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मोदी ने पूछा- बाबरी प्रकरण में आप किस तरफ हैं, राहुल ने कहा- भाषणों में विकास क्यों गुम है?

गुजरात चुनाव राउंडअप: मोदी ने उठाया मंदिर और मणिशंकर मुद्दा. राहुल बोले हम गालियों का जवाब नहीं देंगे, पोल खुल जाने पर चुनावी एजेंडा बदल रहे मोदी.

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अहमदाबाद/नई दिल्ली: कपिल सिब्बल की इस मांग पर कि रामजन्मभूमि मामले की सुनवाई टाल दी जाए, उन पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उनसे और उनके नये नेता से इस बात पर स्पष्टीकरण मांगा कि वे मंदिर के समर्थकों के पक्ष में हैं या बाबरी मस्जिद के समर्थकों के पक्ष में. दूसरी ओर, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला तेज करते हुए सवाल किया कि गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान उनके भाषणों में विकास का उल्लेख क्यों नहीं किया जा रहा है.

मोदी ने कहा, कांग्रेस ने अब तक जो कुछ किया है, वह अटकाना, लटकाना और भटकाना है. वे या तो चीजों को बाधित कर देते हैं या मुद्दा लटकाए रखते हैं या ध्यान बंटाने का प्रयास करते हैं.

उन्होंने कहा कि यानी कांग्रेस को लोगों की समस्याओं का हल करने में दिलचस्पी नहीं है. मोदी ने कहा, राममंदिर का मुद्दा उन्नीसवीं सदी से लंबित है. उन्नीसवीं सदी चली गई, बीसवीं सदी चली गई और इक्कीसवीं सदी के कई साल गुजर गए हैं. अब जब यह मामला अंतिम सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय में आया है तब एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जो वकील भी हैं, कहते हैं कि इसे 2019 चुनाव तक टाला जाए.

मोदी ने कहा, देखिए, यह वह तरीका है कि उन्होंने कैसे काम किया है, यानी अटकाना, लटकाना और भटकाना. पिछले 70 साल में उन्होंने बस चुनाव को ध्यान में रखकर काम किया है.

उन्होंने कहा, अब पूरा देश इस मुद्दे का समाधान चाहता है, सुन्नी वक्फ बोर्ड, शिया वक्फ बोर्ड, राम मंदिर के प्रतिनिधि सभी शीघ्र फैसला चाहते हैं. फैसला चाहे जैसा हो, सभी चाहते हैं कि अदालत इस मामले की तेजी से सुनवाई करे और फैसला दे.

सिब्बल का परोक्ष जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, कांग्रेस नेता मेरे सवालों का जवाब देने के बजाय कह रहे हैं कि वह सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील नहीं हैं. कांग्रेस अध्यक्ष बनने जा रहे राहुल का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा, जवाब दीजिए, क्या आप उन लोगों के साथ हैं जो राममंदिर का निर्माण चाहते हैं या उन लोगों के साथ जो बाबरी मस्जिद के पक्ष में हैं. यदि आप जवाब नहीं दे सकते तो आप अपने नये नेता को जवाब देने के लिए कहिए कि आप किस तरफ हैं.

प्रधानमंत्री के भाषणों में विकास गुम क्यों है: राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला तेज करते हुए सवाल किया कि गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान उनके भाषणों में विकास का उल्लेख क्यों नहीं किया जा रहा है.

राहुल ने कहा कि उन्होंने गुजरात के रिपोर्ट कार्ड के बारे में प्रधानमंत्री मोदी से जो दस सवाल पूछे थे उनमें से एक का भी जवाब नहीं आया है जबकि भाजपा 22 साल से सत्ता में है.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, गुजरात में 22 सालों से भाजपा की सरकार है. मैं केवल इतना पूछूंगा- क्या कारण है इस बार प्रधानमंत्री जी के भाषणों में विकास गुम है. मैंने गुजरात के रिपोर्ट कार्ड से 10 सवाल पूछे, उनका भी जवाब नहीं. पहले चरण का प्रचार ख़त्म होने तक घोषणा पत्र नहीं.

गुजरात विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान संपन्न हुआ. राहुल ने ट्वीट कर पहली बार वोट डाल रहे युवा मतदाताओं का विशेष तौर पर उल्लेख किया.

