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राजस्थान में लव जिहाद के नाम पर मुस्लिम श्रमिक को ज़िंदा जलाने वाला आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान के राजसमंद ज़िले में पश्चिम बंगाल निवासी अफ़राज़ुल की हत्या कर उन्हें ज़िंदा जलाने और उनका वीडियो वायरल करने के आरोप में शंभू लाल रैगर को गिरफ्तार कर लिया गया है.

(फोटो साभार: गूगल मैप्स)

(फोटो साभार: गूगल मैप्स)

जयपुर: राजस्थान की राजसमंद जिला पुलिस ने राजनगर थाना इलाके में बुधवार को एक श्रमिक को जिंदा जला कर उसका वीडियो वायरल करने के मामले में आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस अधीक्षक (राजसमंद) मनोज कुमार ने बताया कि श्रमिक पश्चिम बंगाल निवासी अफ़राजुल की हत्या कर उसे जिंदा जलाने और उसका वीडियो वायरल करने के आरोप में शंभू लाल रैगर को गिरफ्तार कर लिया गया है.

उन्होंने बताया कि पूछताछ के बाद ही घटना के कारणों का पता चल सकेगा. आरोपी शंभू लाल को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है.

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गिरफ्तारी किस स्थान से की गई है इसकी जानकारी बाद में दी जायेगी. इधर पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी केलवा इलाके क्षेत्र से हुई है.

राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इस मामले को एसआईटी को सौंप दिया गया है.

गौरतलब है कि बुधवार को एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक व्यक्ति ने श्रमिक पर पीछे से धारदार हथियार से वार कर उसकी हत्या कर दी और फिर ज्वलनशील पदार्थ डाल कर आग लगा दी. वीडियो में आरोपी उत्तेजित आवाज में लव जिहाद के ख़िलाफ़ बोलता हुआ नजर आ रहा है.

वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर घटनास्थल को खोजकर शव अपने कब्जे में कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी.

इफराजुल के परिवार ने की दोषी को फांसी देने की मांग

पश्चिम बंगाल के माल्दा के रहने वाले 47 वर्षीय अफ़राजुल के परिजनों ने उनकी हत्या करके जिंदा जला देने वाले दोषी को फांसी की सजा देने की मांग की है.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में इफराजुल की पत्नी गुलबहर बीबी ने कहा, ‘जिन्होंने उन्हें जानवरों की तरह मारकर पूरी दुनिया को उसकी तस्वीर दिखाई उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए. मुझे इंसाफ चाहिए. उन्हें सिर्फ इसलिए मार दिया गया क्योंकि वह एक मुसलमान थे.’

परिजनों के मुताबिक तीन लड़कियों के पिता अफ़राजुल इस महीने के अंत में अपनी छोटी बेटी की शादी के व्यवस्था करने के लिए घर वापस आने वाले थे. वह पिछले 12 सालों से राजस्थान में अकुशल श्रमिक के रूप में काम कर रहे थे.