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देश को विपक्ष मुक्त बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहा केंद्र: मायावती

बसपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को चेताया, लोकसभा चुनाव समय से पहले होने की संभावना, अपनी कमियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा हिंदुत्व को बना सकती है मुद्दा.

बसपा प्रमुख मायावती. (फोटो: पीटीआई)

बसपा प्रमुख मायावती. (फोटो: पीटीआई)

भोपाल: बसपा सुप्रीमो मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं को भाजपा से सावधान रहने की ताकीद करते हुए कहा कि देश में अगला लोकसभा चुनाव समय से पहले होने की पूरी संभावना है और इन चुनावों में भाजपा हिंदुत्व को मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकती है.

मायावती ने यहां लाल परेड मैदान पर बसपा कार्यकर्ताओं के महासम्मेलन को संबोधित करते हुए शुक्रवार को कहा, इस बार देश में लोकसभा के आम चुनाव समय से पहले होने की संभावना है. अपनी केंद्र और राज्य सरकारों की कमियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा चुनाव में हिंदुत्व को मुद्दा बना सकती है. अयोध्या में राम मंदिर बनना भी शुरू हो सकता है. यह पार्टी भाजपा चुनाव जीतने के लिए और बसपा को कमजोर करने के लिए देशभक्ति के नाम पर किस्म-किस्म के हथकंडे अपना सकती है.

उन्होंने कहा कि इसे ध्यान में रखकर इस विशाल रैली के बाद कार्यकर्ताओं को आराम से नहीं बैठना है. वापस अपने क्षेत्र में जाकर अपनी पार्टी के कार्यों में जी जान से जुट जाना है. उन्होंने कहा कि हमें यह रिपोर्ट मिल रही है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जनता भाजपा को उखाड़ने का मन बना चुकी है.

आरक्षण को कम करने में लगी हैं सरकारें

मायवती ने कहा कि पूरे देश में दलितों और अन्य पिछड़े वर्ग को नौकरियों में आरक्षण और अन्य सुविधाएं मिली हैं, या मिल रही हैं. ये कांग्रेस, गांधी, नेहरू या बीजेपी एंड कंपनी के लोगों ने नहीं दी हैं, बल्कि यह पूरी की पूरी देन एकमात्र बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की है.

बसपा प्रमुख ने कहा, ये जो सुविधाएं आरक्षण आपको मिल रही हैं, विरोधी पार्टी के लोगों को अच्छा नहीं लग रहा है. अब तो सभी विरोधी पार्टियां अपनी सरकारों में इन वर्गों के आरक्षण को काफी कम करने में लगी हुई हैं, जबकि पदोन्नति में आरक्षण को तो इन्होंने पहले ही काफी हद तक प्रभावहीन बना दिया है.

उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को बसपा से दूर रखने के लिए विरोधी पार्टियों ने अभी तक यह जताया हुआ था कि बसपा इस वर्ग को आरक्षण देने के खिलाफ है, जबकि सच्चाई यह है कि बसपा की वजह से ही इन्हें आरक्षण की सुविधा हासिल हुई है. तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने की शर्त स्वीकार करने पर ही बसपा ने अपना समर्थन दिया था.

अपने खिलाफ आरोपों पर पर्दा डाल रही भाजपा

बसपा प्रमुख मायावती ने आरोप लगाया कि पूरे देश को विपक्ष मुक्त बनाने के लिए सभी विरोधी पार्टियों को कमजोर करने या खत्म करने के लिए केंद्र सरकार, सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है खासकर सीबीआई, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय आदि का काफी गलत इस्तेमाल हो रहा है.

उन्होंने कहा, इसके अलावा देश में भ्रष्टाचार और कालेधन को बाहर निकालने के नाम पर भाजपा ज्यादातर अपनी विरोधी पार्टी के लोगों को खासा निशाना बनाए हुए है, लेकिन अपनी खुद की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा इनकी अपनी केंद्र और राज्य सरकारों पर आए दिन लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर पर्दा डाल रहे हैं. ऐसे कई मामले मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों के खिलाफ आप लोगों के सामने उजागर हुए हैं लेकिन इन सबके पर ये लोग पर्दा डाल रहे हैं.

पूरे देश में तानाशाही राज चल रहा है

उन्होंने कहा, इसके साथ ही इन्होंने अपने स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं और मीडिया आदि को प्रभावहीन बना दिया है. पूरे देश में लोकतंत्र को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है और अब इनका पूरे देश में तानाशाही और मनमानी वाला राज चल रहा है और अब तो ये लोग कांग्रेस पार्टी के राज में वर्ष 1975 में लगे आपातकाल से भी काफी आगे निकल चुके हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में बसपा कार्यकर्ताओं को रात दिन मेहनत करके बीजेपी और एनडीए के दलों को कमजोर करने के लिए बसपा के जनाधार को सर्वसमाज में बड़े पैमाने पर बढ़ाना है. इसलिए बसपा के कार्यकर्ताओं को इनके सभी षडयंत्रों और हथकंडों से सावधान रहना है और राज्य और केंद्र में इन्हें सत्ता में आने से रोकना है.

मायावती ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे बिना तैयारी से लिए गए फैसलों से देश की अधिकांश जनता दुखी है. देश में गरीबी और बेरोजगारी काफी बढ़ गई है और अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है. इनकी पार्टी में भी इसका काफी खुलकर विरोध हो रहा है.