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सरकार ने संसद सत्र में विलंब किया, नहीं चाहती चुनाव के पहले राफेल सौदे का सच सामने आए: राहुल

गुजरात चुनाव राउंड अप: राहुल ने राफेल विमान सौदे पर उठाए सवाल, सीतारमण ने कहा, कांग्रेस अलगाववादियों की भाषा बोलती है और सेना का मनोबल गिराती है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात की एक चुनावी सभा में. (फोटो: फेसबुक/कांग्रेस)

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात की एक चुनावी सभा में. (फोटो: फेसबुक/कांग्रेस)

अहमदाबाद/नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को गुजरात के दाहेगाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला और आरोप लगाया कि मोदी अपने गृह राज्य गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले करोड़ों रुपये के राफेल सौदे तथा जय शाह मुद्दे के पीछे की सच्चाई को सामने नहीं आने देना चाहते.

राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि राजग सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में विलंब कर रही है क्योंकि मोदी गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले सदन में राफेल और जय शाह से संबंधित मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहते.

गांधीनगर जिले में यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, मैं मोदी जी से राफेल मुद्दे पर तीन सवाल पूछूंगा. पहला, क्या फ्रांसीसी कंपनी के साथ पहले और दूसरे सौदे में विमानों की कीमतों में अंतर है? क्या भारत ने दूसरे सौदे के अनुरूप अधिक या कम धन का भुगतान किया? और, क्या उद्योगपति, जिसकी कंपनी ने फ्रांसीसी कंपनी के साथ संयुक्त उपक्रम स्थापित किया है, जिसे सौदा दिया गया, ने कभी विमानों का निर्माण किया है?

कांग्रेस नेता ने यह भी जानना चाहा कि राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए पिछले साल फ्रांस के साथ सौदा करते समय क्या यथोचित प्रक्रिया का पालन किया गया?

उन्होंने कहा, और एक अधिक महत्वपूर्ण सवाल, क्या आपने यथोचित सरकारी प्रक्रिया का पालन किया? तत्कालीन रक्षामंत्री गोवा में मछली पकड़ते क्यों दिखे थे और क्या बड़े सौदे के लिए सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति से मंजूरी ली गई थी?

राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इस डर की वजह से इन सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं कि उनके गृह राज्य में महत्वपूर्ण चुनाव से पहले सच्चाई सामने आ जाएगी. उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी जी इन सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं क्योंकि वह चाहते हैं कि सच गुजरात चुनाव से पहले जनता के सामने नहीं आना चाहिए.

मीडिया मोदी से भी सवाल पूछे

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, राफेल भारतीय वायुसेना, राष्ट्रीय सुरक्षा, शहीदों से जुड़ा मुद्दा है. मोदी जी को देश और गुजरात के लोगों के सामने इन सवालों का जवाब देना होगा.

राहुल ने कहा कि मीडिया के लोगों ने उनसे बहुत से सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने राफेल और जय शाह मुद्दों पर प्रधानमंत्री से नहीं पूछा. संवाददाता मुझसे बहुत से सवाल पूछते हैं. मोदी से क्यों नहीं पूछते? मोदी जी जब गुजरात आएं तो लोगों को उनसे राफेल और जय शाह मुद्दे पर पूछना चाहिए.

प्रधानमंत्री का अगले सप्ताह गुजरात में कई चुनावी रैलियों को संबोधित करने का कार्यक्रम है. गुजरात में विधानसभा की 182 सीटे हैं जहां दो चरणों में नौ और 14 दिसंबर को मतदान होगा.

राहुल ने आरोप लगाया, आम तौर पर संसद का शीतकालीन सत्र हर साल नवंबर में होता है और लोकसभा तथा राज्यसभा में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है. लेकिन संसद सत्र इस बार गुजरात चुनाव के बाद होगा.

‘मोदी-रूपानी के दिल में दलितों, किसानों, गरीबों के लिए जगह नहीं’

दलितों के हाथों बने एक विशाल तिरंगे को जगह की कमी का हवाला देकर कथित रूप से स्वीकार नहीं करने पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी की आलोचना करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि उनके पास रखने के लिए यदि थोड़ी भी जगह हो तो वह 50000 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय ध्वज ले लेंगे.

