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मोदी को लगता है कि उनसे पहले न गुजरात में कुछ हुआ, न ही देश में: कांग्रेस

गुजरात चुनाव राउंडअप: नेहरू पर मोदी के हमले को लेकर कांग्रेस बोली, प्रधानमंत्री की मानसिकता अस्वस्थ. जिग्नेश मेवानी का सीधा मुक़ाबला भाजपा से, कांग्रेस और आप ने दिया समर्थन.

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नई दिल्ली/अहमदाबाद: कांग्रेस ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा गुजरात के लिए कुछ भी नहीं करने के नरेंद्र मोदी के दावे को पूरी तरह से गलत और गुमराह करने वाल करार देते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि इससे उनकी अस्वस्थ्य मानसिकता का पता चलता है.

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि गुजरात में कांग्रेस के बढ़ते जनसमर्थन को देखकर भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी बौखलाएं हुए हैं. इसलिए वह मतदाताओं को गुमराह करने के लिए गलत बात कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री के बारे में कहा कि उन्होंने गुजरात के लिए कुछ नहीं किया. हम इसकी निंदा करते हैं. प्रधानमंत्री अस्वस्थ मानसिकता के शिकार हैं जो देश के लिए चिंता का विषय है.

शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं भाजपा को लगता है कि उनके उदय से पहले न तो गुजरात में और न ही देश में कुछ हुआ. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू एवं कांग्रेस के शासनकाल में ही अमूल, अहमदाबाद में भारतीय प्रबंधन संस्थान, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, अहमदाबाद, गांधीनगर में आईआईटी, राष्ट्रीय फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान, गांधीनगर में केंद्रीय विश्वविद्यालय आदि की स्थापना हुई.

उन्होंने दावा किया, भाजपा के शासनकाल में केवल धोलेरा का हवाई अड्डा बना जिसका रनवे भी ठीक से काम नहीं करता. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री होकर वह इतनी गलत बात कह रहे हैं, वह गुजरात के मतदाताओं को क्या संकेत दे रहे हैं? वह गलतबयानी न करें. इससे उनका मजाक उड़ेगा.

शर्मा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने क्या काम किया, यह गुजरात के मतदाता और देश की जनता तय करेगी. वह अपने आप को स्वयं प्रमाणपत्र न दें कि उनकी सरकार ईमानदार है. उनकी सरकार दागी लोगों से भरी हुई है. उनकी सरकार बड़े घोटालों पर पर्दा डाल रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सरकार जवाबदेही से भाग रही है. इसीलिए प्रधानमंत्री न कभी संसद में चर्चा में भाग लेते हैं और न किसी प्रश्न का जवाब देते हैं. गुजरात की जनता तक सच्चाई न पहुंचे, इसलिए उन्होंने नवंबर में संसद का शीतकालीन सत्र नहीं होंने दिया.

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री द्वारा कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर रहे लोगों के बारे में किए गए कटाक्षों का जवाब देते हुए कहा कि इस पार्टी के अध्यक्ष महात्मा गांधी, सुभाषचंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, गोपालकृष्ण गोखले, महामना मदनमोहन मालवीय जैसे महापुरूष रह चुके हैं. उन्होंने कांग्रेस में वंशवाद होने के भाजपा के आरोप को भी नकारते हुए कहा कि गांधी नेहरू परिवार का अंतिम सदस्य जो प्रधानमंत्री बना वह राजीव गांधी थे जो 1984 में इस पद पर आए थे.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग की दस साल तक केंद्र में सरकार रही. तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पार्टी उपाध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी से कई बार सरकार में आने को कहा. लेकिन वह कभी सरकार में शामिल नहीं हुए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं भाजपा को कांग्रेस की चिंता करनी छोड़ देनी चाहिए.

राफेल विमान सौदे में घोटाले का आरोप

राफेल सौदे के बारे में शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने आप से विमान खरीदने तथा संप्रग शासनकाल के भारत सरकार एवं फ्रांसीसी सरकार के बीच हुए समझौते को रद्द करने का कोई अधिकार नहीं है.

उन्होंने इस सौदे में घोटाले का आरोप लगाया क्योंकि इसमें सार्वजनिक उपक्रम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की अनेदखी की गई तथा एक ऐसे निजी प्रतिष्ठान को लाया गया जिसे रक्षा क्षेत्र का कोई अनुभव नहीं है.

इससे पूर्व आज प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में चुनाव प्रचार करते हुए कांग्रेस पर वंशवादी राजनीति को लेकर हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी ने राज्य के लिए कुछ नहीं किया.

उन्होंने कच्छ क्षेत्र में एक सभा में कहा, एक तरफ विकास एवं विश्वास है तो दूसरी ओर वंशवाद है. गुजरात कांग्रेस पार्टी को कभी माफ नहीं करेगा क्योंकि यह लंबे समय तक हुआ. कांग्रेस ने कभी गुजरात को पसंद नहीं किया और उसने यह हमेशा पसंद किया कि यह पिछड़ा रहे.

मेवानी को कांग्रेस और आप ने दिया समर्थन

ऊना दलित आंदोलन से चर्चा में आए नेता जिग्नेश मेवानी ने सोमवार को गुजरात चुनाव के लिए बनासकांठा जिले के वडगाम सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा की. उन्हें कांग्रेस ने परोक्ष समर्थन देने की घोषणा की है.

