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मणिशंकर ने पाकिस्तान को मोदी की सुपारी दी तो मोदी ने कार्रवाई क्यों नहीं की: विपक्ष

गुजरात चुनाव राउंडअप: वामदल और जदयू ने कहा, मोदी मुद्दों के बजाय गुजरात में पाकिस्तान के दख़ल की बात करते हैं, आरोप में दम है तो उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए.

फोटो: पीटीआई

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अहमदाबाद/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर पाकिस्तान के साथ मिलकर साजिश रचने की टिप्पणी से पैदा हुआ सियासी घमासान जारी है. पाक राजनयिकों के साथ कांग्रेसी नेताओं, पूर्व सेना प्रमुख और कुछ अन्य लोगों की हुई मीटिंग और भोज को लेकर प्रधानमंत्री के आरोप पर कांग्रेस पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है.

खुद मनमोहन सिंह से दुख जताते हुए नरेंद्र मोदी से कहा कि झूठ का सहारा लेकर दुष्प्रचार करने और संवैधानिक पद की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए देश से माफी मांगें. कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली का कहना है कि प्रधानमंत्री उन्हें हटाने की सुपारी को लेकर चुप क्यों थे.

दूसरी ओर, वामदल एवं जदयू ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए चिंताजक और अनुपयुक्त करार दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आरोपों में कोई गंभीरता है तो उन्हें उसके आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए न कि इस मुद्दे को गुजरात चुनाव प्रचार में उठाना चाहिए.

भाकपा नेता डी राजा ने कहा, वह घरेलू चुनाव में पाकिस्तान को घसीट रहे हैं… यदि वह वाकई गंभीर हैं तो उन्हें यह मुद्दा कांग्रेस के साथ उठाना चाहिए था. सरकार के प्रमुख के तौर पर वह उपयुक्त कार्रवाई कर सकते थे. उसके बजाव वे उसे चुनावी मुद्दा बना रहे हैं. मैं समझता हूं कि यह लोकतंत्र में उपयुक्त नहीं है.

माकपा ने कहा कि मोदी द्वारा किया गया खुलासा स्तब्धकारी है, क्या प्रधानमंत्री कार्रवाई करेंगे?

जदयू नेता पवन वर्मा ने कहा कि मोदी को ऐसे मुद्दों के बजाय शासन के बारे में बात करनी चाहिए. लेकिन इसकी बजाय, वे गुजरात में पाकिस्तान के दखल देने की बात शुरू कर देते हैं. उन्होंने जो कुछ कहा है वह मणिशंकर के बयान के बजाय सबूतों पर अधिक आधारित होना चाहिए.

गुजरात के पालनपुर में एक चुनावी सभा में मोदी ने दावा किया था कि मणिशंकर अय्यर के घर कुछ पाकिस्तानी अधिकारियों एवं मनमोहन सिंह ने गुजरात चुनाव पर चर्चा करने के लिए बैठक की थी.

कार्रवाई के सारे अधिकार के बावजूद मोदी चुप क्यों रहे: मोइली

कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने सोमवार को सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुप्पी क्यों साध रखी थी जब उनको यह जानकारी थी कि कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति सुनिश्चित करने के वास्ते उन्हें हटाने की सुपारी दी थी.

लोकसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोइली ने इस बात पर ताज्जुब जताया कि मोदी के पास अय्यर के खिलाफ कार्रवाई करने के सारे अधिकार होने के बावजूद वह किस चीज का इंतजार कर रहे थे.

मोइली ने संवाददाताओं से कहा, उन्हें हटाने की कोशिश को सार्वजनिक करने में उन्होंने इतना समय क्यों लगाया? क्या वह जिम्मेदारी के साथ बात कर रहे हैं? यह किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री को हटाने की कोशिश की बात है.

