नॉर्थ ईस्ट

नॉर्थ ईस्ट डायरी: एनआरसी के लिए ग्राम पंचायत का प्रमाण पत्र नागरिकता का सबूत नहीं

इस हफ़्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में असम, मेघालय, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के प्रमुख समाचार.

फोटो: रॉयटर्स/nrcassam.nic.in

फोटो: रॉयटर्स/nrcassam.nic.in

नयी दिल्ली:  उच्चतम न्यायालय ने 22 नवंबर को कहा कि ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र नागरिकता का दस्तावेज नहीं है और यह राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) में शामिल करने का दावा करने के लिये किसी अन्य वैध रिकॉर्ड के बगैर निरर्थक  है .

जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस आरएफ नरीमन की पीठ ने कहा इस तरह का प्रमाण पत्र जारी करने से पहले किसी प्रकार की पुष्टि नहीं की जाती है.

शीर्ष अदालत ने कहा कि वह इस बारे में आदेश पारित करेगी कि क्या गौहाटी उच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में प्रविष्टि के लिये दावा करने संबंधी दस्तावेज को अवैध करार देना सही है या लोगों को नागरिकता के बारे में अपने दावे को साबित करने के लिये और अवसर देने की आवश्यकता है.

पीठ ने कहा, ‘ग्राम पंचायत सचिव द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र नागरिकता के बारे में दस्तोवज नहीं है. यदि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में प्रविष्टि के लिये इसके समर्थन में कोई अन्य वैध दस्तावेज नहीं है तो यह निरर्थक ही है. यह केवल एक समर्थित दस्तावेज है और इसे वैध मानने के लिये इसकी समुचित पुष्टि करने की आवश्यकता है.’

शीर्ष अदालत गौहाटी उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही थी जिसमें व्यवस्था दी गयी थी कि ग्राम पंचायत के सचिव द्वारा रहवास के बारे में दिया गया प्रमाण पत्र नागरिकता के दावे के लिये कानूनी और वैध दस्तावेज नहीं है.

राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में नाम शामिल करने के लिये अब तक किये गये 3 करोड़ 29 लाख दावों में से  ग्राम पंचायतों के सचिवों द्वारा जारी इस तरह के प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करके करीब 48 लाख लोगों ने नागरिकता का दावा किया है.

ज्ञात हो कि यह रजिस्टर असम में गैरकानूनी प्रवासियों की पहचान के लिये तैयार किया जा रहा है. राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर का मसौदा 31 दिसंबर से पहले प्रकाशित किया जाना है.

इससे पहले, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के संयोजक प्रतीक हजेला ने न्यायालय को बताया था कि इस रजिस्टर में प्रविष्टि के लिये किये गये 48 लाख दावों में से 20 लाख राज्य के मूल लोग हैं और यदि यह साबित हो जाता है तो फिर किसी अन्य तरह की पुष्टि की जरूरत नहीं है.

असम: एपीएससी घोटाले में न्यायिक हिरासत में लिए गये 14 अधिकारी सेवा से निलंबित

Apsc

गुवाहाटी: एक विशेष अदालत ने असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) में नौकरी के लिए नकदी घोटाले में असम सिविल सेवा के गिरफ्तार 14 अधिकारियों की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

न्यायाधीश ए भट्टाचार्जी ने प्रतिष्ठित सेवा में नौकरी पाने के लिए पैसे देने के आरोप में निलंबित 14 अधिकारियों को जेल भेज दिया. असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के मीडिया सलाहकार हृषिकेश गोस्वामी ने कहा, ‘जेल जाने वाले सभी लोगों को निलंबित कर दिया गया है’

असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने कहा कि पुलिस को अधिकतम 14 दिन की रिमांड मिल सकती है . इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया .

उन्होंने कहा कि बाकी लोगों को भी समय पर अदालत के सामने पेश किया जाएगा.

पुलिस ने घोटाले में 2015 बैच के चिह्नित 25 अधिकारियों में अब तक 23 को गिरफ्तार किया है.

फॉरेंसिक विशेषज्ञों से उनकी उत्तर पुस्तिका जांच कराने पर विसंगतियों की पुष्टि हुयी है. इन 25 अधिकारियों में से 13 असम लोक सेवा, सात असम पुलिस सेवा और शेष संबद्ध लोक सेवा से संबंधित थे.

आठ नवंबर को औचक अभियान में पुलिस ने घोटाले में कथित तौर पर संलिप्तता के लिए 16 सिविल सेवा अधिकारियों को गिरफ्तार किया था.