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, मतदाताओं की भागीदारी लोकतंत्र की आत्मा होती है. गुजरात चुनाव में पहली बार वोट डाल रहे युवा साथियों का बहुत स्वागत और अभिनन्दन. गुजरात की जनता से अपील है कि भारी संख्या में मतदान कर लोकतंत्र के इस पर्व को सफल बनाएं.

‘भाजपा की गालियों पर हम जवाब नहीं देंगे’

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को पवी जेतपुर में कहा कि उनकी पार्टी भाजपा नेताओं की नकल नहीं कर सकती जो उन्हें गालियां देते हैं. उन्होंने कहा कि वह उन मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगे जो गुजरात के लोगों पर असर डालते हैं.

गांधी ने कहा, एक नेता ने मुझसे से कहा कि मणिशंकर अय्यर जी ने मोदी जी के बारे में जो कुछ कहा, गलत था. लेकिन मोदीजी और भाजपा के दूसरे लोग आपके बारे में जो गलत बातें कहते हैं, आपको गालियां देते हैं, आपके बारे में इंटरनेट पर आपत्तिजनक बातें कहते हैं, उसका क्या. मैंने उससे कहा कि उसका संबंध कांग्रेस से है, न कि भाजपा से. इसलिए हम वह नहीं करेंगे जो वे करते हैं, हमारा इतिहास है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने जनजातीय बहुल छोटा उदयपुर समेत मध्य गुजरात में चुनाव प्रचार किया जहां 14 दिसंबर को चुनाव है. उन्होंने कहा, हम प्रधानमंत्री के पद का सम्मान करेंगे, मुद्दों पर लड़ते रहेंगे, गुजरात के विकास की बात करेंगे और पूरे दिल से काम करेंगे.

गांधी का बयान ऐसे वक्त आया है जब उनकी पार्टी अय्यर द्वारा मोदी को नीच कहे जाने के बाद आलोचनाओं से घिर गई है. मोदी ने अपने चुनावी भाषणों में अय्यर के बयान की कई बार चर्चा की है. कांग्रेस ने अय्यर को निलंबित कर दिया है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, मोदी जी भले ही आपका ध्यान बंटाएं, लेकिन मैंने अपने नेताओं से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि राहुलजी, कांग्रेस गुजरात चुनाव जीतने जा रही है और इसे कोई रोकने नहीं जा रहा.

घोषणापत्र जारी करने में सत्तारूढ़ दल द्वारा घोषणपत्र जारी करने में देरी करने पर प्रश्न खड़ा करते हुए गांधी ने मोदी पर उनके बयान को लेकर हमला किया कि भाजपा अगले 100 साल तक गुजरात में सत्ता में रहेगी. वैसे शुक्रवार शाम भाजपा ने संकल्प पत्र जारी किया.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनजाति समुदायों, महिलाओं और युवकों और उनकी मांगों सहित समाज के विभिन्न धड़ों के साथ विचार-विमर्श कर घोषणापत्र लाई है.

मोदी जी कहते हैं कि भाजपा सौ साल तक शासन करेगी

राहुल ने कहा, मोदी जी कहते हैं कि भाजपा अगले सौ साल तक गुजरात में शासन करेगी. उनका अहंकार तो देखिए वह ढेर सारी चीजों- अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन के बारे में बात करेंगे, और आपको पूरी दुनिया के टूर पर ले जाएंगे लेकिन गुजरात, उसके विकास और 22 साल में गुजरात में क्या हुआ, के बारे में वह एक शब्द तक नहीं कहेंगे.

राहुल गांधी ने कहा, मोदीजी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के भ्रष्टाचार या राफेल जेट सौदे के बारे में कुछ बात नहीं करेंगे. मोदीजी इस बरे में नहीं बताएंगे कि आपको कपास से कितना मिलता है. वह बस यह कहेंगे कि भाजपा 100 साल तक गुजरात में शासन करेगी.

उन्होंने कहा, इसका क्या मतलब है. इसका मतलब है कि गुजरात के लोग जो कुछ कहें मोदी जी ने तय कर लिया है कि भाजपा 100 साल तक गुजरात में शासन करेगी.

उन्होंने कहा कि मोदी यह चुनाव हारने जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने 22 साल आपसे लिया और आपको कुछ नहीं दिया. जब कांग्रेस सरकार बनाएगी हम आपको आपका हक देने के लिए, आपकी मदद के लिए काम करेंगे. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गुजरात में बिना समुचित मुआवजा दिए जनजातियों की 6.5 लाख एकड़ जमीन छीन ली.