उन्होंने प्रधानमंत्री से प्रश्न किया कि उनके दावों को साबित करने के लिए क्या जांच किये गए हैं. मोइली ने कहा कि गुजरात के लोगों को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने और किसी भी तरह विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए उन्होंने आधारहीन आरोप लगाए.

मनमोहन बोले, पद की गरिमा बनाए रखें मोदी

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को एक प्रेस रिलीज जारी करके नरेंद्र मोदी के उक्त आरोप पर दुख जताते हुए कहा है कि पिछड़ने के बाद राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री के झूठ का सहारा लेने से बहुत दुखी हूं.

मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से यह आरोप लगाने के लिए देश से माफी मांगने की मांग की है कि गुजरात चुनावों में भाजपा को हराने के लिए उन्होंने सिंह ने पाक के साथ साजिश की.

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात में हार के डर से प्रधानमंत्री की हर एक को गाली देने का उतावलापन साफ़ दिखाई दे रहा है. ये दुखद है कि मोदी प्रधानमंत्री और सेना अध्यक्ष समेत हर संवैधानिक कार्यालय पर ऊंगली उठाने की अपनी इस इच्छा के चलते एक गलत परंपरा डाल रहे हैं.

अक्सर चुप रहने वाले मनमोहन सिंह ने अपने तीखे बयान में कहा, कोई भी दल या प्रधानमंत्री कांग्रेस को ‘राष्ट्रावाद के बारे में उपदेश नहीं दे सकता, जिसने आतंकवाद से लड़ने के मामले में समझौता किया हो. मैं यहां याद दिलाना चाहूंगा कि उधमपुर और गुरदासपुर में आतंकी हमलों के बाद श्रीनरेंद्र मोदी बिना बुलाए पाकिस्तान गए थे.

मनमोहन ने कहा, उन्हें देश को यह भी बताना चाहिए कि पठानकोट में हमारे रणनीति एयरबेस पर आतंकी हमले की जांच के लिए उसी पाकिस्तान की कुख्यात आईएसआई को क्यों बुलाया गया था, जिसने हमला करवाया?

उन्होंने दावा किया है कि मैं मोदी के परोक्ष इशारों को खारिज करता हूं क्योंकि मैंने मणिशंकर अय्यर द्वारा दिए गए रात्रिभोज में किसी के साथ गुजरात चुनावों के बारे में बात नहीं की थी. उन्होंने बैठक में शामिल सभी लोगों के नाम की सूची भी जारी की जिसमें पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और सेनाध्यक्ष जनरल दीपक कपूर भी शामिल थे.

मोदी पाकिस्तान, चीन की बात करते हैं लेकिन गुजरात की नहीं करते: राहुल

कांग्रेस के निर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को गुजरात के थरड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वह गुजरात चुनावों में पाकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान और जापान की बात कर रहे हैं लेकिन अपने गृह राज्य के बारे में नहीं बोल रहे हैं.

राहुल ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी पर चुप्पी साधने के लिए भी मोदी पर सवाल उठाए. दावा किया जाता है कि उनकी कंपनी की कुल आय भाजपा के केंद्र में सत्तारूढ़ होने के बाद कई गुना बढ़ गई.

राहुल ने कहा कि मोदी गुजरात में अपने प्रचार का मुद्दा लगातार बदल रहे हैं. पहले नर्मदा के पानी पर बात की गई लेकिन जब किसानों ने कहना शुरू किया कि उनके खेतों तक पानी पहुंचा ही नहीं तो मोदी ने पटरी बदल दी और ओबीसी मुद्दों पर बोलने लगे. जब लोगों ने उसे भी पसंद नहीं किया तो वह विकास के मुद्दों पर चले गए लेकिन लोगों ने इसकी भी हवा निकाल दी.

बनासकांठा जिले में उन्होंने एक सभा में कहा, अब मोदी जी अफगानिस्तान, चीन, पाकिस्तान और जापा की बात करते हैं. मोदी जी, यह चुनाव गुजरात के भविष्य को लेकर है. कृपया गुजरात के बारे में भी कुछ बोलिए.

