कहा, एक ओर जहां नरेंद्र मोदी सरकार कश्मीर के हालात सामान्य करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर चिदंबरम जैसे कांग्रेस नेता गुजरात आते हैं और कश्मीर के लिए स्वायत्तता की मांग करते हैं.

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह चिदंबरम की इस मांग का समर्थन करते हैं.

शाह ने रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पी. चिदंबरम और शशि थरूर ने प्रधानमंत्री को लिख कर कहा कि उन्हें भारत में प्रवेश की इजाजत दी जानी चाहिए.

उन्होंने कहा, क्या भारत अपनी आंतरिक सुरक्षा से खिलवाड़ कर सकता है क्या भारत अपनी सुरक्षा से समझौता कर सकता है गुजरात के लोगों को कांग्रेस से रोहिंग्या मुसलमानों पर अपना रूख स्पष्ट करने के लिए कहना चाहिए.

सूरत: कांग्रेस के दो उम्मीदवारों ने एक ही सीट से नामांकन दाख़िल किया

सूरत में कांग्रेस के दो उम्मीदवारों ने एक सीट से मंगलवार को नामांकन दाखिल कर पार्टी के लिए संकट खड़ा कर दिया.

अधिकारियों ने बताया कि प्रथम चरण के चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख पर सूरत के कामरेज सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अशोक जरीवाला के साथ ही पार्टी के एक अन्य नेता निलेश कुंभानी ने नामांकन दाखिल कर दिया. दोनों उम्मीदवारों ने आधिकारिक पत्र दिखाया कि पार्टी ने उन्हें टिकट दिया है.

पार्टी नेताओं के मुताबिक कामरेज सीट से उम्मीदवार बदलने के कारण यह नौबत आई है क्योंकि पहले कुंभानी को पार्टी ने उम्मीदवार घोषित किया था और फिर 24 घंटे के अंदर निर्णय बदल दिया गया.

कामरेज के निर्वाचन अधिकारी केजी वाघेला ने कहा, चूंकि जरीवाला और कुंभानी दोनों के पास कांग्रेस की तरफ से जारी वैध आधिकारिक पत्र थे इसलिए हमने उनकी उम्मीदवारी स्वीकार कर ली. पार्टी की तरफ से एक ही उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है इसलिए दूसरे को हटा दिया जाएगा. यह निर्णय स्क्रीनिंग के दौरान किया जाएगा.

टिकट नहीं मिलने पर भाजपा विधायक ने पार्टी छोड़ने की धमकी दी

गुजरात विधानसभा चुनावों के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा विधायक शामजी चौहान ने पार्टी छोड़ने की मंगलवार को धमकी दी. वह चोटिला विधानसभा सीट से विधायक हैं.

दो दिन पहले घोषित भाजपा की दूसरी सूची में चौहान सहित नौ मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया गया और नए चेहरों को लाया गया है.

चोटिला विधानसभा क्षेत्र के लिए चौहान की जगह जिनाभाई देदवारिया को टिकट दिया गया है. चौहान को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पिछले साल संसदीय सचिव नियुक्त किया था.

चौहान ने पीटीआई से कहा, एक व्यक्ति जिसने पार्टी हितों के खिलाफ काम किया और पिछले पांच साल में इसे तोड़ने की कोशिश की, उसे चुनाव लड़ने का अधिकार दिया गया है. लोगों के बीच उनकी छवि खराब है और मैं उन्हें चुने जाने के लिए काम नहीं करूंगा.

मुस्लिम संगठनों ने तीन तलाक पर विधेयक की योजना को गुजरात चुनाव से जोड़ा

नई दिल्ली: तीन तलाक को खत्म करने के लिए विधेयक लाने की सरकार की योजना को राजनीतिक स्टंट करार देते हुए देश के कुछ प्रमुख संगठनों ने मंगलवार को आरोप लगाया कि गुजरात विधानसभा चुनाव में फायदा उठाने के लिए इस मामले को फिर खड़ा किया जा रहा है.

सरकार की योजना को राजनीतिक कदम करार देते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारूकी ने कहा, न्यायालय के फैसले के बाद कानून की कोई जरूरत नहीं थी. हमें लगता है कि सरकार इस मामले पर राजनीति कर रही है. यह राजनीतिक कदम है.

कई मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि समूह ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मुशावरत के अध्यक्ष नावेद हामिद ने आरोप लगाया, विधेयक का प्रारूप जब सामने आएगा तो उसके बारे में बात करेंगे, लेकिन आज मैं यही कहूंगा कि यह एक राजनीतिक स्टंट है. गुजरात में चुनाव है और उसी के लिए ध्रुवीकरण का प्रयास हो रहा है.

जमीयत-उलेमा-हिंद के सचिव नियाज फारूकी ने कहा, सरकार के कदम के बारे में मुझे विस्तृत जानकारी नहीं है, लेकिन मैं इतना कहूंगा कि तीन तलाक पर कानून की कोई जरूरत नहीं है.

सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि तीन तलाक कहने की प्रथा को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में विधेयक लाने पर विचार कर रही है और इस संदर्भ में एक मंत्री स्तरीय समिति का गठन किया गया है.

कांग्रेस ने 90 में से पांच उम्मीदवारों को बदला

कांग्रेस ने एक रणनीति के तहत गुजरात चुनावों के लिए अभी तक घोषित 90 उम्मीदवारों में से पांच को बदल दिया है. चुनाव अगले महीने होने वाले हैं.

पार्टी ने बीते सोमवार की रात 13 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी की. इसके अलावा बदले गए उम्मीदवारों की भी सूची जारी की जो 77 उम्मीदवारों की पहली सूची में शामिल थे.

पहली सूची 19 नवंबर को जारी की गई थी.

उम्मीदवारों की सूची में पांच नए नाम हैं- भीखाभाई जोशी जूनागढ़, जयेश पटेल भरूच, अशोक जीरावाला कामरेज, धीरूभाई गजेरा वराचा रोड और डी एम पटेल बोटाड. पहले इनकी जगह क्रमश: अमित थुम्मर, किरण ठाकोर, निलेश कुंबानी, प्रफुल्ल भाई तोगड़िया और मनहर पटेल थे.

गुजरात कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी ने कहा कि इन बदलावों को रणनीति के तहत किया गया है. हमें विभिन्न बातों का ध्यान रखना पड़ता है, साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक पर भी हम काम करते हैं.

कांग्रेस की पहली सूची रविवार को जारी होने के बाद नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं ने सूरत, धोराजी और जामनगर में सोमवार को प्रदर्शन किया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)