मेघालय: कार्यकर्ताओं से मिलने प्रदेश आयेंगे राजनाथ

Mandi: Union Home Minister Rajnath Singh being welcomed by BJP leaders during an election campaign rally at Majhwar in Mandi on Thursday. PTI Photo (PTI11_2_2017_000165B)

फाइल फोटो: पीटीआई

शिलांग: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भाजपा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए सात दिसंबर को मेघालय आएंगे. राजनाथ राज्य में पार्टी कार्यालय का भी उद्घाटन भी करेंगे.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शिबुन लिंगदोह ने समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा से बात करते हुए कहा, ‘केंद्रीय गृहमंत्री पूर्वी खासी हिल्स, री भोई, पश्चिम खासी हिल्स और शिलांग सिटी विधानसभा क्षेत्रों के बूथ स्तर के करीब 3,000 कार्यकर्ताओं को  कार्यकर्ता सम्मेलन  में सबोधित करेंगे.

लिंगदोह ने कहा कि पार्टी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों के संभावित दौरों की भी तैयारी कर रही है.

ज्ञात हो कि प्रदेश में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. भाजपा प्रदेश की सभी 60 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है.

त्रिपुरा: पत्रकार हत्या मामले में दो और टीएसआर कर्मी गिरफ्तार

पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक. (फोटो साभार: फेसबुक)

पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक. (फोटो साभार: फेसबुक)

अगरतला:  त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) के दो और कर्मियों को यहां अर्द्धसैन्य बल की दूसरी बटालियन के मुख्यालय में पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया.

डीआईजी दक्षिणी रेंज अरिंदम नाथ ने समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा को बताया, ‘आरके नगर में बटालियन के मुख्यालय में पत्रकार की हत्या के लिए आराधिक साजिश के आरोपों में नायक अमित देववर्मा और राइफलमैन धर्मेंद्र कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया.’

उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शर्मिष्ठा मुखर्जी की अदालत के समक्ष पेश किया गया जहां से उन्हें सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया .

स्थानीय बांग्ला अखबार स्यंदन पत्रिका के वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर दत्ता भौमिक की बटालियन के मुख्यालय के भीतर मंगलवार को कथित तौर पर गोली मार कर हत्या कर दी गयी . उस वक्त वह टीएसआर कमांडेंट तपन देववर्मा से मिलने गए थे, जिन्हें बुधवार को गिरफ्तार किया गया.

कमांडेंट के पास से पत्रकार का मोबाइल फोन बरामद किया गया. इससे पहले तपन देववर्मा के निजी अंगरक्षक नंदलाल रिआंग को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया .

अरुणाचल प्रदेश: राज्यपाल ने की केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात

फोटो साभार: northeasttoday.in

फोटो साभार: northeasttoday.in

इटानगर: अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (रिटा.) बीडी मिश्रा ने 22 नवम्बर को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से नयी दिल्ली में मुलाकात कर  असम राइफल्स में राज्य के युवाओं की भर्ती सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की.

राष्ट्रीय राजधानी के आधिकारिक दौरे पर आए राज्यपाल ने राज्य में अनुसूचित जाति उम्मीदवारों की गैर मौजूदगी के बारे में केंद्र को अवगत कराया और कहा कि असम राइफल्स में भर्ती के लिए राज्य के कोटे में अब भी रिक्तियां है .

उन्होंने सिंह राज्य की अनुसूचित जाति की रिक्तियां अनुसूचित जनजाति को स्थानांतरित करने की भी मांग की ताकि राज्य के योग्य उम्मीदवारों को उचित तरीके से फायदा मिल सके.

मालूम हो कि मिश्रा ने हाल में असम राइफल्स के महानिदेशक से मुलाकात की थी.

मणिपुर: पत्रकारों ने किया त्रिपुरा के पत्रकार की हत्या के विरोध में प्रदर्शन

इंफाल: ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू) ने त्रिपुरा में हुई पत्रकार की हत्या की निंदा की और माणिक सरकार के नेतृत्व वाली सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की.

त्रिपुरा के एक बांग्ला समाचारपत्र में काम करने वाले पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक की हत्या के खिलाफ रोष जाहिर करने के लिए एएमडब्ल्यूजेयू ने धरना प्रदर्शन किया.

