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बीच मतदान मोदी का रोड शो, मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी के निजी सचिव की तरह काम कर रहे: कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा, यह देश के लिए एक दुखद दिन है क्योंकि चुनाव आयोग ने संविधान की अवमानना की. भाजपा की कठपुतली की तरह काम कर रहा चुनाव आयोग.

गुजरात चुनाव में भाजपा के पक्ष में काम करने के आरोप में दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के दफ़्तर के बाहर प्रदर्शन किया. (फोटो: ट्विटर/कांग्रेस)

गुजरात चुनाव में भाजपा के पक्ष में काम करने के आरोप में दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के दफ़्तर के बाहर प्रदर्शन किया. (फोटो: ट्विटर/कांग्रेस)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने गुरुवार को आरोप लगाया कि गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो के बाद उन पर कार्रवाई न करके चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली की तरह काम कर रहा है. चुनाव आयोग में आचार संहिता के उल्लंघन पर कार्रवाई न करने को लेकर दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के दफ़्तर के बाहर प्रदर्शन किया और चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने गुजरात विधानसभा चुनाव में मतदान करने के बाद रोड शो किया जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.

उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव आयोग सत्तारूढ़ भाजपा की कठपुतली एवं मोर्चा संगठन है क्योंकि वह प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है.

सुरजेवाला ने कहा, यह देश के लिए एक दुखद दिन है क्योंकि चुनाव आयोग ने संविधान की अवमानना की है. कांग्रेस नेता ने कठोर शब्दों में कहा, मुख्य चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री के निजी सचिव की तरह काम कर रहे हैं.

विपक्षी दल द्वारा चुनाव आयोग एवं मोदी पर यह हमला किए जाने से पहले चुनाव आयोग ने कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी को गुजराती टीवी चैनलों को साक्षात्कार देकर आदर्श आचार संहिता का प्रथम दृष्टया उल्लंघन करने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

चुनाव आयोग ने राहुल से 18 दिसंबर की शाम तक जवाब देने को कहा है और ऐसा नहीं होने पर आयोग उनको संदर्भित किए बिना मामले का निर्णय करेगा.

रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘भाजपा और ऊनके ‘मित्र’ चुनाव आयोग का नया ज़ूमला- चुनाव आयोग ने गुजरात राज्य सभा चुनाव में सही निर्णय किया तो अब कांग्रेस को एतराज़ क्यों? ये ऐसा ही है जैसे कोई कहे की क्योंकि मैंने एक बार क़ानून की अनुपालना की थी इसलिए अब मैं कभी भी, कितनी बार भी क़ानून तोड़ूं, मुझे कुछ नहीं कह सकते.’

महिला कांग्रेस ने चुनाव आयोग के बाहर प्रदर्शन किया

महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने भारतीय निर्वाचन आयोग के बाहर प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि वह दोहरे मानक अपना रहा है तथा कांग्रेस एवं भाजपा के साथ व्यवहार के मामले में निष्पक्षता के साथ काम नहीं कर रहा है.

प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा एवं प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है जब इसी प्रकार के उल्लंघनों पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई.

सुष्मिता ने बताया, चुनाव आयोग भाजपा के साथ नरमी बरत रहा है और भिन्न मानक अपना रहा है किंतु कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है.

उन्होंने कहा, यह चुनाव आयोग के लिए उचित नहीं है क्योंकि कानून का उल्लंघन करने के लिए उसे प्रधानमंत्री एवं भाजपा के खिलाफ समान तरीके से व्यवहार करना चाहिए था. पार्टी पर विचार किए बिना सभी पर समान मानक एवं कानून लागू किए जाने चाहिए.

सुष्मिता ने कहा कि कांग्रेस पहले चरण का मतदान खत्म होने के बाद आठ एवं नौ दिसंबर को प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील के बारे में चुनाव आयोग को पहले ही साक्ष्य दे चुकी है. आयोग को नोटिस जारी करना चाहिए और निष्पक्ष ढंग से व्यवहार करना चाहिए.

चिदंबरम ने राहुल को नोटिस देने को लेकर चुनाव आयोग पर उठाया सवाल

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को चुनाव आयोग से सवाल किया कि उसने पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी को मीडिया में साक्षात्कार देने के लिए क्यों कारण बताओ नोटिस दिया, जबकि भाजपा नेताओं को ऐसा ही करने के बावजूद छोड़ दिया गया.

चिदंबरम ने कई ट्वीट कर चुनाव आयोग पर अपने काम में लापरवाही का आरोप लगाया और गुजरात के लोगों से कहा कि वे अपने मताधिकार का उपयोग करें और राज्य की भाजपा सरकार को बदलें.

उन्होंने कहा, बुधवार को प्रधानमंत्री ने भाषण दिया. भाजपा के अध्यक्ष ने एक साक्षात्कार दिया. रेल मंत्री ने एक साक्षात्कार दिया. इन सब पर चुनाव आयोग का ध्यान क्यों नहीं गया केवल राहुल गांधी के साक्षात्कार को ही क्यों चुना गया.

पूर्व गृह एवं वित्त मंत्री ने कहा कि भाजपा द्वारा चुनाव आयोग से शिकायत करना एक हताशा भरा कदम है. प्रचार समाप्त होने के बाद साक्षात्कार देना हर चुनाव में प्रत्येक उम्मीदवार और प्रत्येक प्रचारकर्ता के लिए सामान्य है.

चिदंबरम ने सवाल किया प्रधानमंत्री को मतदान वाले दिन रोड शो की अनुमति देना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. यह चुनाव प्रचार है. चुनाव आयोग क्या कर रहा है.

उन्होंने कहा, नियमों का स्तब्ध करने वाला उल्लंघन हुआ है. गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए गुरुवार को मतदान चल रहा है. मतगणना 18 दिसंबर को होगी.

चिदंबरम ने ट्वीट कर चुनाव आयोग पर अपने काम की अनदेखी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि टीवी के चित्र किसी के मन में यह संदेह नहीं रहने देंगे कि भाजपा एवं प्रधानमंत्री ने मतदान के दिन पूरी तरह से प्रचार किया.

उन्होंने कहा कि गुजरात के मतदाताओं को भाजपा की विभाजनकारी युक्तियों की अनदेखी कर केवल एक चीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए: 22 साल के बाद सरकार बदलने के लिए मतदान किया जाए.

कांग्रेस नेता ने कहा, अपने वोट की कीमत को कम करके मत आंकिए. प्रत्येक वोट बदलाव ला सकता है. गुजरात के मेरे बंधु नागरिकों: प्रत्येक वोट का महत्व है. बस जाइए और वोट डालिए. 22 साल बाद सरकार बदलने के लिए वोट डालिए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)