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विपक्ष शासित राज्यों में भाजपा राज्यपाल के माध्यम से सरकार चलाने की कोशिश कर रही है: केजरीवाल

चिदंबरम ने तमिलनाडु के राज्यपाल पर बोला हमला, कहा- वे राज्य कार्यपालिका के वास्तविक प्रमुख नहीं हैं, मुख्यमंत्री को आदेश देना चाहिए कि प्रशासन राज्यपाल द्वारा बुलाई बैठक का हिस्सा बनने से इनकार कर दे.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी राज्यपाल और उपराज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी सहित विपक्ष शासित राज्यों में सरकार चलाने की कोशिश कर रही है.

केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया है कि राज्यपाल और उपराज्यपाल चुनी हुई सरकारों को दरकिनार करते हुए दिशानिर्देश जारी कर रहे हैं.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, दिल्ली सहित विपक्ष शासित सभी राज्यों में भारतीय जनता पार्टी राज्यपाल और उपराज्यपाल के सहारे सीधे तौर पर सरकार चलाने की कोशिश कर रही है. राज्यपाल और उपराज्यपाल चुनी हुई सरकारों को दरकिनार कर अधिकारियों की बैठक बुला रहे हैं और उन्हें दिशानिर्देश जारी कर रहे हैं.

केजरीवाल कई मौकों पर अतीत में भी भाजपा पर उनकी सरकार के काम काज में बाधा डालने का आरोप लगाते रहे हैं.

तमिलनाडु के राज्यपाल सरकार के वास्तविक प्रमुख नहीं: चिदंबरम

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने रविवार को तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित पर हमला बोलते हुए कहा कि वह राज्य कार्यपालिका के वास्तविक प्रमुख नहीं हैं.

सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए चिदंबरम ने कहा कि उन्हें राजभवन की ओर से जारी उस प्रेस विज्ञप्ति पर हंसी आ रही है जिसमें उन्होंने संविधान के अनुसार राज्यपाल को राज्य कार्यपालिका का प्रमुख बताया है. साथ ही उन्हें राज्य प्रशासन से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त करने का पूर्ण अधिकार होने और बिना किसी प्रतिबंध के राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करने का अधिकार होने की बात कही है.

चिदंबरम ने कहा, राज्यपाल कार्यपालिका का केवल एक नाममात्र प्रमुख होता है, वास्तविक प्रमुख नहीं. वास्तविक प्रमुख, मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से डरे हुए हैं, इसलिए तमिलनाडु के राज्यपाल अपने अधिकारों को पार कर रहे हैं.

पूर्व केंद्रीय वित्त एवं गृह मंत्री ने कहा, अपने पद की गरिमा को बनाए रखने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी को जिला प्रशासन को आदेश देना चाहिए कि वह राज्यपाल द्वारा बुलाई किसी भी बैठक का हिस्सा बनने से इनकार कर दें.

तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने शनिवार को एक बयान में कहा था कि आगामी माह में वह विभिन्न जिलों की यात्रा के दौरान आम लोगों एवं अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रखेंगे.

राजभवन ने अपनी एक प्रेस विज्ञप्ति में राज्यपाल के केंद्र के इशारे पर हस्तक्षेप करने प्रशासन में के आरोपों को खारिज किया. उसने कहा, ये तथ्यहीन निराधारा हैं. इन आरोपों को नजरअंदाज किया जाना चाहिए.