किसानों के ऋण नहीं माफ किए क्योंकि उनके पास 15 लाख का सूट नहीं है?

भ्रष्टाचार पर मोदी की चुप्पी पर भी राहुल ने सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया, आप उनका पूरा भाषण सुनिए, भ्रष्टाचार भाषण से पूरी तरह गायब है. जय अमित शाह की कंपनी तीन महीने में 80 करोड़ रुपये से बढ़कर 50 हजार करोड़ रुपये की हो गई लेकिन चौकीदार चुप हैं, उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा है.

उन्होंने कहा, मोदी जी अमित शाह से डरते हैं, इसलिए वह जय शाह के बारे में एक भी शब्द नहीं कह रहे हैं. राहुल ने कहा कि कांग्रेस अगर गुजरात में सत्ता में आती है तो दस दिनों के अंदर किसानों के ऋण माफ कर दिए जाएंगे.

उन्होंने दावा किया कि राजग सरकार ने देश के दस सबसे धनी लोगों के 1.30 लाख करोड़ रुपये के ऋण माफ कर दिए. जब किसान ऋण माफ करने के लिए कहते हैं तो केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और प्रधानमंत्री कहते हैं कि यह उनकी नीति नहीं है.

उन्होंने पूछा, किसानों के ऋण क्यों नहीं माफ किए गए क्योंकि वे विमानों में नहीं उड़ते, उनके पास बड़ी कारें नहीं हैं और उनके पास 15 लाख रुपये का सूट नहीं है.

राहुल ने आरोप लगाया कि गुजरात सरकार और टाटा के बीच नैनो के समझौते में भ्रष्टाचार हुआ. उन्होंने कहा, कांग्रेस ने मनरेगा को 35 हजार करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जबकि भाजपा सरकार ने टाटा नैनो फैक्टरी को 33 हजार करोड़ रुपये दे दिए. नर्मदा का पानी फैक्टरी में गया. फैक्टरी को 24 घंटे बिजली मिलती है जबकि आपको यह सिर्फ रात में मिलती है.

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मुंद्रा के आसपास के गांवों की जमीन अडानी समूह को एक रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से दी गई जबकि अडानी ने इसे तीन हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से बेच दिया.

आईएसआई को जांच के लिए क्यों बुलाया?

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं ने हाल में पाकिस्तानी उच्चायुक्त और एक पूर्व पाकिस्तानी मंत्री से मुलाकात की थी. कांग्रेस ने कहा कि मोदी ने गुजरात विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार तय देखकर यह आरोप लगाया.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने अहमदाबाद में पत्रकारों को बताया, देश के सर्वोच्च पद पर बैठकर मोदी जी बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं. मोदी जी चिंतित, हताश और गुस्से में हैं. ऐसे बयान झूठ पर आधारित हैं. ऐसा व्यवहार प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता.

सुरजेवाला ने आरोप लगाया, पूरा देश जानता है कि पाकिस्तान से किसे प्यार है और कौन अलगाववादियों को संरक्षण प्रदान कर रहा है. उन्होंने मोदी से सवाल किया कि क्या उन्होंने पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों पर ही चुनाव लड़ने की योजना बनाई है और अगर ऐसा है तो उन्हें गुजरात के लोगों को यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पर भरोसा क्यों किया और उसे जांच के लिए पठानकोट एयरफोर्स बेस में दाखिल क्यों होने दिया.

कांग्रेस प्रवक्ता ने गुरदासपुर और उधमपुर में पाकिस्तान प्रायोजित हमलों के तुरंत बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पोती की शादी में बगैर किसी पूर्व योजना के मोदी के जाने पर सवाल उठाए.

