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किसानों की अनदेखी का असर चुनावों में दिखेगा: मेधा पाटकर

कांग्रेस ने कहा किसानों को छल रही है वसुंधरा सरकार. ओडिशा में किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस-भाजपा का प्रदर्शन, महाराष्ट में क़र्ज़माफ़ी में गड़बड़ी.

फाइल फोटो, (साभार: मेधा पाटकर/फेसबुक)

फाइल फोटो, (साभार: मेधा पाटकर/फेसबुक)

नयी दिल्ली: जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने केंद्र सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि इसका असर आने वाले चुनावों में देखने को मिलेगा.

पिछले दिनों राष्ट्रीय राजधानी में देश भर के किसानों के मार्च के संदर्भ में मेधा ने समाचार एजेंसी भाषा से कहा, ‘यह बहुत दुखद है कि सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही है. मेरा मानना है कि किसानों की उपेक्षा किए जाने का असर चुनावों में दिखेगा.’

उन्होंने कहा, ‘दिल्ली में देश भर से किसानों ने मजबूती के साथ अपनी बात रखी. मीडिया के एक बड़े हिस्से में दूसरे मुद्दों को उछाला गया, लेकिन किसानों की बात लोगों तक पहुंची. जनांदोलन के जरिए आगे भी हम किसानों के मुद्दों को उठाएंगे.’

नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता ने दावा किया कि नर्मदा के बांध को गुजरात के चुनाव में बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया जा रहा है. नकली लोकार्पण किया गया और अब नकली प्रचार हो रहा है. नर्मदा के विस्थापितों का पुनर्वास अब तक नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोगों ने पहले भूमि और जंगल कौड़ियों के भाव उद्योगपतियों को दिए और अब जल भी दिया जा रहा है.

चार साल से किसानों को छल रही है वसुंधरा सरकार: सचिन पायलट

जयपुर:  राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने प्रदेश की वसुंधरा राजे की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर गत चार वर्षों में किसानों को छलने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा कि कर्ज माफ करने के वादे से सत्ता में आई भाजपा ने किसानों के कर्जे माफ करने की जगह उन्हें मरने के लिए मजबूर कर दिया. अब तक प्रदेश में कर्ज के बोझा तले दबे 80 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या कर ली है.

पायलट ने मंगलवार को श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में कहा कि भाजपा के राज में किसानों को न पानी मिल रहा है और न ही खाद व बीज उचित समय और उचित मूल्य पर उपलब्ध हो पा रहा है.

इसके कारण किसानों को फसल उगाने के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है जो कर्ज में डूबे किसानों पर और अधिक आर्थिक भार बढ़ा रहा है.

उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने से किसानों को औने-पौने दामों में अपनी फसलें बेचनी पड़ रही है. विगत चार सालों में बीकानेर संभाग में मूंगफली की सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है.

उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में किसानों के प्रति संवेदनहीनता की पराकाष्ठा हो गई है और किसान सरकार से पूरी तरह निराश हो चुका है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी व सभी किसान संगठनों के दबाव में आकर सरकार ने कर्ज माफ करने की जगह कमेटी का गठन कर किसानों को फिर एक बार धोखा दिया है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के चार साल पूरे होने वाले हैं और झूठे दावों के साथ सरकार के मंत्री प्रेसवार्ताएं आयोजित कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं.

किसान मुक्ति संसद में देश भर के किसानों ने अपनी-अपनी भाषाओं में सरकार विरोधी बैनर-पोस्टर भी बनाए. (फोटो: कृष्णकांत/द वायर)

बीते दिनों दिल्ली में हुए किसान मुक्ति संसद में देश भर के किसानों ने बैनर-पोस्टर भी बनाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज करवाया. (फोटो: कृष्णकांत/द वायर)

ओडिशा विधानसभा में किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस-भाजपा का प्रदर्शन, बीजद सदस्यों ने दिया न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिए धरना

भुवनेश्वर: ओडिशा विधानसभा का शीतकालीन सत्र मंगलवार को हंगामे के साथ शुरू हुआ. विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने किसानों के मुद्दे पर प्रदर्शन किया जिस वजह से कार्यवाही को बुधवार तक स्थगित करना पड़ा.

सदन द्वारा पूर्व मंत्री मुरलीधर गुरु और पूर्व विधायक समय किस्कू के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद कांग्रेस के सदस्य राज्य में किसानों की आत्महत्या एवं फसल के नुकसान पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के बयान की मांग को लेकर नारे लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष के आसन की ओर बढ़े.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र वाला ऐप्रन पहने और हाथ में धान का पुआल थामे कांग्रेस विधायकों ने प्रश्न काल को स्थगित करने और एक प्रस्ताव के जरिए फसल के नुकसान एवं किसानों के अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की.

भाजपा के सदस्य भी सदन के आसन की ओर बढ़े तथा किसानों के हितों की रक्षा नहीं करने को लेकर राज्य के खिलाफ नारेबाजी की. राज्य में भाजपा विधायकों का किसानों के मुद्दे उठाने का संदेश केंद्र में उनकी सरकार तक नहीं पहुंच पा रहा है.

दिल्ली में हुए किसान संसद पर न ही कृषि मंत्री न ही भाजपा के किसी नेता की कोई प्रतिक्रिया ही आई. केंद्र की भाजपा सरकार से किसानों की शिकायतों की फेहरिस्त काफी लंबी है. द वायर  से बातचीत में किसान नेताओं अपनी परेशानियों के बारे में बताया.

ओडिशा विधानसभा में इन भाजपा विधायकों ने कहा कि किसान सूखा, कीट हमले और बेमौसम बारिश से जूझ रहे हैं. प्रदर्शन के बीच सदन की कार्यवाही चलाने में असमर्थ विधानसभा अध्यक्ष प्रदीप अमात ने पहले सदन को एक घंटा, फिर आंधा घंटा और उसके बाद बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया.

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सत्तारूढ़ बीजद के सदस्यों ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने को लेकर धरना दिया.

किसान कर्ज माफी में गड़बड़ी: महाराष्ट्र में आईटी विभाग के प्रधान सचिव का तबादला

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूचना-प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव वीके गौतम का मंगलवार को तबादला कर दिया.

राजनीतिक तौर पर संवेदनशील किसान कर्ज माफी योजना को लागू करने में तकनीकी गड़बड़ियां सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाया.

सामान्य प्रशासन विभाग जीएडी के एक अधिकारी ने बताया कि 1987 बैच के आईएएस अधिकारी गौतम को अब वित्त विभाग में प्रधान सचिव लेखा एवं राजकोष के पद पर तैनात किया गया है.

वर्ष 1991 बैच के आईएएस अधिकारी एसवीआर श्रीनिवास को सूचना-प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव बनाया गया है. फडणवीस की अध्यक्षता वाले सामान्य प्रशासन विभाग ने 28 नवंबर को गौतम समेत 10 वरिष्ठ नौकरशाहों के तबादले का आदेश जारी किया.

ज्ञात हो कि बीते दिनों किसान मुक्ति संसद में आये महाराष्ट्र के किसानों ने आरोप लगाया था कि राज्य में कर्ज माफ़ी की बात कागजों पर ही हो रही है. असल में उसका फायदा किसानों तक पहुंचा ही नहीं है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)