भारत

गुजरात चुनाव के पहले राहुल के टीवी साक्षात्कार पर वाकयुद्ध, राहुल को नोटिस

कांग्रेस ने आचार संहिता के उल्लंघन के लिए मोदी-शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, भाजपा पर पत्रकारों को धमकाने का आरोप लगाया.

Gujarat Assembly Election (1)

नई दिल्ली/अहमदाबाद: गुजरात में अंतिम चरण के विधानसभा चुनाव के एक दिन पहले गुजराती टीवी चैनलों पर राहुल गांधी के साक्षात्कार प्रसारित होने को लेकर कांग्रेस और भाजपा में वाकयुद्ध शुरू हो गया तथा भाजपा ने इस संबंध में चुनाव आयोग से शिकायत की है. राज्य में आज दूसरे और अंतिम चरण के चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं.

इस बीच चुनाव आयोग ने टीवी चैनलों को दिए गए साक्षात्कार के मामले में चुनाव आयोग के कानूनों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन होने के कारण राहुल गांधी को कारण बताओ नोटिस भेजा.

कई गुजराती चैनलों द्वारा साक्षात्कारों के प्रसारण के बाद विवाद शुरू होने के बीच भाजपा ने आरोप लगाया कि वह गुजरात चुनाव में हार के भय से इतने हताश हो गए हैं कि उन्होंने राज्य में अंतिम चरण के मतदान से एक दिन पहले मीडिया को साक्षात्कार देकर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया.

वहीं कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और अन्य पर राहुल गांधी के साक्षात्कारों के प्रसारण को लेकर पत्रकारों को धमकी देने का आरोप लगाया तथा चुनाव आयोग से उनके खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया.

गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीबी स्वैन ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि चुनाव आयोग को इस संबंध में एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी. भाजपा ने आरोप लगाया कि बुधवार को साक्षात्कारों का प्रसारण आचार संहिता का साफ उल्लंघन है. स्वैन ने कहा, ऐसे नियम और दिशानिर्देश हैं जिसके तहत 48 घंटे पहले… खास चुनाव संबंधी सामग्री के टीवी पर प्रसारण पर रोक है. लेकिन हम इसे पूरी तरह से रोक वाला आदेश गैग आॅर्डर नहीं कह सकते.

इस बीच प्रदेश भाजपा के एक नेता ने नाम उजागर नहीं करने के अनुरोध के साथ कहा कि हमने ई-मेल के जरिये चुनाव आयोग और गुजरात के मुख्य निर्वाचन आयोग को तीन शिकायतें की हैं. ये शिकायतें मंगलवार और बुधवार को की गईं.

उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि इस प्रकार के साक्षात्कारों का प्रसारण होने वाला है. उन्होंने कहा कि हमने तत्काल कार्रवाई की मांग की थी लेकिन साक्षात्कारों का प्रसारण हुआ.

उन्होंने आरोप लगाया कि इन साक्षात्कारों में राहुल ने गुजरात के बारे में चर्चा की है जो धारा 126 का स्पष्ट उल्लंघन है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इन साक्षात्कारों पर चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए.

उन्होंने कहा कि जैसा कि राहुल गांधी ने कहा है, गुजरात में लहर है, लेकिन यह कांग्रेस के खिलाफ है और भाजपा को 182 सीटों में से 150 सीटों पर जीत हासिल होगी.

गोयल ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस काफी डर गई है और राहुल गांधी अपना चेहरा बचाने के लिए बेचैन हैं इसलिए उन्होंने आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया और साक्षात्कार दिया. हम समझते हैं कि चुनाव के लिए अंतिम चरण के मतदान से 48 घंटे पहले ऐसे साक्षात्कार की अनुमति नहीं दी जा सकती है. हमने ऐसा साक्षात्कार कभी नहीं दिया.

मीडिया पर प्रतिबंध नहीं थोप सकते: कांग्रेस

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि गुजरात के कुछ भाजपा नेता चुनाव आयोग के नाम पर टीवी चैनलों के खिलाफ मामला चलाने के लिए धमका रहे हैं.

उन्होंने कहा, हम भाजपा और उसके नेताओं के दंभपूर्ण व्यवहार, उनके असंवैधानिक रवैये की कड़ी भर्त्सना करते है. हम भाजपा को आगाह करते हैं कि वे मीडिया पर इस तरह का प्रतिबंध नहीं थोप सकते हैं क्योंकि देश में अभी तक लोकतंत्र का शासन है.

सुरजेवाला ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि हम चुनाव आयोग से अनुरोध करते हैं कि वह इस तरह की धमकियों का संज्ञान ले और भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करे.

यह पूछे जाने पर पत्रकारों को कौन धमकी दे रहा है, हमें आधिकारिक रूप से यह कहना है कि गुजरात के मुख्यमंत्री और गुजरात के भाजपा प्रमुख टीवी चैनलों को फोन कर रहे हैं और उन्हें धमका रहे हैं. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा है कि साक्षात्कार प्रसारित करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा.

सुरजेवाला ने कहा कि यह तय करना चुनाव आयोग का काम है कि आचार संहिता का उल्लंघन हुआ या नहीं तथा भाजपा नेता इसे लेकर किसी को धमका नहीं सकते.

भाजपा पर पत्रकारों को धमकाने का आरोप

कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी का साक्षात्कार प्रसारित करने के कारण चुनाव आचार संहिता के नाम पर पत्रकारों को धमका रहे हैं. पार्टी ने इन लोगों के खिलाफ चुनाव आयोग से मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी आरोप लगाया कि गुजरात के कुछ भाजपा नेता चुनाव आयोग के नाम पर टीवी चैनलों के खिलाफ मामला चलाने के लिए धमका रहे हैं.