एकनाथ खड़से पर कार्रवाई क्यों नहीं की

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मोदी सरकार पाकिस्तान में छुपे आतंकवादी दाउद इब्राहिम की पत्नी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही, जो पाकिस्तान से मुंबई आने और फिर वापस पाकिस्तान जाने में सफल रही.

सुरजेवाला ने कहा, हम उनसे यह भी पूछना चाहेंगे कि महाराष्ट्र में भाजपा सरकार के मंत्री रहे एकनाथ खड़से के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई जबकि दाउद इब्राहिम के साथ उनकी बातचीत भारतीय एजेंसियों द्वारा टैप किए जाने के बाद उन्हें पद से हटाया गया था.

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह दावा भी किया कि महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने दाउद इब्राहिम की बेटी की शादी में शिरकत की. उन्होंने यह भी पूछा कि मध्य प्रदेश भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख सहित पार्टी के 11 नेताओं को आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में क्यों गिरफ्तार किया गया?

सुरजेवाला ने 1999 में इंडियन एयरलाइंस के एक विमान के अपहरण के बाद पाकिस्तानी आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर एवं दो अन्य को कंधार तक छोड़ कर आने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा से माफी मांगने को कहा.

मनमोहन सिंह पर मोदी का प्रहार राहुल को गुजरा नागवार

कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तानी राजनयिकों के साथ भोज पर मुलाकात को लेकर अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ नरेंद्र मोदी की टिप्पणी अस्वीकार्य है.

प्रधानमंत्री ने कहा था कि मनमोहन सिंह गुजरात चुनाव में जीत के लिए पाकिस्तान के साथ सांठगांठ कर रहे हैं. इस पर पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि मोदी खतरनाक परिपाटी डाल रहे हैं और उन्होंने उनसे इस संबंध में राष्ट्र से माफी मांगने की मांग की थी.

राहुल गांधी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के आखिरी दिन यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, मोदीजी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बारे में जो कुछ कहा है, वह अस्वीकार्य है.

मोदी राफेल सौदे के बारे में चुप हैं

राहुल गांधी ने कहा, प्रधानमंत्री मोदीजी ने भ्रष्टाचार के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा है. वह अमित शाह के बेटे जयशाह और राफेल सौदे के बारे में चुप हैं.

गुजरात में मंदिरों में जाने को लेकर भृकुटि टेढ़ी करने वालों पर पलटवार करते हुए शीर्ष कांग्रेस नेता ने कहा, मंदिर जाना मना है क्या. मैंने मंदिर में जाकर गुजरात के लोगों के कल्याण की कामना की.

यहां साबरमती नदी से मेहसाणा जिले के धरोई बांध तक सी-प्लेन से जाने पर मोदी पर प्रहार करते हुए गांधी ने कहा कि यह गुजरात के मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाना है.

मनमोहन ने आतंकवाद पर राष्ट्रीय नीति का उल्लंघन किया है: जेटली

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने पाकिस्तानी राजनयिकों से मुलाकात कर आतंकवाद पर राष्ट्रीय नीति का उल्लंघन किया है. इसके साथ ही जेटली ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा माफी मांगे जाने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया और मांग की कि कांग्रेस बताए कि यह बैठक किस संदर्भ में की गयी, इसका क्या औचित्य और क्या आवश्यकता थी.

जेटली ने इस बैठक को राजनीतिक दुर्भाग्य करार देते हुए सिंह तथा कांग्रेस से जानना चाहा है कि उन्होंने कांग्रेस के निलंबित मणिशंकर अय्यर द्वारा पाकिस्तानी राजनयिकों के लिए आयोजित रात्रि भोज में किस लिए भाग लिया.

मंत्री ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल से राष्ट्रीय नीति का पालन करने की उम्मीद की जाती है जो कहती है कि बातचीत और आतंकवाद साथ साथ नहीं चल सकते. जेटली ने सवाल किया, क्या मुख्य विपक्षी दल राजव्यवस्था का हिस्सा नहीं है?

