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भूल गए क्या गोधरा को, 56 मारे थे… दो हज़ार कब्रिस्तान में चले गए: संघ प्रचारक

उज्जैन में आरएसएस महानगर प्रचारक प्रमुख कुंदन चंद्रावत ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का सिर काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपये का इनाम देने का ऐलान किया.

Kundan Chandrawat

उज्जैन के आरएसएस महानगर प्रचारक प्रमुख कुंदन चंद्रावत. (फोटो साभार: एएनआई)

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में हुए ‘केरल में मार्क्सवादियों के अत्याचार के विरुद्ध विशाल धरना प्रदर्शन और आक्रोश सभा’ नाम के आयोजन में चंद्रावत ने ये बयान दिया. चंद्रावत ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को गद्दार करार देते हुए उन्हें केरल में आरएसएस प्रचारक और कार्यकर्ताओं की हत्या का दोषी ठहराया.

समाचार एजेंसी एएनआई ने चंद्रावत के बयान का वीडियो जारी किया है, इसमें चंद्रावत कह रहे हैं, ‘हत्या का दोषी वो गद्दार ये समझता है कि हिंदुओं के खून में गौरव नहीं है शिवाजी का. हिंदुओं के ख़ून में वो जज़्बा नहीं है. मैं इस मंच से घोषणा करता हूं, डॉ. कुंदन चंद्रावत… संपत्ति है मेरे पास इतनी इसलिए घोषणा करने की हिम्मत कर रहा हूं… एक करोड़ से ज़्यादा का लगभग मकान है… उसका सर काट के ला दे विजयन का कोई मेरे को… वो मकान… वो जायदाद मैं उसके नाम कर दूंगा. लेकिन ऐसे गद्दारों को इस देश के अंदर रहने का कोई अधिकार नहीं. लोकतंत्र की हत्या करने का कोई अधिकार नहीं है ऐसे गद्दारों को. भूल गए क्या? गोधरा को… 56 मारे थे… दो हज़ार कब्रिस्तान में चले गए. घुसा दिए उनको अंदर, इसी हिंदू समाज ने. 300 प्रचारक और कार्यकर्ताओं की हत्या करी है न तुमने… तीन लाख नरमुंडों की माला पहनाएंगे भारत माता को. वामपंथियो! सुन लो.’

हालांकि इस बयान पर हंगामा मचने के बाद चंद्रावत ने पत्रकारों से कहा कि यह उनके निजी विचार थे. उन्होंने अपने बयान को भगत सिंह के असेंबली में बम फेंकने की घटना जैसा विस्फोटक बताया.

वहीं आरएसएस ने चंद्रावत की टिप्पणी से दूरी बना ली. संघ के राष्ट्रीय सह प्रचार प्रमुख जे. नंद कुमार ने कहा, ‘आरएसएस ऐसी टिप्पणियों की सख़्त निंदा करता है. संघ हिंसा में यकीन नहीं रखता. लेकिन हम केरल में अपने कार्यकर्ताओं पर हमलों का लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना जारी रखेंगे.’

कुमार ने कहा कि वह नहीं जानते कि चंद्रावत कौन है.

उधर, संघ पर प्रहार करते हुए माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट किया कि चंद्रावत की टिप्पणी से आतंकी संगठन के रूप में आरएसएस का असली रंग सामने आया है. येचुरी ने टिप्पणी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राजग सरकार की चुप्पी पर भी सवाल किया. केरल के सीएम विजयन ने चंद्रावत के बयान पर कहा कि इससे पहले भी आएएसएस ने कइयों के सिर काटे हैं.

माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि सरकार की चुप्पी आरएसएस को इस तरह की निंदा योग्य धमकियों के लिए प्रोत्साहित करता है. उन्होंने कहा कि इसके जरिये संघ ने इस बात की फिर से पुष्टि की है कि यह हिंसा और आतंक की राजनीति को फैलाता है जैसा कि हाल के महीनों में केरल में भी स्पष्ट दिखा है. पार्टी ने चंद्रावत के खिलाफ राज्य और केंद्र सरकार से कानून के मुताबिक फौरन कार्रवाई की भी मांग की है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)