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हादिया कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंची सलेम, पति से मिलने की मांग दोहराई

हादिया ने कहा, मैंने कॉलेज प्रशासन से अपने पति से मिलने की अनुमति मांगी है, आशा करती हूं कि वह इजाज़त देगा. कॉलेज ने कहा वह अखिला अशोकन के नाम से आगे की पढ़ाई जारी रखेगी.

(फोटो :पीटीआई)

(फोटो :पीटीआई)

सलेम: उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में अपनी पढ़ाई पूरी करने आई हादिया ने शहर में पांव रखने के अगले ही दिन बुधवार को अपने पति से मिलने की इच्छा दोहराई है. गौरतलब है कि हदिया उच्चतम न्यायालय में केरल के लव-जिहाद मामले के मुदकमे के केंद्र में है.

शिवराज होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में उसने संवाददाताओं से कहा, पिछले छह महीने से, मैं उन लोगों से बात कर रही थी, जिन माता-पिता को मैं पसंद नहीं करती क्योंकि उनके साथ रहने के दौरान उन्होंने मुझे बहुत प्रताड़ित किया है. हादिया इस कॉलेज से 11 महीने की इंटर्नशिप कर रही है.

सुनवाई के बाद न्यायालय ने 25 वर्षीय हादिया को उसके माता-पिता की देख-रेख से अलग करके अपनी पढ़ाई पूरी करने को कहा है.

हादिया ने पति से मिलने की इच्छा फिर दोहराई

हादिया को केरल पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच तमिलनाडु के सलेम लाया गया. पति शफ़ीन जहां के बारे में पूछने पर हादिया ने कहा कि पिछले कई महीनों से उसका अपने पति से कोई संपर्क नहीं है. उसके पास कोई मोबाइल फोन नहीं और इस दौरान उसने सिर्फ अपने माता-पिता से बातचीत की है.

हादिया का कहना है, मैं अपने पति से बातचीत करने के लिए बहुत उत्सुक हूं. हाल ही में इस्लाम कबूल कर एक मुसलमान युवक से विवाह करने को लेकर हादिया काफी चर्चा में हैं.

छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा इंतजाम के बारे में सवाल करने पर हादिया ने कहा कि उसे इसकी कोई जानकारी नहीं है और वह अगले एक-दो दिन में जवाब दे सकती है. उसने कहा कि न्यायालय के आदेश की प्रति मिलने के बाद ही वह इस संबंध में बेहतर बातचीत कर सकेगी. न्यायालय ने कॉलेज के डीन को हादिया का अभिभावक नियुक्त किया है और कोई दिक्कत होने की स्थिति में तुरंत न्यायालय से संपर्क करने की छूट दी है.

इससे पहले हादिया कोच्चि में अपने माता-पिता के साथ रह रही थी. हालांकि न्यायालय ने उसे अपने पति के पास वापस जाने की अनुमति भी नहीं दी है.

मुसलमान बनने के बाद कथित लव जिहाद को लेकर चर्चा में आई केरल की महिला हादिया एक होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज में अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार मंगलवार शाम अपने कॉलेज पहुंची.

केरल पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच उसे लेकर कोयंबटूर से शिवराज होम्यापैथी मेडिकल कॉलेज पहुंची. सलेम कोयंबटूर से करीब 170 किलोमीटर दूर है.

इस बीच हादिया ने कहा है कि उसे अपने पति शफीन जहां से मिलने की इच्छा है. उन्होंने कॉलेज में संवाददाताओं से कहा, मैंने कॉलेज प्रशासन से अपने पति से मिलने की अनुमति मांगी है. मैं आशा करती हूं कि वह इजाज़त देगा.

कॉलेज के प्राचार्य केजी कन्नन ने कहा कि वह अपने हिंदू नाम अखिला अशोकन के साथ ही आगे की पढ़ाई करती रहेगी. वह वहां 11 महीने की होम्योपैथी इंटर्नशिप करेगी, जैसा कि उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया था.

शीर्ष अदालत ने सुनवाई के बाद हादिया को उसके माता-पिता की हिरासत से मुक्त कर दिया था और उससे पढ़ाई करने को कहा था.

अदालत पति के साथ जाने देने की उसकी दरख्वास्त पर राज़ी नहीं हुई थी. हादिया को विमान से कोयंबटूर लाया गया था और वहां से वह सड़क मार्ग से सलेम पहुंची. सलेम में कॉलेज परिसर में पहुंचने के शीघ्र बाद उसे प्रबंध निदेशक के कार्यालय में ले जाया गया.

करीब आधे घंटे बाद प्रबंध निदेशक के कार्यालय से निकलकर उसने संवादाताओं से कहा कि उसने अपने पति से मिलने की इजाज़त मांगी है . उसने कहा, मैं सोचती हूं कि वे अनुमति देंगे. एक प्रश्न के उत्तर में उसने कहा कि उसके लिए सुरक्षा की जरूरत नहीं है. वैसे कम से कम दो दिन सुरक्षा रहेगी. बाद में उसे पुलिस वाहन से छात्रावास ले जाया गया जो वहां से पांच किलोमीटर दूर है.