जेटली ने कहा, यह आश्चर्यजनक है कि कांग्रेस पार्टी एक दुर्भाग्य में संलिप्त रही जिसके लिए उसके कुछ वरिष्ठ नेता पक्षकार बन गए और वे भारत के प्रधानमंत्री से इसके लिए माफी की अपेक्षा कर रहे हैं.

उन्होंने कहा- अगर कोई राष्ट्रीय नीति का उल्लंघन करता है तो उसे सवालों का जवाब देने के लिए भी तैयार रहना चाहिए. यह एक राजनीतिक दुर्भाग्य है, इसकी राजनीतिक कीमत होती है.

उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुजरात के चुनाव में पाकिस्तान के साथ मिलकर साजिश संबंधी टिप्पणी पर आज तीखी प्रतिक्रिया की थी और कहा था कि मोदी आपत्तिजनक उदाहरण स्थापित कर रहे हैं तथा उन्हें राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए.

इसके बाद संवाददाता सम्मेलन में जेटली ने कहा कि माफी तो उन लोगों को मांगनी चाहिए जिन्होंने आतंकवाद व बातचीत साथ साथ नहीं चल सकते की राष्ट्रीय नीति का उल्लंघन किया है. जेटली ने इसके साथ ही आतंकवाद की लड़ाई में मौजूदा सरकार के रिकार्ड का बखान किया और कहा कि मौजूदा सरकार का आतंकवाद से लड़ने का जो रिकार्ड रहा है वह पिछली किसी भी सरकार का नहीं रहा है.

गुजरात चुनाव में हस्तक्षेप की कोशिश कर रहा है पाक: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी ने रविवार को गुजरात में चुनावी सभा में दावा किया कि विपक्षी दल के नेताओं ने मणिशंकर अय्यर के उन्हें नीच कहने से एक दिन पहले पाकिस्तान के मौजूदा एवं पूर्व अधिकारियों के साथ एक गुप्त बैठक की थी. उधर राहुल ने कहा कि मोदी लगातार चुनावी मुद्दा बदल रहे हैं और उनके पास अब बोलने को कुछ भी नहीं बचा है. मोदी ने दावा किया कि पाकिस्तान गुजरात चुनाव में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रहा है.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन पीएफआई द्वारा कांग्रेस समर्थित दलित उम्मीदवार जिग्नेश मेवानी के वित्तपोषण का मुद्दा उठाया. इसके साथ ही कथित मुस्लिम तुष्टीकरण एवं गुजरात दंगे जैसे मुद्दे दोबारा सामने आ गए.

आने वाले कुछ ही दिनों में कांग्रेस की कमान संभालने जा रहे राहुल ने मोदी पर हमला किया लेकिन वादा किया कि वे प्रधानमंत्री के खिलाफ एक भी गलत शब्द का इस्तेमाल नहीं करेंगे.

मोदी ने पाकिस्तानी सेना के पूर्व महानिदेशक सरदार अरशद रफीक की वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाने की कथित अपील को लेकर भी सवाल किए.

प्रधानमंत्री ने कहा, मीडिया में मणिशंकर अय्यर के आवास पर हुई बैठक के बारे में मीडिया में खबरें थीं. इसमें पाकिस्तान के उच्चायुक्त, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री, भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिस्सा लिया.

मोदी ने कहा कि अय्यर के आवास पर तकरीबन तीन घंटे तक बैठक चली. अगले दिन, मणिशंकर ने कहा कि मोदी नीच है. यह गंभीर मामला है. एक तरफ पाकिस्तानी सेना के पूर्व डीजी गुजरात के चुनाव में हस्तक्षेप कर रहे हैं. दूसरी तरफ पाकिस्तान के लोग मणिशंकर के आवास पर बैठक कर रहे हैं.

मोदी ने कहा, और उस बैठक के बाद गुजरात की जनता, पिछड़ा समुदाय, गरीब लोगों और मोदी का अपमान किया गया. क्या आप नहीं मानते कि इस तरह की घटनाएं संदेह पैदा करती हैं?