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, उनके मंत्री, भाजपा अध्यक्ष आजकल अपना सारा आवेश और गुस्सा, अपनी सारी उत्तेजना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर उड़ेल रहे हैं.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेता अब मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की तरह बर्ताव कर रहे हैं तथा चुनाव आयोग निर्वाचन संस्था की छवि खराब करने की साजिश करने के मामले में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज करे.

आचार संहिता के उल्लंघन के लिए मोदी-शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने गुजरात में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक प्रमुख औद्योगिक संगठन के कार्यक्रम को संबोधित करने की ओर निर्वाचन आयोग का ध्यान दिलाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत, आनंद शर्मा एवं रणदीप सुरजेवाला के नेतृत्व में पार्टी के एक शिष्टमंडल ने चुनाव आयोग जाकर ज्ञापन सौंपा तथा गुजरात में दूसरे चरण के मतदान की पूर्व संध्या पर संवाददाता सम्मेलन एवं अन्य कार्यक्रम सबोधित करने के कारण मोदी एवं अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

कांग्रेस की इस शिकायत से कुछ समय पहले ही चुनाव आयोग ने पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए गुजरात में टीवी चैनलों को उनके द्वारा दिए गए साक्षात्कार के मामले में उनसे 18 दिसंबर तक जवाब मांगा. उसमें कहा गया कि जवाब नहीं मिलने पर वह इस मामले में अपनी ओर से कार्रवाई करेगा.

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष रहना चाहिए. उन्होंने कहा, हम चुनाव आयोग के पास इस मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपने जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा प्रमुख अमित शाह, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली एवं पीयूष गोयल एवं अन्य के खिलाफ आदर्श संहिता के कथित उल्लंघन के लिए कार्रवाई होनी चाहिए.

सुरजेवाला ने कहा कि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी का साक्षात्कार प्रसारित करने वाले समाचार चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की तथा यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारों के विरुद्ध है.

कांग्रेस के ज्ञापन में कहा गया कि निष्पक्ष बने रहना चुनाव आयोग का दायित्व है. हम खेदपूर्वक कहना पड़ रहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि सत्तारूढ़ दल को लेकर पक्षपात किया गया. ज्ञापन में चुनाव आयोग से यह भी अनुरोध किया गया कि वह राहुल गांधी का साक्षात्कार प्रसारित करने वाले समाचार चैनलों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अपने आदेश को वापस लें.

चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन

चुनाव आयोग ने कांग्रेस के नवनिवार्चित अध्यक्ष राहुल गांधी के गुजरात में टीवी चैनलों को साक्षात्कार देने से चुनाव कानून एवं आचार संहिता का प्रथम दृष्टया उल्लंघन होने पर बुधवार को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया. आयोग ने राहुल से इस नोटिस पर 18 दिसंबर की शाम तक जवाब देने को कहा है.
गौरतलब है कि गुजरात चुनाव की मतगणना उसी दिन होनी है.

नोटिस में कहा गया है, टीवी चैनलों द्वारा उनके साक्षात्कार का प्रसारण जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 126-3 के तहत चुनाव मामलों के अंतर्गत आता है. चुनाव वाले क्षेत्रों में चुनाव सम्पन्न होने के निर्धारित समय के 48 घंटों के भीतर इस तरह के चुनाव मामलों का प्रदर्शन जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 1261बी का उल्लंघन है.

इसमें कहा गया है, इस प्रकार के साक्षात्कार देने और 13 दिसंबर को उन्हें टीवी चैनलों द्वारा प्रदर्शित करने के कारण, आपने आदर्श आचार संहिता के पैरा 1 4, जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 1261बी और इस संबंध में चुनाव आयोग के कानूनी निर्देशों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन किया है.

आयोग ने टीवी समाचार चैनलों से राहुल गांधी के साक्षात्कारों का प्रसारण तुरंत रोकने को कहा क्योंकि उन्होंने चुनाव कानूनों का उल्लंघन किया है. आयोग ने गुजरात के चुनाव अधिकारियों से कानूनी प्रावधानों में हस्तक्षेप करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है.

आयोग के प्रेस बयान में कहा गया है कि समुचित विचार विमर्श के बाद गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया जाता है कि गुजरात के दूसरे चरण के मतदान वाले जिलों में उपरोक्त प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए.

इसमें कहा गया है, इसके अलावा, गुजरात के दूसरे चरण के मतदान वाले जिलों में इस तरह के चुनावी मामलों का प्रदर्शन कर धारा 1261बी का उल्लंघन करने वाले ऐसे टीवी चैनलों को इस प्रकार के मामलों को तुरंत रोकने का निर्देश दिया जाता है.

भाजपा विधायक ने कहा: वह चुनाव आयोग की परवाह नहीं करते, नोटिस जारी

अहमदाबाद के जिला चुनाव अधिकारियों ने भाजपा विधायक भूषण भट्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में शामिल होने वालों को पैसों की पेशकश करते हुए कथित तौर पर कहा था कि वह चुनाव आयोग की परवाह नहीं करते.

भट्ट को भाजपा ने इस बार भी जमालपुर-खदिया सीट से उम्मीदवार बनाया है. वह अपने बयान के एक वीडियो के सामने आने के बाद विवाद में घिरे दिखे. यह वीडियो मंगलवार को सामने आया.

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी बी स्वैन ने कहा कि हमें वीडियो की जानकारी मिली और हमने जांच का आदेश दिया है. अहमदाबाद के चुनाव अधिकारियों ने भी उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

शहर के एक वकील असद खान ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को शिकायत कर भट्ट के खिलाफ मतदाताओं को रिश्वत देने और चुनाव आयोग तथा आदर्श आचार संहिता की परवाह नहीं करने का आरोप लगाया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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