राजनीति

हार्दिक ईवीएम हैकिंग की बात पर कायम, पूर्व चुनाव आयुक्त ने कहा- ईवीएम असली विजेता

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति ने कहा, कांग्रेस और भाजपा दोनों ईवीएम पर हमले के दोषी हैं. हार्दिक ने कहा, सूरत, राजकोट और अहमदाबाद में ईवीएम से छेड़छाड़ हुई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

हैदराबाद: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति ने कहा है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी (ईवीएम) असली विजेता है और अब इसकी आलोचना बंद होनी चाहिए.

दो विधानसभा चुनावों के घोषित किए जा रहे परिणामों पर कुछ क्षेत्रों में इीवीएम को असली विजेता कहे जाने संबंधी टिप्पणी पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैं सहमत हूं.

कृष्णमूर्ति ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया, ‘ईवीएम ने अपना काम बेहतर तरीके से किया. कुल मिलाकर, कांग्रेस की स्थिति गुजरात में पिछले चुनाव की तुलना में सुधार हुआ है. भाजपा के कुछ नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है. ईवीएम ने उद्देश्य की पूर्ति की है.’

यह पूछे जाने पर की क्या अब ईवीएम की आलोचना बंद होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘ऐसा होना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘अगर ईवीएम के आलोचक कुछ कहते हैं तो उन्हें अदालत जाना चाहिए और इसे साबित करना चाहिए. हर चुनाव में इस ईवीएम के बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है.’

ईवीएम की आलोचना करते हुए कुछ साल पहले भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा द्वारा लिखी गई एक किताब के उल्लेख पर कृष्णमूर्ति ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ईवीएम पर हमले के दोषी हैं.

उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय दल अगर अपनी ज़िम्मेदारी दिखाना चाहते हैं, तो उन्हें अदालत जाना चाहिए या उन्हें तकनीकी विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र संगठन में जाना चाहिए और इसे साबित करना चाहिए.’

कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘दोनों दलों को एहसास होना चाहिए कि मशीन के बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है. अगर आपकी कोई वास्तविक चिंता है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है तो अदालत जाएं या आईआईटी के निदेशक से संपर्क करना चाहिए और इसे साबित करना चाहिए.’

उधर, पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘सूरत, राजकोट और अहमदाबाद में ईवीएम में छेड़छाड़ हुई है, हालांकि, भाजपा की जीत का अंतर बहुत कम है, जबकि ईवीएम में छेड़छाड़ हुई. ईवीएम को हैक किया जा सकता है.’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘मैं भाजपा को उसकी जीत के लिए अभिनंदन नहीं दूंगा क्योंकि ये जीत बेईमानी से हुई हैं.
गुजरात की जनता जागृत हुई हैं लेकिन और जागृत होना ज़रूरी हैं. ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हुई है यह हक़ीक़त हैं.’

हार्दिक ने शनिवार को एक ट्वीट में भी दावा किया था कि अहमदाबाद स्थित एक कंपनी के 150 सॉफ्टवेयर इंजीनियर 5,000 ईवीएम हैक करने की तैयारी में हैं.

एक अन्य ट्वीट में हार्दिक ने कहा था, ‘मेरी बातों पर सिर्फ़ हंसी आएगी लेकिन विचार कोई नहीं करेगा. भगवान के द्वारा बनाए गए हमारे शरीर में छेड़छाड़ हो सकती है तो मानव के द्वारा बनाई गई ईवीएम में छेड़छाड़ क्यों नहीं हो सकती! एटीएम हैक हो सकते है तो ईवीएम क्यूं नहीं!

इससे पहले रविवार को गुजरात की कामरेज विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार की ओर से राज्य विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल की गई ईवीएम की संभावित हैकिंग एवं उससे छेड़छाड़ की शिकायत करने के बाद रविवार को एक स्थानीय कॉलेज में वाई-फाई सेवा रोक दी गई. दरअसल, ईवीएम इसी कॉलेज में रखी हुई हैं.

कांग्रेस उम्मीदवार अशोक जरीवाला की शिकायत के बाद यहां अठवा लाइंस इलाके में स्थित गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज के परिसर में वाई-फाई सेवा रोक दी गई.

शिकायत के बाद सूरत के कलेक्टर और ज़िला निवार्चन अधिकारी महेंद्र पटेल ने कॉलेज के अधिकारियों को आदेश दिया कि वे अपने परिसर में वाई-फाई सेवा पर रोक लगाएं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)