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूपानी के दिल में दलितों, किसानों और गरीबों के लिए नहीं, बल्कि केवल कुछ उद्योगपतियों के लिए जगह है.

राहुल गांधी अहमदाबाद जिले में साणंद शहर के समीप व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान दलित शक्ति केंद्र डीएसके में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. वहां उन्होंने 125 फुट लंबा और 83.3 चौड़ा तथा 240 किलोग्राम वजन का तिरंगा भेंट स्वीकार किया.

यह राष्ट्रीय ध्वज पहले रूपानी को प्रस्तुत किया जाना था. अगस्त में डीएसके उसे लेकर गांधीनगर गया भी था. लेकिन कलेक्टरेट के अधिकारियों ने जगह की कमी का हवाला देकर कथित रूप से लेने से उसे लेने से मना कर दिया.

राहुल गांधी ने कहा, यह झंडा केवल आपका नहीं है बल्कि पूरे देश का है. उन्होंने कहा कि रूपानी के पास इस झंडे को रखने की जगह नहीं है. यदि आप 15 किलोमीटर या 50000 किलोमीटर लंबा झंडा देते हैं और हमारे पास यदि एक इंच भी जगह होगी तो भी हम उसे लेते.

उन्होंने कहा, आपकी भांति मेरे दिल भी इस झंडे के लिए विशाल जगह है. यह भाजपा मुख्यमंत्रियों या प्रधानमंत्री की मानसिकता है कि उनके पास इस झंडे या आपके कठिन परिश्रम के लिए जगह नहीं है. लेकिन उनके पास पूरा गुजरात महज 5-10 उद्योगपतियों के लिए है जो गुजरात या देश में जितना चाहे, जगह पा सकते हैं.

गुजरात में जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने में कांग्रेस विफल: सीतारमण

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को अहमदाबाद में कहा कि गुजरात में कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका अदा करने में असफल रही है. केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग शासन के दौरान गुजरात की कुछ परियोजनाओं को कथित रूप से रोकने के लिए भाजपा नेता ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे संबंधित कुछ निश्चित प्रश्नों के उत्तर उन्हें देने होंगे.

गुजरात में अगले महीने होने वाले चुनाव के लिए प्रचार करने आईं सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा, इन सवालों के उत्तर देने के बदले वह और सवाल पूछ रहे हैं.

अहमदाबाद में मीडिया को संबोधित करतीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: ट्विटर/निर्मला सीतारमण)

अहमदाबाद में मीडिया को संबोधित करतीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: ट्विटर/निर्मला सीतारमण)

उन्होंने कहा कि विधानसभा में विपक्षी दल की ताकत कम होकर 43 रह गई है क्योंकि पार्टी जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका अदा करने में विफल रही है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के 57 विधायक थे और आज यह संख्या कम होकर 43 पर पहुंच गई है. पार्टी को चार बार गुजरात की आवाम ने खारिज कर दिया है.

कांग्रेस सेना का मनोबल गिराना चाहती है

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को यह कहते हुए कांग्रेस पर प्रहार किया कि पार्टी सदैव ऐसे बयान देती रहती है जिससे सेना का मनोबल गिरता है और उसका कद घटता है.

उन्होंने इस बात पर अफसोस प्रकट किया कि सोनिया गांधी की अगुवाई वाली पार्टी अक्सर अलगाववादियों की भाषा बोलती है और उन लोगों का समर्थन करती है जो देश को बांटने की बात करते हैं.

यहां संवाददाताओं से बातचीत में मंत्री ने प्रधानमंत्री को निशाना बनाकर चाय वाला और मेमे मजाक को लेकर विपक्ष की निंदा की और कहा कि वह अतीत की गलतियों से सीख लेने में विफल रही.

उन्होंने कहा, आज, कांग्रेस अलगाववादियों की बोली बोल रही है और बड़े उत्साह से उनके साथ जुड़ती है. कांग्रेस उपाध्यक्ष जेएनयू के उन गुमराह युवकों का समर्थन करते हैं जो देश को टुकड़े करने की बात करते हैं.

