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मोदी ने देश को तबाह कर दिया है और प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम की है: शरद पवार

पूर्व कृषि मंत्री ने कहा, मनमोहन सिंह पर ऐसे आरोप लगाते हुए मोदी को शर्म आनी चाहिए. किसानों से कहा, सरकार को बिजली बिल और दूसरे बकाये का भुगतान न करें.

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार. (फोटो: रॉयटर्स)

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार. (फोटो: रॉयटर्स)

नागपुर: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री को इस तरह के आरोप लगाने पर शर्म आनी चाहिए. आपने इस देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व रक्षा अधिकारियों के खिलाफ आरोप लगाए.

शरद पवार ने निलंबित कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के घर पर छह दिसंबर को हुई एक बैठक का जान बूझकर गलत अर्थ निकालने और उसे गुजरात चुनाव में पाकिस्तान की हस्तक्षेप की साजिश के तौर पर पेश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की.

पवार ने कहा, मोदी सरकार ने किसानों की समस्याएं और देश के सामने मौजूद दूसरे मुद्दे नहीं सुलझाए लेकिन वह गुजरात चुनाव के दौरान बांटने की चाल के तौर पर पाकिस्तान का मुद्दा उठा रहे हैं. राकांपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी ने देश को तबाह कर दिया है और प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम की है.

मोदी ने रविवार को अपने चुनाव प्रचार के दौरान संकेत दिए थे कि पाकिस्तान गुजरात विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने दावा किया था कि मणिशंकर अय्यर के उनके खिलाफ नीच टिप्पणी करने से एक दिन पहले कुछ पाकिस्तानी अधिकारियों और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुलाकात की थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि पाकिस्तान चाहता है कि अहमद पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया जाए.

अगर सरकार लोगों के काम की नहीं है तो उसके साथ सहयोग नहीं करना चाहिए

नागपुर में आयोजित रैली में उन्होंने किसानों से कहा, जब तक महाराष्ट्र सरकार किसानों के बैंक खातों में बहु प्रतीक्षित ऋण माफी की राशि नहीं डालती तब तक किसान अपने बकाया ऋण या बिजली बिल के बकाये का भुगतान न करें.

उन्होंने कृषि संकट के मुद्दे पर कांग्रेस और राकांपा द्वारा यहां आयोजित हल्ला बोल सार्वजनिक रैली में कहा कि अगर सरकार लोगों के काम की नहीं है तो लोगों को उसके साथ सहयोग नहीं करना चाहिए.

पवार ने कहा, जब तक किसानों के बैंक खातों में ऋण माफी की राशि जमा नहीं होती, मैं कृषि समुदाय से अपील करता हूं कि तब तक वे राज्य सरकार को कोई भी बकाया यहां तक कि बिजली के बिल का भी भुगतान न करें.

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के एक राज्यव्यापी आंदोलन के बाद 24 जून को 34,022 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी की घोषणा की थी. नौ जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि राज्य के करीब 36 लाख किसानों का पूरा कर्ज माफ कर दिया जाएगा.

पवार ने फडणवीस से ब्लैकमेल करने की राजनीति से दूर रहने को कहा. अपना 77वां जन्मदिन मना रहे नेता ने कहा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विपक्ष को ब्लैकमेल करने की भाषा का इस्तेमाल करते हैं.

हम जनादेश का सम्मान करते हैं कि लोगों ने आपको शासन की बागडोर दी है. लेकिन अगर उन्हें लगता है कि ब्लैकमेलिंग उनकी सरकार को मिले जनादेश का हिस्सा है तो उन्हें याद रखना चाहिए कि लोग उन्हें सत्ता से बाहर भी कर सकते हैं.

मोदी के बयान की आलोचना करते हुए शरद पवार ने कहा, प्रधानमंत्री को इस तरह के आरोप लगाते हुए शर्म आनी चाहिए. आपने इस देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व रक्षा अधिकारियों के खिलाफ आरोप लगाए.

उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने किसानों की समस्याएं और देश के सामने मौजूद दूसरे मुद्दे नहीं सुलझाए लेकिन वह गुजरात चुनाव के दौरान ध्यान बांटने की चाल के तौर पर पाकिस्तान का कोण ला रहे हैं. मोदी ने देश को तबाह कर दिया है और प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम की है.

किसानों के मुद्दे पर महाराष्ट्र के दोनों सदनों में हंगामा

किसानों के मुद्दे पर मंगलवार को विपक्ष के हंगामे के बाद महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया.

विधान परिषद में जैसे ही शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे और अन्य सदस्यों ने भाजपा नीत सरकार पर किसानों को लूटने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी. उन्होंने किसानों के लिए राहत की मांग की. पहले सदन की कार्यवाही आधे-आधे घंटे के लिए दो बार स्थगित हुई. विपक्ष के हंगामों के कारण सदन नहीं चल सका.

विधानसभा में भी विपक्षी कांग्रेस और राकांपा ने कृषि ऋण माफी और कृषि संकट के मुद्दों पर हंगामा किया. इस वजह से प्रश्नकाल के समापन के बाद अस्थाई अध्यक्ष योगेश सागर ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)