झूठ पर आधारित ऐसा व्यवहार प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता: कांग्रेस

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी के दावे को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया. सुरजेवाला ने अहमदाबाद में संवाददाताओं से कहा, देश के सर्वोच्च पद पर बैठकर मोदी जी बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं. मोदी जी चिंतित, हताश और गुस्से में हैं. ऐसे बयान में कोई सच्चाई या तथ्य नहीं है और यह झूठ पर आधारित है. ऐसा व्यवहार प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता.

मोदी खराब गले के कारण पालनपुर रैली में ज्यादा नहीं बोल पाए. उन्होंने कांग्रेस की इस दुष्प्रचार के लिए आलोचना की कि मोदी सरकार ने केवल अमीरों के लिए काम किया है.

उन्होंने अपनी सरकार की गरीब समर्थक नीतियों के समर्थन में बानसकांठा जिले के एक प्रगतिशील किसान गेनाभाई पटेल का उदाहरण दिया जिन्हें हाल में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.

वहीं राहुल गांधी ने दावा किया कि मोदी चुनावी मुद्दा लगातार बदल रहे हैं और अब प्रधानमंत्री के पास बोलने को कुछ भी नहीं बचा है. उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा, आप कांग्रेस को खत्म करने का दावा करते हैं. अगर ऐसा है तो फिर क्यों अपने आधे भाषण में कांग्रेस की बात करते हैं और आधे में खुद की?

मोदी जो भी कहें, मैं गलत शब्दों का इस्तेमाल नहीं करूंगा: राहुल

राहुल ने कहा, मैं प्रधानमंत्री पद का सम्मान करता हूं. वह जो कहना चाहें, कह सकते हैं, मैं उनके लिए एक भी गलत शब्द का इस्तेमाल नहीं करूंगा.
उन्होंने कहा कि सच्चाई ने मोदी को अलग थलग कर दिया है और कांग्रेस भाजपा को गुस्से से नहीं बल्कि प्यार से हराएगी.

इससे पहले कांग्रेस नेता ने डकोर में एक रैली में मोदी पर नोटबंदी और जीएसटी को लेकर हमला बोला और कहा कि नोटबंदी ने सभी चोरों की उनका काला धन सफेद बनाने में मदद की और गब्बर सिंह टैक्स जीएसटी ने छोटे व्यापारों को नष्ट कर दिया तथा एक लाख लोगों को बेरोजगार बना दिया.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के एक दावे से 2002 के गुजरात दंगे और मुस्लिम तुष्टीकरण का मुद्दा एक बार फिर चुनावी राजनीति में लौट आया. शाह ने कांग्रेस पर अल्पसंख्यक तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी के एक प्रवक्ता चरण सिंह ने टीवी पर प्रधानमंत्री से कहा कि वह 2002 के गुजरात दंगों के पश्चाताप के लिए जामा मस्जिद की यात्रा करें.

शाह ने कहा, पूरा देश जानता है कि 2002 के दंगों के बाबत मोदी के खिलाफ कांग्रेस समर्थित गैर-सरकारी संगठनों की ओर से लगाए गए आरोपों को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया. लेकिन यह कांग्रेस नेता, 2017 में वोट बैंक की राजनीति की खातिर, मोदी से कह रहे हैं कि वह 2002 के दंगों के लिए माफी की खातिर जामा मस्जिद जाएं.

उन्होंने दलित नेता जिग्नेश मेवानी पर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पीएफआई से जुड़े एक संगठन से चंदा लेने का आरोप लगाया.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पीएफआई आतंकी संगठन में लोगों को भर्ती करने की कोशिश कर रहा है और पीएफआई से संबद्ध संगठन से चंदे ले रहे मेवानी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं. पूरा देश पीएफआई की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के बारे में जानता है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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