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मैं प्रधानमंत्री मोदी के झूठ से बहुत दुखी हूं: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, मैं याद दिलाना चाहूंगा कि दो आतंकी हमलों के बाद मोदी बिना बुलाए पाकिस्तान गए. उन्हें देश को बताना चाहिए कि पठानकोट हमले की जांच के लिए आईएसआई को क्यों बुलाया गया?

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. (फोटो: रॉयटर्स)

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. (फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी के उस आरोप पर दुख जताया है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मनमोहन सिंह और मणिशंकर अय्यर समेत कांग्रेस नेताओं ने पाकिस्तान के लोगों के साथ चुनाव जीतने की साज़िश रची. उन्होंने कहा है कि पिछड़ने के बाद राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री के झूठ का सहारा लेने से बहुत दुखी हूं.

मनमोहन सिंह ने एक प्रेस रिलीज जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह आरोप लगाने के लिए देश से माफी मांगने की मांग की है कि गुजरात चुनावों में भाजपा को हराने के लिए उन्होंने सिंह ने पाक के साथ साजिश की.

पूर्व प्रधानमंत्री ने मोदी के बयान पर कहा है कि गुजरात में हार के डर से प्रधानमंत्री की हर एक को गाली देने का उतावलापन साफ़ दिखाई दे रहा है. ये दुखद है कि मोदी प्रधानमंत्री और सेना अध्यक्ष समेत हर संवैधानिक कार्यालय पर ऊंगली उठाने की अपनी इस इच्छा के चलते एक गलत परंपरा डाल रहे हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, कोई भी दल या प्रधानमंत्री कांग्रेस को ‘राष्ट्रावाद के बारे में उपदेश नहीं दे सकता, जिसने आतंकवाद से लड़ने के मामले में समझौता किया हो. मैं यहां याद दिलाना चाहूंगा कि उधमपुर और गुरदासपुर में आतंकी हमलों के बाद श्रीनरेंद्र मोदी बिना बुलाए पाकिस्तान गए थे.

मनमोहन ने कहा, उन्हें देश को यह भी बताना चाहिए कि पठानकोट में हमारे रणनीति एयरबेस पर आतंकी हमले की जांच के लिए उसी पाकिस्तान की कुख्यात आईएसआई को क्यों बुलाया गया था, जिसने हमला करवाया?

उन्होंने दावा किया है कि मैं मोदी के परोक्ष इशारों को खारिज करता हूं क्योंकि मैंने मणिशंकर अयर द्वारा दिए गए रात्रिभोज में किसी के साथ गुजरात चुनावों के बारे में बात नहीं की थी.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और हामिद अंसारी से माफ़ी मांगें: कांग्रेस

इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से माफी मांगनी चाहिए. पार्टी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को अपना वह बयान वापस लेना चाहिए जिसमें कहा गया था कि गुजरात चुनाव में भाजपा को हराने के लिए उन्होंने पाकिस्तान के साथ सांठगांठ की.

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने प्रधानमंत्री पर इस तरह का बयान देकर राजनीतिक विमर्श को अस्वीकार्य निचले स्तर तक ले जाने का आरोप लगाया जिससे उनके पद की गरिमा को ठेस पहुंचती है.

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी इसलिए हताश हैं क्योंकि उन्होंने गुजरात में भाजपा की स्पष्ट हार को भांप लिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भावनाएं भड़काने एवं गुजरात का ध्रुवीकरण करने के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.

शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, प्रधानमंत्री को राजनीतिक विमर्श की गरिमा बरकरार रखनी चाहिए. उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री एवं पूर्व उप राष्ट्रपति से माफी मांगनी चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया था कि मणिशंकर अय्यर की ‘नीच’ टिप्पणी से एक दिन पहले कांग्रेस नेताओं की पाकिस्तान के मौजूदा एवं पूर्व नेताओं के साथ बैठक हुई थी तथा यह सब गुजरात चुनाव में पाकिस्तान द्वारा हस्तक्षेप करने का प्रयास है.

शर्मा ने प्रधानमंत्री के इस बेतुके बयान को खारिज कर दिया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उस पार्टी से संबंध है जिसका देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं है जबकि कांग्रेस ने इस आंदोलन में भाग लिया है.

उन्होंने कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि भारत के प्रधानमंत्री अपने विमर्श में गरिमा बरकरार रखेंगे. उन्होंने कहा कि यह बाद सदैव ध्यान में रखी जानी चाहिए कि कांग्रेस उच्च पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ आरोप और लांछन नहीं लगाती है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)