एएमडब्ल्यूजेयू के महासचिव सुखम नंदा ने बताया कि मणिपुर की मीडिया बिरादरी अपने साथी की मौत पर शोक जताती है. साथ ही नंदा ने त्रिपुरा सरकार से राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की.

मणिपुर एडिटर्स गिल्ड ने भी एक बयान जारी कर भौमिक की हत्या की निंदा की.

त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) के एक कॉन्स्टेबल ने कहा-सुनी के चलते मंगलवार को कथित तौर पर भौमिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इससे दो महीने पहले पश्चिमी त्रिपुरा में एक टीवी पत्रकार की हत्या कर दी गई थी.

असम और त्रिपुरा में बढ़ा तंबाकू का इस्तेमाल: रिपोर्ट

फोटो: पीटीआई

फोटो: पीटीआई

गुवाहाटी: पूर्वोत्तर राज्यों में ग्लोबल अडल्ट टोबैको सर्वे (जीएटीएस) की क्षेत्रीय रिपोर्ट में यह पता चला है कि देश में 2009 से 2017 के बीच यूं तो तंबाकू के इस्तेमाल में कमी आई है लेकिन असम, त्रिपुरा और मणिपुर में तंबाकू का इस्तेमाल बढ़ा है.

रिपोर्ट के अनुसार असम और त्रिपुरा में सिगरेट अथवा बीड़ी की बजाए खैनी का चलन काफी बढ़ा है जबकि देश भर में खैनी का उपयोग 25.9 प्रतिशत से घट कर 21.4 प्रतिशत पर आ गया है.

सिक्किम में इसमें काफी गिरावट आई है, वहीं मिजोरम, मेघालय और नगालैंड में इसमें मामूली इजाफा हुआ है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी राज्यों में कार्यक्षेत्रों में सैकंड हैंड (एसएचएस एक्पोजर) काफी कम हुआ है लेकिन असम से यह तीन प्रतिशत तक बढ़ा है.

जब सभी राज्यों में तंबाकू के इस्तेमाल में कमी आई है तो असम में तंबाकू का इस्तेमाल 39.3 प्रतिशत से बढ़ कर 48.2 प्रतिशत हो गया.

त्रिपुरा में यह 55.9 से बढ़ कर 64.5 प्रतिशत और मणिपुर में 54.1 से बढ़ कर 55.1 प्रतिशत हो गया है.

असम के स्वास्थ मंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने रिपोर्ट जारी करने के कार्यक्रम के दौरान कहा कि जीएटीएस की रिपोर्ट तंबाकू के इस्तेमाल पर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराती है. इससे असम और हमारे अन्य क्षेत्रों में  तंबाकू नियंत्रण नीति एवं निरोधक कार्यक्रमों को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

मणिपुर: उड़ान-2 के तहत 92 नए उड़ान मार्ग से जुड़ेगा पूर्वोत्तर: जयंत सिन्हा

Notheast Summit Photo Twitter India Foundation

इंफाल में हुआ पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन (फोटो साभार: twitter/@indfoundation)

इंफाल: पूर्वोतर में हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सरकार की उड़ान  योजना के दूसरे चरण में क्षेत्र में 92 नये मार्ग खोले जाएंगे. यह जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने एक कार्यक्रम में दी.

पूर्वोत्तर विकास सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि अगले साल जनवरी से दिल्ली से इम्फाल के लिए एयर इंडिया की सीधी उड़ान की भी घोषणा की. यह उड़ान सप्ताह में दो दिन होगी. उन्होंने कहा कि मांग आने पर इसे दैनिक उड़ान में भी बदला जा सकता है.

राज्यमंत्री ने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र की सस्ती एयरलाइन इंडिगो जल्द ही गुवाहाटी से सिलचर और आइजोल के लिए सेवा शुरू करेगी.

साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि स्पाइसजेट 9-10 यात्रियों की क्षमता वाला विमान खरीदने जा रही है, जो छोटी हवाई पट्टियों पर उतर सकते हैं.

मणिपुर सरकार के सहयोग से इंडिया फाउंडेशन की ओर से 21-22 नवंबर को दो दिवसीय नॉर्थ ईस्ट डेवलपमेंट समिट का आयोजन करवाया गया था.  इंडिया फाउंडेशन का भाजपा और मणिपुर सरकार के साथ ताल्लुक है.

पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास आसियान राष्ट्रों सहित पड़ोसी देशों की प्रगति के साथ जुड़ा है: राष्ट्रपति कोविंद

मणिपुर के संगाई उत्सव में राष्ट्रपति (फोटो: twitter/@rashtrapatibhvn)

मणिपुर के संगाई उत्सव में राष्ट्रपति (फोटो: twitter/@rashtrapatibhvn)

इंफाल: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि अगले साल गणतंत्र दिवस समारोह के लिए आसियान के सभी 10 देशों के प्रमुखों को आमंत्रित करने का फैसला क्षेत्रीय संगठन के साथ संबंध मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दिखाता है.

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास आसियान राष्ट्रों सहित पड़ोसी देशों की प्रगति के साथ जुड़ा है.

उन्होंने कहा, ‘हमने अगले साल गणतंत्र दिवस समारोहों के लिए आसियान देशों के सभी 10 नेताओं को सम्मानित अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है. यह एक ऐतिहासिक आयोजन होगा और यह दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन आसियान के साथ हमारे संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है.’

कोविंद ने कहा, ‘पूर्वोत्तर का विकास भारत के पड़ोसी और आसियान राष्ट्रों के विकास के साथ जुड़ा है. अन्य क्षेत्रों के मित्र देश भी पूर्वोत्तर के लिए हमारे दृष्टिकोण का हिस्सा हैं और महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं.’

राष्ट्रपति ने पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए सड़क, रेलवे और हवाई संपर्क को बेहतर करने के लिए केंद्र के प्रयासों को रेखांकित किया और कहा कि क्षेत्र भारतीय उपमहाद्वीप और आसियान के साथ भारत के जुड़ाव का द्वार है.

मणिपुर के इंफाल में पूर्वोत्तर विकास शिखर सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘पूर्वोत्तर के विकास के लिए भारत सरकार का रुख संपर्क को त्वरित और जल्द बढ़ाने का है.

ईमानदारी से काम कर राष्ट्र निर्माण में मदद करें

इससे पहले 20 नवंबर को गुवाहाटी में राष्ट्रपति ने लोगों से अपने संबंधित पेशों में ईमानदारी के साथ काम करने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसा करने से देश का फायदा होगा.

कोविंद ने कहा, ‘हम सभी लोग अपनी आजीविका के लिए कुछ पेशों-नौकरी या व्यवसाय में व्यस्त है. यदि हम अपने पेशे में निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करते है तो हम अपने देश के हित और लाभ के लिए काम करेंगे.

गुवाहाटी विश्वविद्यालय में नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि यदि हर शख्स अपनी जिम्मेदारी के साथ काम करे तो इससे देश का फायदा होगा.

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्य भारत को दक्षिण पूर्व एशिया के देशों से जोड़ने में सहायक है.

अगले वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में आसियान देशों के सभी 10 नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आमंत्रित किये जाने का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इन नेताओं की मौजूदगी असम के भाग्य को बदलने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी.

कोविंद ने कहा, ‘असम ने तेल एवं प्राकृतिक गैस, चाय और रेशम जैसे उद्योगों को विकसित किया है. आधुनिक ढांचे को बनाकर असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ गयी है.;

उन्होंने यह भी कहा कि काजीरंगा और मानस राष्ट्रीय उद्यान के कारण असम पर्यटक नक्शे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

बराक घाटी के व्यापार और वाणिज्य के केंद्र के रूप में उभरने की संभावना

सिलचर: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि बराक घाटी के व्यापार और वाणिज्य के केंद्र के रूप में उभरने की प्रचुर संभावनाएं है.

राष्ट्रपति ने तीन दिवसीय नमामि बराक उत्सव के समापन समारोह में कहा कि यहां आने से पहले बराक नाम पर किये गये उनके शोध के दौरान उन्होंने पाया कि हिन्दी में इसका मतलब भाग्यशाली  है जो इसकी समृद्ध संस्कृति और उपजाऊ भूमि को दिखाता है क्योंकि बराक नदी घाटी से बहती है.

कोविंद ने कहा कि दो नदियां बराक और ब्रह्मपुत्र असम के लोगों की जीवन रेखाएं है.

उन्होंने कहा कि दो नदियों द्वारा निर्मित घाटियों की स्थिति के कारण असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र को एक्ट ईस्ट पॉलिसी  के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ा जा सकता है. केंद्र तथा राज्य सरकार ऐसा करने के लिए एक साथ मिलकर काम कर रही है.

कोविंद ने बराक घाटी के सुनहरे इतिहास और देश के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले शहीदों का भी जिक्र किया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)