पाटीदारों को आरक्षण के वादे को कैसे पूरा करेगी कांग्रेस: मोदी

गुजरात में पाटीदार समुदाय को आरक्षण देने के कांग्रेस के आश्वासन पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लुनावाड़ा में शनिवार को कहा कि इसके लिए या तो उसे अनुसूचित जाति-जनजाति अथवा ओबीसी श्रेणी के हिस्से को उनसे छीनना होगा और या फिर वह झूठा वादा कर रही है जैसा कि उसने कई राज्यों में मुस्लिम आरक्षण आंदोलन के मुद्दे पर किया है.

पाटीदार आरक्षण के मुद्दे पर सीधे बड़ा हमला बोलते हुए मोदी ने कहा, या तो वे कांग्रेस इसे अन्य से छीनेंगे या फिर वह झूठ फैला रहे हैं. इस मुद्दे पर आरक्षण के अगुआ हार्दिक पटेल ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन दिया है.

अपने पहले के चुनावी भाषणों में प्रधानमंत्री ने जनता से कहा था कि वह झूठे वादों के फेर में ना आएं. महिसागर जिले के लुनावाड़ा में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं… आपने देश के सभी राज्यों में मुस्लिमों को यह लॉलीपॉप थमाई कि आप समुदाय को आरक्षण देंगे.

उन्होंने कहा, मैं अपने मुस्लिम दोस्तों से पूछना चाहता हूं कि क्या उन्होंने आपको देश में कहीं भी आरक्षण दिया? क्या यह वादा झूठा साबित नहीं हुआ.

प्रधानमंत्री ने कहा, अब उन्होंने यहां गुजरात में एक और समुदाय से इसी तरह का वादा किया. लेकिन वे आरक्षण देंगे कैसे, क्या वे इसे ओबीसी से छीनेंगे, आदिवासियों से छीनेंगे या फिर अनुसूचित जाति से छीनेंगे?

गुजरात विधानसभा चुनाव में पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने पाटीदार अनामत आंदोलन समिति का समर्थन पिछले महीने कांग्रेस को दिया था. उन्होंने कहा था कि विपक्षी दल ने उनके समुदाय को विशेष श्रेणी में आरक्षण देने की मांग स्वीकार कर ली है. पटेल ने कहा था कि आरक्षण को लेकर उच्चतम न्यायालय द्वारा सीमा तय करना महज एक सुझाव था.

हर मुद्दे पर पोल खुल जाने के कारण चुनाव का एजेंडा बदल रहे मोदी: राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को पाटन में नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि एक के बाद एक हर मुद्दे पर उनका पर्दाफाश हो रहा है, इसी वजह से वह गुजरात चुनावों का एजेंडा बदल रहे हैं.

पाटन जिले के हरिज में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि मोदी ने कांग्रेस से निलंबित किए जा चुके नेता मणिशंकर अय्यर की ओर से अपने खिलाफ की गई टिप्पणी का मुद्दा इसलिए उठाया क्योंकि नर्मदा में पानी, अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी और राज्य में भाजपा के 22 साल के शासनकाल में हुए विकास जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री की पोल खोल चुकी है.

राहुल ने दावा किया, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि लोग सच्चाई को कैसे लेते हैं. मोदी जी ने कहना शुरू कर दिया कि वह नर्मदा के पानी पर चुनाव लड़ेंगे. पता चला कि नदी का पानी गांवों तक पहुंच ही नहीं रहा और टाटा के नैनो कारखाने को मिलने लगा.

कांग्रेस नेता ने कहा, दो-तीन दिन के बाद उन्होंने कहा कि वह ओबीसी के मुद्दे पर चुनाव लड़ेंगे. लेकिन वह भी काम नहीं आया. राहुल ने कहा कि इसके बाद मोदी ने कहा कि वह 22 साल के विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेंगे. लेकिन इससे भी कोई फायदा नहीं हुआ.

मोदी सरकार ने अपने विज्ञापनों पर 3,700 करोड़ खर्च किए

राहुल गांधी ने कहा, इसके बाद मोदी जी कहते हैं कि मणिशंकर अय्यर ने मेरे बारे में बुरी बातें बोलीं, इसलिए मेरा चुनावी मुद्दा यही होगा. एक रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए राहुल ने विज्ञापनों पर 3,700 करोड़ रुपये खर्च करने को लेकर मोदी सरकार को लताड़ा.