निर्मला सीतारमण ने पी चिदंबरम की ओर इशारा करते हुए कहा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जम्मू कश्मीर के लिए स्वायत्तता की पैरोकारी करते हैं और कहते हैं कि अलगाववादी स्वायत्तता की बात करते हैं न कि स्वतंत्रता की. वह आजादी की अलग परिभाषा देते हैं. जब वह संप्रग सरकार में गृहमंत्री थे तब उन्होंने कहा था कि सेना शांति प्रक्रिया के विरुद्ध है.

उन्होंने कहा, एक कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित सेना प्रमुख को गली का गुंडा जैसा बताते हैं. कांग्रेस सदैव सेना का मनोबल गिराने और सेना का कद गिराने पर तुली रहती है.

उन्होंने कहा कि मोदी को मुख्य विपक्षी दल ने अनावश्यक रूप से निशाना बनाया. उन्होंने कहा, हमारे प्रधानमंत्री, जो देश के लाभ के लिए काम करते हैं, पर खून की दलाली का आरोप लगाया और उन्हें चाय वाला बताया. हर चुनाव से पहले कांग्रेस को मोदी के खिलाफ बयान देकर खुद को नुकसान पहुंचाने की आदत है. किसने कहा था कि मोदीजी मैं आपको चाय बेचने के लिए स्टॉल दूंगा.

व्याख्याता की दुर्दशा सुन राहुल हुए भावुक, गले लगाया

गुजरात में शिक्षा जगत के लोगों के साथ बातचीत के दौरान अंशकालीन महिला व्याख्याता की दुर्दशा सुनकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भावुक हो गए और उन्हें गले से लगा लिया.

गुजरात में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले चुनाव प्रचार के लिए राहुल गांधी गुजरात के दो दिन के दौरे पर हैं. इस दौरान राहुल गांधी के साथ स्कूल शिक्षकों, प्राध्यापकों, व्याख्याताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था. इसी में महिला व्याख्याता रंजना अवस्थी भी आई थीं जिन्होंने अपनी दुर्दशा राहुल के समक्ष बयां की.

राहुल के संबोधन के बाद जब रंजना को माइक दिया गया तो उन्होंने दिल खोल कर अपनी बात कही. रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुकी रंजना ने पार्टी की सरकार बनने पर राहुल से अध्यापकों के समक्ष उत्पन्न समस्याओं से निपटने की कांग्रेस की योजना के बारे में पूछा.

रुंधे गले से रंजना ने खुद को अंशकालीन व्याख्याता बताते हुए बताया कि प्रदेश में उनकी तरह कई ऐसे व्याख्याता हैं जिन्हें उनके बुनियादी अधिकार से वंचित रखा गया है.

भारी दिल से रंजना ने कहा, मैंने 1994 में संस्कृत से पीएचडी की है. उस समय से हम बहुत खराब स्थिति में रह रहे हैं. अंशकालीन सेवा के 22 साल बीत जाने के बावजूद हमारा वेतन केवल 12 हजार रुपये प्रति महीना है. हमें मातृत्व अवकाश नहीं दिया जाता है. इस सेवा के दौरान हमने जिंदगी का सबसे खराब समय देखा है.

रंजना ने कहा, अब सरकार 40 हजार रुपया प्रति महीना वेतन निश्चित कर हम लोगों की पूरी सेवा को समाप्त कर देने की योजना बना रही है. दूसरों की तरह हम भी पेंशन और अन्य लाभ के साथ रिटायर होना चाहते हैं ताकि सम्मानित जीवन जी सकें.

रोते हुए रंजना ने कहा, लेकिन अब कोई आशा नहीं है. केवल हम जानते हैं कि हमने किस प्रकार का संघर्ष किया है और किस प्रकार के दर्द से हम गुजरे हैं.

गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान लोगों से मिलते राहुल गांधी. (फोटो: फेसबुक/कांग्रेस)

गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान लोगों से मिलते राहुल गांधी. (फोटो: फेसबुक/कांग्रेस)

इसके बाद रंजना ने राहुल से निवेदन किया कि वह आश्वस्त करें कि अगले महीने होने वाले चुनाव के बाद अगर उनकी पार्टी गुजरात में सत्ता में आती है तो उनके जैसे लोग प्रभावित नहीं हों. रंजना ने राहुल से अपील की कि वह यह सुनिश्चत करें कि अंशकालीन शिक्षक भी अवकाश ग्रहण करने के बाद पेंशन पा सकें.