प्राचार्य कन्नन ने कहा कि उसकी प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है और अब वह कक्षा में आएगी. उन्होंने कहा कि हादिया के साथ छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राओं जैसा व्यवहार किया जाएगा और उसके साथ कोई विशेष व्यवहार नहीं किया जाएगा.

उच्चतम न्यायालय ने कॉलेज और विश्वविद्यालय को हादिया को फिर प्रवेश देने और छात्रावास देने का निर्देश दिया था. केरल उच्च न्यायालय ने 29 मई को हादिया और शफीन की शादी लव जिहाद की घटना करार देते हुए रद्द कर दी थी.

अखिला के रूप में पढ़ाई करेगी हादिया: कालेज प्राचार्य

कथित लव जिहाद को लेकर चर्चा में आई केरल की महिला अपने हिंदू नाम अखिला अशोकन के साथ ही आगे की पढ़ाई करती रहेगी. महिला के कॉलेज के प्राचार्य ने मंगलवार को कहा कि वह अखिला अशोकन नाम से पढ़ाई करती रहेगी.

इस बीच हादिया कड़ी सुरक्षा के बीच सलेम जाने के क्रम में कोयंबटूर पहुंची. वह उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार अपनी पढ़ाई जारी रखेगी. कोयंबटूर हवाई अड्डे पर उसे मीडिया से बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई.

उन्होंने सलेम में संवाददाताओं से कहा कि कालेज में उसका नाम अखिला अशोकन होगा. उधर पुलिस ने कहा है कि महिला को उचित सुरक्षा प्रदान की जाएगी.

मैं नहीं चाहता कि मेरे परिवार में कोई आतंकी हो: हादिया के पिता

कथित लव जिहाद मामले का केंद्र बनी केरल की महिला हादिया के पिता ने उनकी बेटी को पढ़ाई जारी रखने की इजाज़त देने के उच्चतम न्यायालय के निर्देश का आज स्वागत किया और कहा कि वह अपने परिवार में किसी आतंकवादी को नहीं चाहते.

केएम अशोकन ने कहा कि उनकी बेटी हादिया इस्लाम में परिवर्तित होने के बाद सीरिया जाना चाहती है लेकिन उसे वहां के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

अशोकन ने कहा, हादिया को सीरिया के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जहां वह इस्लाम में परिवर्तित होकर जाना चाहती थी. उन्होंने कहा, मैं नहीं चाहता कि मेरे परिवार में कोई आतंकी हो.

अशोकन से जब अंतर जातीय विवाह के बारे में उनकी राय पूछी गई तो उन्होंने कहा कि वह एक धर्म और एक ईश्वर में विश्वास रखते हैं.

अशोकन ने संवाददाताओं से कहा, यह बहुत दु:खद है कि उसे इस खराब अनुभव से गुजरना पड़ा जिसके कारण उसकी पढ़ाई बाधित हुई, लेकिन अब मैं खुश हूं क्योंकि अदालत ने उसे आगे पढ़ाई करने की अनुमति दे दी है.

उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया कि हादिया को नजरबंद रखा गया था. अशोकन ने कहा, घर के भीतर और बाहर उसके चारों ओर पुलिस का घेरा होता था.

उन्होंने कहा कि उन्हें तमिलनाडु के सलेम में हादिया की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है क्योंकि वह अब उच्चतम न्यायालय के संरक्षण और निगरानी में है. अशोकन ने कहा, मैं उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं.

वह उच्चतम न्यायालय के संरक्षण में है और वह मामले पर नज़र रख रहा है. मैं उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं हूं.

उन्होंने यह भी कहा कि वह आवश्यकता पड़ने पर उससे मिलने सलेम जाएंगे क्योंकि अदालत ने उन्हें इसकी अनुमति दी है.

हादिया के पिता बंद कमरे में सुनवाई चाहते थे. न्यायालय ने उनकी इच्छा के खिलाफ खुली अदालत में करीब डेढ़ घंटे तक हादिया से बात की और केरल पुलिस को निर्देश दिया कि वह उसे सुरक्षा मुहैया कराए और सुनिश्चित करे कि वह जल्द से जल्द सलेम जाकर वहां के शिवराज मेडिकल कॉलेज में होम्योपैथी की पढ़ाई करे.

केरल उच्च न्यायालय की ओर से हादिया और शफीन जहां के बीच हुआ निकाह 29 मई को रद्द कर दिए जाने के बाद करीब छह महीने से हादिया अपने माता-पिता के पास थी. हादिया जन्म से हिंदू है और उसने शादी से कुछ महीने पहले धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल कर लिया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)