राहुल ने कहा, एक आंकड़े के अनुसार, मोदी सरकार ने विज्ञापनों पर 3,700 करोड़ रुपए खर्च किए. लिहाजा, इस सरकार का सारा धन इसकी छवि बनाने में और उद्योगपतियों के पास जा रहा है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, हमारी सरकार आपके स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए आपके उस धन का इस्तेमाल करेगी. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के खिलाफ सामने आए आरोपों और राफेल लड़ाकू विमान करार से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि मोदी ने पूरे चुनाव प्रचार में इन मुद्दों पर कुछ नहीं कहा.

भाजपा ने पटेल जैसे नेताओं को उत्पाद बना दिया है

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि भाजपा ने सरदार वल्लभ भाई पटेल, महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं को उत्पाद में तब्दील कर दिया है.

राहुल ने शनिवार एक सभा में कहा, यह एक तथ्य है कि वह सरदार पटेल कांग्रेस के नेता थे. यदि हम सरदार पटेल को समझने के लिए गहरे तक जाएं तो हम पाएंगे कि वह गुजरात के हृदय में रची बसी एक आवाज हैं.

राहुल ने कहा, सरदार पटेल न तो नरेंद्र मोदी से संबंधित हैं और न ही राहुल गांधी या सोलंकी से, न ही गुजरात या भारत से, वह पूरी दुनिया से संबंधित हैं.

उन्होंने घोषणापत्र को लेकर भी भाजपा की आलोचना की और कहा कि यह गुजरात के लोगों से विमर्श किए बिना वित्त मंत्री अरुण जेटली के कार्यालय में जल्दबाजी में तैयार किया गया.

विकास मॉडल को छलावा बता दुष्प्रचार कर रही है कांग्रेस: जेटली

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि गुजरात चुनावों में कांग्रेस राज्य के विकास मॉडल को छलावा बताकर दुष्प्रचार कर रही है. उन्होंने कहा कि गुजरात अकेला ऐसा राज्य रहा है जिसका सकल घरेलू उत्पाद पिछले पांच वर्षों के दौरान लगातार 10 फीसद से ज्यादा रहा है.

गुजरात में कांग्रेस के प्रचार का मिथक शीर्षक से लिखे अपने ब्लॉग में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि विकास मॉडल को छलावा बता कांग्रेस दुष्प्रचार कर रही है. आंकड़े कांग्रेस के दावों को खारिज करते हैं.

उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 के बीच लगातार पांच वर्षों तक 10 फीसदी से ज्यादा सकल घरेलू उत्पाद देने वाला गुजरात पहला राज्य है. आर्थिक अस्थिरता के दौरान भी गुजरात की विकास दर दो अंकों में रही. उन्होंने कहा कि ऐसी विकास दर को बनाए रखना गुजरात के विकास के उस मॉडल की सफलता का प्रमाण है, जिसे कांग्रेस नकार रही है.

उन्होंने कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में राज्य में 49 फीसद से ज्यादा आरक्षण दिये जाने के कांग्रेस के वादे को लेकर भी उसपर निशाना साधा. उन्होंने कहा, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि 50 फीसद से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता. कांग्रेस और पीएएएस ने गुजरात के लोगों को 50 फीसद से ज्यादा आरक्षण देने का वादा किया है. यह वादा एक छलावा है और संवैधानिक तौर पर असंभव.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात में कांग्रेसी घोषणा पत्र में किए गए कई वादे आर्थिक हकीकत की अनदेखी करते हैं और हवा हवाई हैं. उन्होंने लिखा है, गुजरात की कुल राजस्व आय 90 हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष है, जबकि कांग्रेस ने 20 हजार करोड़ के कर माफी की घोषणा की है. इसके कारण गुजरात की कुल राजस्व आय 70 हजार करोड़ तक कम हो जाएगी.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में जो दो महत्वपूर्ण बिंदु गौर करने योग्य हैं, उनमें से एक संवैधानिक तौर पर असंभव दिखता है, तो दूसरा वित्तीय तौर पर असंभव नजर आता है.

जेटली ने ब्लॉग में लिखा कि गुजरात की जनता सामाजिक विभेद और ध्रुवीकरण के एजेंडे से अब आगे बढ़ चुकी है. …कांग्रेस सामाजिक विभेद और ध्रुवीकरण का एजेंडा अपना चुकी है. ऐसे ही एजेंडों की कीमत गुजरात को 80 के दशक में चुकानी पड़ी थी. आज का गुजरात उस संकीर्ण जातिवादी सोच से आगे बढ़ चुका है, इसलिए अब वहां की जनता उस प्रयोग को स्वीकार नहीं करेगी.