रंजना के बोलने के बाद हाथ में माइक रखे राहुल ने कुछ रुक कर कहा, कभी कभी कुछ प्रश्नों का उत्तर आप शब्दों के साथ नहीं दे सकते हैं. इसके बाद 47 वर्षीय कांग्रेस सांसद ने अपना माइक मंच पर रखा और व्याख्याता की तरफ उसे सांत्वना देने के लिए बढ़े जो हाल के मध्य में एक कतार में बैठी थीं.

राहुल ने रंजना के साथ कुछ देर तक बातचीत की और वापस मंच पर आने से पहले उन्हें गले से लगा लिया. कांग्रेस नेता का इस तरह का अचानक व्यवहार लोगों के दिल को छू गया.

इसके बाद उन्होंने गुजरात में कांग्रेस के सत्ता में आने पर शिक्षा जगत के लोगों से सार्वजिनक शिक्षा व्यवस्था तथा स्वास्थ्य प्रणाली को बेहतर बनाने का वादा किया. राहुल ने गुजरात में फिक्स वेतन प्रणाली को अनुचित करार देते हुए कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर इसे बदला जाएगा.

सवालों से बचने के लिए संसद सत्र में देरी की गई: राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को साणंद में आरोप लगाया कि सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में इसलिए देरी क्योंकि वह गुजरात चुनावों से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह, राफेल सौदे और डोकलाम गतिरोध से संबंधित मुद्दों पर बहस करने से बचना चाहती थी.

हालांकि, नई दिल्ली में शुक्रवार को ही संसद सत्र के 15 दिसंबर से आयोजन की घोषणा की गई. इससे एक दिन पहले 14 दिसंबर को गुजरात विधानसभा चुनाव का दूसरा और आखिरी चरण संपन्न होगा. सामान्य तौर पर शीतकालीन सत्र नवंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू होकर दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक चलता है.

राहुल ने संसद सत्र की घोषणा के कुछ घंटे बाद कहा, उन्होंने संसद को बंद कर दिया. हर साल नवंबर में संसद खुलती है लेकिन इस साल नवंबर में नहीं खुलेगी. आप देख लीजिए, यह चुनावों से पहले नहीं खुलने वाली.

उन्होंने कहा, ऐसा इसलिए क्योंकि वे नहीं चाहते कि गुजरात चुनावों से पहले संसद में जय शाह, राफेल सौदा और डोकलाम के मुद्दों पर चर्चा हो.

कुछ नाराजगी के बावजूद भाजपा अच्छा प्रदर्शन करेगी: राम माधव

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने शुक्रवार को इस बात को लेकर विश्वास जताया कि उनकी पार्टी गुजरात में पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करेगी. उन्होंने कहा कि कुछ नाराजगी के बावजूद लोगों ने नोटबंदी और जीएसटी को लागू किए जाने का समर्थन किया है.

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए दो कदमों को परिवर्तनकारी बताया और कहा कि कोई भी बदलाव बिना दर्द के नहीं होता है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को पिछले साल नवंबर में उच्च मूल्य के नोटों को अचानक बंद करने और इस साल जुलाई में जीएसटी लागू करने से लोगों को हुई कठिनाई के बारे में पता है.

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भाजपा नेता राम माधव. (फाइल फोटो: पीटीआई)

उन्होंने हालांकि कहा कि देश की बुनियादी अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिये इस तरह के कदम की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा, हम पिछली बार के मुकाबले इस बार बेहतर अंतर से जीत दर्ज करेंगे. कुछ पत्रकारों ने मुझसे कहा है कि लोगों के बीच कुछ नाराजगी के बावजूद वे भाजपा का समर्थन करेंगे. आधा गुस्सा पत्रकारों का है. आपके परिवार में कोई आपसे नाराज नहीं होता है. वे जुड़ाव की वजह से नाराज होते हैं.

किसी का भी नाम लिए बिना माधव ने कहा, दिल्ली में कुछ बुद्धिजीवी भाजपा के लिए समर्थन से डरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि बुद्धिजीवियों के लिए एक नया शब्द डेमोफोबिया आरक्षित रखा गया है. डेमोफोबिया- एक तरह का डर है जिसमें बुद्धिजीवी लोगों से डरते हैं.