गुजरात में पिछले वर्ष हुए दलित आंदोलन का चेहरा बनकर उभरे मेवानी का समर्थन आम आदमी पार्टी ने भी किया है. कांग्रेस के निवर्तमान विधायक मणिभाई वाघेला ने कहा कि कांग्रेस की राज्य इकाई ने दलित कार्यकर्ता के साथ समझौते के तहत उनसे कहा था कि चुनाव मैदान में नहीं उतरें.

वाघेला ने कहा कि कांग्रेस ने मेवानी को वडगाम सीट पर परोक्ष समर्थन दिया है जो अनुसूचित जाति एससी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है. इस प्रकार इस सीट से कांग्रेस का कोई उम्मीदवार नहीं होगा.

मेवाणी राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के मुखर आलोचक रहे हैं. पिछले वर्ष ऊना में दलितों की पिटाई के खिलाफ हुए व्यापक प्रदर्शन का नेतृत्व करने के बाद वह सुर्खियों में हैं.

‘लड़ाई भाजपा और जिग्नेश मेवानी के बीच होनी चाहिए’

आम आदमी पार्टी ने कहा कि वह भी मेवानी के खिलाफ किसी उम्मीदवार को नहीं उतारेगी. पार्टी ने बयान जारी कर कहा, आप ने वडगाम से किसी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारने का निर्णय किया है जहां से दलित नेता जिग्नेश मेवानी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. इसने कहा, उनकी अपील पर पार्टी का मानना है कि लड़ाई भाजपा और जिग्नेश मेवानी के बीच होनी चाहिए.

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 34 वर्षीय दलित कार्यकर्ता को शुभकामनाएं दी हैं. केजरीवाल ने ट्वीट किया, शुभकामनाएं जिग्नेश.

मेवानी ने भी ट्विटर पर अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की. उन्होंने लिखा, दोस्तों, मैं गुजरात के बनासकांठा जिले की वडगाम-11 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहा हूं. हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे.

मेवानी ने संवाददाताओं से कहा, भाजपा का विरोध करने वाले सभी राजनीतिक दल कह रहे हैं कि सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ जिग्नेश मेवानी लड़ाई का प्रतीक है और उनका मानना है कि इन दो लोगों के बीच ही लड़ाई होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, हमने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि हमारा समर्थन करें. मेवानी ने विपक्षी दलों और चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों से अपील की कि वे नामांकन दाखिल नहीं करें. मेवानी का सीधा मुकाबला भाजपा उम्मीदवार विजय चक्रवर्ती से है.

इस महीने की शुरुआत में मेवानी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी. बैठक के बाद मेवानी ने कहा था कि विपक्षी दल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि चुनावी घोषणा पत्र में उनकी 90 फीसदी से ज्यादा मांगों को जगह दी जाएगी.

बैठक के बाद कांग्रेस को सीधे समर्थन देने की घोषणा नहीं करते हुए मेवानी ने कहा था कि वह अपने समुदाय के लोगों से कहेंगे कि गुजरात चुनावों में भाजपा को हराएं.

तीन युवा नेताओं में से अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. उन्हें पिछड़े तबके का समर्थन हासिल है. जबकि पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने हाल में विपक्ष का समर्थन करने की घोषणा की थी.

182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा के लिए दो चरणों में नौ दिसबंर और 14 दिसंबर को चुनाव होंगे. वोटों की गिनती 18 दिसंबर को होगी.

कांग्रेस ने अंतिम सूची जारी की

कांग्रेस ने गुजरात विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के लिए नामांकन पत्र भरने के अंतिम दिन सोमवार को 14 उम्मीदवारों की अपनी अंतिम सूची जारी की और दो सीटों को अपने सहयोगियों के लिए छोड़ दिया है. पार्टी ने वडगाम से निर्दलीय के रूप में लड़ रहे दलित नेता जिग्नेश मेवाणी को समर्थन की घोषणा की है.

कांग्रेस ने अपने चार निवर्तमान विधायकों को टिकट नहीं दिया है जबकि ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर को राधनपुर सीट से उतारा है. राधनपुर सीट पर ठाकोर समुदाय का गढ़ है तथा वर्तमान में भाजपा के पास यह सीट है. अल्पेश कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में हाल में पार्टी में शामिल हुए थे.

कांग्रेस पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल, मेवानी और अल्पेश ठाकोर सहित सामुदायिक नेताओं को अपने साथ लेकर चलने का प्रयास कर रही है ताकि भाजपा को चुनाव में मात दी जा सके. भाजपा गुजरात में दो से अधिक दशक से सत्ता में है.

पार्टी ने रविवार देर रात 76 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की थी. चौथी एवं अंतिम सूची में पार्टी ने 14 नामों की घोषणा की है. कांग्रेस ने मोरवाहदफ सुरक्षित और वागोडिया सीट को भारतीय ट्राइबल पार्टी के लिए छोड़ दिया है जो कांग्रेस की सहयोगी पार्टी है. इस पार्टी का नेतृत्व जदयू के पूर्व विधायक छोटूभाई वसावा कर रहे हैं.

कांग्रेस ने वसावा की नवगठित पार्टी के साथ सीट बंटवारे का करार किया है जिसके तहत उसके लिए पांच सीटें छोड़ी गई हैं. वसावा की पार्टी के उम्मीदवार झागड़िया, दीदीपाड़ा, मंगरोल, मोरवा, हदफ और वाघोड़िया से चुनाव लड़ेंगे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)