कांग्रेस प्रमुख के तौर पर पहली परीक्षा में राहुल बुरी तरह विफल होंगे: भाजपा

गुजरात भाजपा अध्यक्ष और खुद पाटीदार समुदाय से आने वाले जीतू वाघानी ने शनिवार को अहमदाबाद में कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के वास्तविक प्रमुख के तौर पर अपनी पहली परीक्षा में बुरी तरह विफल रहेंगे क्योंकि वह और पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल कठोर परिश्रमी और भद्र लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व, उनकी छवि और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की राजनैतिक कुशाग्रता उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच बड़ा अंतर है और ये तीन कारक सभी चुनौतियों को धराशायी कर देंगे. इसमें हार्दिक पटेल की ओर से पेश चुनौती भी शामिल है.

वाघानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस गुजरात चुनाव खुद से नहीं लड़ रही है और उसने इसे दूसरों को आउटसोर्स कर दिया है. भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस राज्य में कहीं भी नहीं थी और उसका न तो कोई संगठन और न ही कोई आधार था. राहुल गांधी को लोगों की समस्याओं और राज्य में चुनौतियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

उन्होंने कहा, कांग्रेस इन चुनावों में कहां है. वे इसे नहीं लड़ रहे हैं. उन्होंने इसे दूसरों को आउटसोर्स कर दिया है. राहुल गांधी कांग्रेस के वास्तविक प्रमुख के रूप में अपनी पहली परीक्षा में बुरी तरह विफल रहेंगे.

पास नेता ने हार्दिक पटेल और कांग्रेस के बीच फिक्सिंग का दावा किया

हार्दिक पटेल की पाटीदार अमानत आंदोलन समिति के वरिष्ठ नेता दिनेश बंभानिया ने आरोप लगाया है कि आंदोलन के नेता का कांग्रेस पार्टी को समर्थन देना उनके बीच किसी प्रकार की फिक्सिंग की ओर इशारा करता है.

बंभानिया ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी यह स्पष्ट नहीं कर रही है कि अगर वह सत्ता में आती है तो वह पाटीदार समुदाय को किस प्रकार से आरक्षण देगी और उन्हें समझा में नहीं आ रहा है कि पटेल उन्हें समर्थन क्यों दे रहे हैं.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, चुनाव घोषणापत्र में कांग्रेस ने स्पष्ट नहीं किया है कि गुजरात में सत्ता में आने के बाद वह हमें ओबीसी कोटा में किस प्रकार से आरक्षण देगी. इससे पता चलता है कि कांग्रेस कभी हमें आरक्षण देना ही नहीं चाहती थी. इसके बावजूद वह कांग्रेस के पक्ष में रैलियां कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, यह स्पष्ट नहीं है कि हमें ओबीसी कोटा में किस प्रकार से आरक्षण मिलेगा. हार्दिक इस विषय पर मौन हैं. मुझे इसमें फिक्सिंग नजर आ रही है. हमारी लड़ाई किसी पार्टी को सत्ता में लाने के लिए नहीं थी. कम से कम मैं तो किसी पार्टी का एजेंट बनने के लिए तैयार नहीं हूं. हार्दिक को आंदोलन का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए.

गुजरात चुनाव मैदान में हैं 397 करोड़पति उम्मीदवार

गुजरात विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामे का विश्लेषण करने वाले दो गैर सरकारी संगठनों ने बताया कि कुल 397 उम्मीदवार करोड़पति हैं.

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और गुजरात इलेक्शन वॉच (जीईडब्ल्यू) की रिपोर्ट के मुताबिक दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव में कुल 1828 उम्मीदवारों में से 1098 ने या तो बारहवीं कक्षा या उससे भी कम पढ़ाई की है. महिला उम्मीदवारों की कुल संख्या 118 है.

उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामे के विश्लेषण के मुताबिक पहले चरण में चुनाव में उतरने वाले कुल 977 उम्मीदवारों में से 198 ने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है. दूसरे चरण के कुल 851 उम्मीदवारों में से 199 करोड़पति हैं.