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी कहा करते थे कि भारत को राजनैतिक स्वतंत्रता मिल गई है, लेकिन आर्थिक और सामाजिक स्वतंत्रता अब भी नहीं मिली है. उन्होंने कहा, गोरे लोग तो गए, हमारे गोरे आ गए. मैं नस्ली संदर्भ में नहीं कह रहा हूं. कृपया मुझे गलत नहीं समझें क्योंकि कोई टुकड़ों में दिखाएगा कि मैंने नस्ली बयान दिया है.

समुद्र में प्रदूषण उद्योगपतियों ने फैलाया है जो मोदी जी के दोस्त हैं

गुजरात चुनाव से पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को पोरबंदर में मछुआरा समुदाय के लोगों से मुलाकात की और वादा किया कि अगर उनकी पार्टी केंद्र में सत्ता में आती है तो अलग से मत्स्य मंत्रालय बनाया जाएगा.

राहुल ने मछुआरों को नौका के लिए डीजल की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी को समाप्त करने के लिए भाजपा सरकार की आलोचना की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात के मछुआरों को प्रदूषण के कारण अब मछली पकड़ने के लिए गहरे समुद्र में जाना पड़ता है. ये प्रदूषण 10-15 उद्योगपतियों ने फैलाया है जो कि मोदी जी के दोस्त हैं.

राहुल ने मछुआरा समुदाय को संबोधित करते हुए विश्वास जताया कि कांग्रेस राज्य में जीत हासिल करेगी, जहां वह पिछले 22 वर्ष से सत्ता से बाहर है. राहुल ने कहा, मछुआरों का काम किसानों की ही भांति होता है. कुछ समय पहले आप लोगों ने मांग की थी कि कृषि क्षेत्र के लिए मंत्रालय है तो मछुआरों के लिए क्यों नहीं? मैं आपसे सहमत हूं, और मैं आपसे वादा करता हूं कि केंद्र में सरकार बनाने के बाद कांग्रेस इसका गठन करेगी.

उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते भाजपा नीत राज्य सरकार ने नैनो कार परियोजना के लिए टाटा मोटर्स को 33,000 करोड़ रुपये दिए थे. जब कांग्रेस सत्ता में थी मछुआरों को डीजल खरीद में 25 प्रतिशत सब्सिडी मिलती थी. वह सब्सिडी जो महज 300 करोड़ रुपये सालाना थी, जिसे भाजपा सरकार ने समाप्त कर दिया. ये किस तरह का जादू है वे 33,000 करोड़ रुपये नैनो फैक्ट्री के लिए दे सकते हैं लेकिन आपको 300 करोड़ रुपये नहीं दे सकते.

उन्होंने आरोप लगाया, मुझे पता चला है कि आपको मछलियां पकड़ने के लिए गहरे समुद्र में उतरना पड़ता है. प्रदूषण के कारण. लेकिन ये फैलाया किसने? यकीनन मछुआरो ने नहीं. इसे 10-15 उद्योगपतियों ने फैलाया है जो कि मोदी जी के दोस्त हैं… उन्होंने आपके सारे पैसे ले कर उन 10-15 लोगों को दे दिए हैं.

उन्होंने कहा कि मछुआरों के लिए कुछ भी ठोस करने की बजाए मोदी ने सारे बंदरगाह अपने कुछ उद्योगपति दोस्तों को दे दिए हैं. राहुल ने मोदी के रोडियो कार्यक्रम मन की बात का भी मखौल उड़ाया और कहा कि गुजरात में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार के दरवाजे खोल दिए जाएंगे ताकि आप हमें अपने मन की बात बता सकें. अभी तक वो दरवाजे केवल अमीरों के लिए खुले थे और केवल उन्हीं की बात सुनी जाती थी. आपकी आवाज कभी सरकार तक नहीं पहुंची.

गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रचार नहीं करेंगे केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुजरात के आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों के लिये चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लेंगे.

आप की गुजरात इकाई के प्रभारी गोपाल राय ने शुक्रवार को बताया कि केजरीवाल गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए नहीं जाएंगे. पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनाव में आप कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं द्वारा घर-घर जाकर वोट मांगने की रणनीति अपनाई है. इसलिए राष्ट्रीय नेताओं को स्टार प्रचारक के तौर पर गुजरात जाने की कोई जरूरत नहीं है. पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं द्वारा जनसंपर्क अभियान को ही प्रचार का मुख्य आधार बनाया है.

उल्लेखनीय है कि आप ने गुजरात विधानसभा चुनाव में सभी 182 सीटों पर चुनाव लड़ने के बजाय उन चुनिंदा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की रणनीति बनाई है जहां सामाजिक एवं अन्य चुनावी समीकरणों के लिहाज से आप का संगठनात्मक ढांचा मजबूत है. इसके तहत आप ने अब तक 33 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं.

सूत्रों के मुताबिक आप के शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी की केंद्रीय इकाई के नेता कुमार विश्वास सहित कुछ अन्य असंतुष्ट नेताओं की नाराजगी से बचने के लिए गुजरात में स्टार प्रचारकों के इस्तेमाल के बजाय जनसंपर्क अभियान पर ही जोर दिया है.

गुजरात कांग्रेस प्रमुख सोलंकी का फर्जी इस्तीफा वायरल, कांग्रेस बोली भाजपा जिम्मेदार

चुनाव से ठीक पहले सोशल मीडिया पर गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी का इस्तीफा वायरल हो गया. पत्र में कथित तौर पर सोलंकी के हस्ताक्षर हैं जो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को संबोधित कर लिखा गया है.

पत्र में कहा गया है कि सोलंकी पार्टी द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों से आहत होकर राज्य अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहे हैं जिसमें टिकट का बंटवारा भी शामिल है. पत्र में सोलंकी के हवाले से कहा गया है कि वह दुखी हैं कि अयोग्य उम्मीदवारों को टिकट बेचे गए.

कांग्रेस ने बीते गुरुवार को भाजपा पर आरोप लगाया कि वह घबराहट में सोशल मीडिया पर झूठ फैला रही है. विपक्षी दल ने कहा कि इस मुद्दे की शिकायत वह चुनाव आयोग से करेगा.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा, पत्र फर्जी है और कांग्रेस के साथ शरारत की गई है. हम इसके खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे. सोलंकी ने कहा कि उनका परिवार चार पीढ़ियों से कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता. सोलंकी ने ट्वीटर पर भी पत्र को फर्जी बताया.

हार्दिक पटेल को वीआईपी सुरक्षा

केंद्र ने गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को वाई श्रेणी की सशस्त्र वीआईपी सुरक्षा प्रदान की है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल सीआईएसएफ को पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के नेता की सुरक्षा का जिम्मा दिया गया है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीआईएसएफ कमांडो का एक दल जल्द ही सुरक्षा का प्रभार संभालेगा. पटेल के साथ करीब आठ कमांडो होंगे. उन्होंने बताया कि केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में पटेल को ऐसी सुरक्षा देने की बात कही गई है. उनकी सुरक्षा को खतरे की आशंका है और इसलिए उन्हें सशस्त्र सुरक्षा की जरूरत है.

नर्मदा परिक्रमा करने निकले दिग्विजय पहुंचे गुजरात

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह शुक्रवार को अपने साथ चल रहे लोगों के साथ गुजरात में प्रवेश कर गए. वह 3300 किलोमीटर नर्मदा परिक्रमा पर निकले हैं. सिंह ने 30 सितंबर को मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में ब्रमण घाट से पैदल यात्रा शुरू की थी.

केवादिया में गुरुवार को सरदार सरोवर बांध के नजदीक शूलपानेर मंदिर पहुंचने पर संवाददाताओं से बात करते हुए सिंह ने कहा कि वह राजनीति पर चर्चा नहीं करेंगे.

वह चुनावी राज्य गुजरात में 20 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेंगे. इसमें जनजातीय बहुल नांदोड़, देदियापाड़ा, झगाड़िया और नेतरंग होकर जाएंगे जहां नौ दिसंबर को चुनाव होना है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि गुजरात के लोग जानते हैं कि क्या सही है और क्या गलत है. उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग ऐसी सरकार को चुनेंगे जो सच्चाई में यकीन रखती है, झूठे प्रचार में नहीं. सिंह ने यह भी कहा कि उनकी परिक्रमा पूरी तरह से धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)