इस अध्ययन के मुताबिक 397 करोड़पति उम्मीदवारों में से 131 ने पांच करोड़ रुपये की संपत्ति की घोषणा की है जबकि 124 अन्य उम्मीदवारों ने दो करोड़ रुपये से पांच करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति घोषित की है.

सत्तारूढ़ भाजपा ने 142 करोड़पति उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है जबकि विपक्षी कांग्रेस की ओर से ऐसे 127 उम्मीदवार हैं. राकांपा ने 17 करोड़पति उम्मीदवारों को उतारा है जबकि आप के 13 उम्मीदवार और बसपा के पांच उम्मीदवार करोड़पति हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक 56 निर्दलीय उम्मीदवार भी करोड़पति हैं. सबसे अमीर उम्मीदवार दसकरोई सीट से कांग्रेस के पंकज पटेल हैं. उनकी कुल संपत्ति 231.93 करोड़ रुपये है.

उनके बाद दूसरे नंबर पर कांग्रेस के ही राजकोट-वेस्ट सीट से इंद्रनील राजगुरु हैं. उनकी कुल संपत्ति 141.22 करोड़ रुपये है. तीसरे नंबर पर बोटाड सीट से भाजपा उम्मीदवार सौरभ पटेल हैं. वह गुजरात के पूर्व वित्त मंत्री भी हैं. उनकी कुल संपत्ति 123.78 करोड़ रुपये है.

इसके ठीक विपरीत छह निर्दलीय उम्मीदवारों ने घोषणा की है कि उनके पास कोई चल-अचल संपत्ति नहीं है. शैक्षणिक योग्यता के मामले में, 1098 उम्मीदवारों ने पांचवी, आठवीं, दसवीं या बारहवीं कक्षा पास की है. 119 उम्मीदवारों ने कहा कि वह महज साक्षर हैं और 23 उम्मीदवारों ने खुद को निरक्षर बताया.

मतदान से एक दिन पहले भाजपा ने जारी किया घोषणा-पत्र

गुजरात में पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले सत्ताधारी भाजपा ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया. इसमें किसानों की आय दोगुना करने के संकल्प के साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों के लिये कई वादे किए गए हैं.

घोषणा पत्र जारी करते हुए भाजपा के गुजरात चुनाव प्रभारी अरुण जेटली ने कहा कि इसे राज्य में पार्टी के शासनकाल के दौरान दर्ज 10 फीसद की वृद्धि को बरकरार रखने और इसमें और सुधार करने के पार्टी के संकल्प को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है.

इस घोषणा पत्र में 2012 के घोषणा पत्र से अलग भाजपा ने कोई लंबे चौड़े वादे नहीं करने का फैसला किया. मौजूदा चुनावी दस्तावेज विवरण देने के बजाय अधिकतर संपूर्ण विकास और संकल्पों की बात करता है.

वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात भाजपा ने अगले पांच वर्षों में 50 लाख घरों के निर्माण का वादा किया था जो घोषणा पत्र का प्रमुख आकर्षण था.

नये घोषणा पत्र में कहा गया है पार्टी सस्ती खाद, बीज, बेहतर सिंचाई, उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य और खाद्य प्रसंस्करण तक पहुंच के जरिये किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करती है. महिलाओं की बात करें तो पार्टी ने नियमित अंतराल पर विधवा पेंशन की राशि में इजाफा करने का आश्वासन दिया है.

इसमें कहा गया कि भाजपा सरकार गुणवत्ता युक्त शिक्षा को प्राथमिकता देगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विविद्यालय बनवाएगी. स्वास्थ्य के मोर्चे पर सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि उसकी सरकार जेनरिक दवाओं की और दुकानें खोलेगी और सचल क्लीनिक और पैथलॉजी सुविधाएं देने के साथ ही गुजरात को वेक्टर जनित रोगों से मुक्त बनाएगी.

पार्टी ने घोषणा पत्र में स्मार्ट गांव बनाने, गरीबों के लिए पक्के घरों का निर्माण कराने की भी बात कही है. गुजरात के ग्रामीण इलाकों में हर घर में शौचालय बनवाने का भी वादा किया गया है.

शहरी केंद्रों के लिए भाजपा ने स्मार्ट सिटी परियोजना और बहुस्तरीय पार्किंग के निर्माण को समयबद्ध रूप से लागू करने का भी वादा किया है. पार्टी ने जिला स्तर पर आदिवासी कल्याण बोर्ड और एक आदिवासी विश्वविद्यालय बनाने का भी वादा किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)