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सांस्कृतिक संगठनों के समुचित कामकाज को लेकर गंभीर नहीं है सरकार: संसदीय समिति

राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय, राष्ट्रीय पुस्तकालय समेत देश के कई अहम सांस्कृतिक संगठनों में प्रमुख के पद ख़ाली, संसदीय समिति ने निराशा व्यक्त की.

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राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय. (फोटो: विकीमीडिया कॉमन्स)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय, राष्ट्रीय पुस्तकालय, सालार जंग संग्रहालय सहित देश के कई प्रमुख सांस्कृतिक संगठनों में प्रमुख के पद रिक्त होने पर चिंता जताते हुए एक संसदीय समिति ने कहा है कि इससे पता चलता है कि सरकार सांस्कृतिक संगठनों के समुचित कामकाज को लेकर गंभीर नहीं है.

संस्कृति मामलों के मंत्रालय की अनुदान मांगों के संबंध में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पर मंत्रालय की स्थायी समिति ने संसद के दोनों सदनों में बुधवार को पेश अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, समिति संस्कृति मंत्रालय के विभिन्न संगठनों में विभिन्न स्तरों पर वर्तमान रिक्तियों को भरने में प्रतिबद्धता के अभाव को लेकर निराश है.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया कि मंत्रालय को इस मामले में सक्रिय एवं समुचित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाना चाहिए ताकि इन रिक्तियों को अविलंब भरा जा सके.

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, समिति इस बात पर गौर कर रही है कि सालार जंग संग्रहालय, पांच क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, कला क्षेत्र फाउंडेशन, नवनालंदा महावीर, राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय, राष्ट्रीय विग्यान संग्रहालय परिषद, राष्ट्रीय पुस्तकालय, दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी आदि संगठन बिना किसी प्रमुख के कामकाज कर रहे हैं.

इसके अलावा एएसआई भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में भी बड़े पैमाने पर रिक्तियां हैं. समिति ने कहा, इससे पता चलता है कि सरकार सांस्कृतिक संगठनों के समुचित कामकाज को लेकर गंभीर नहीं है. रिपोर्ट में समिति ने सिफारिश की कि भर्ती नियमों को अंतिम रूप देने के मामले को समुचित ढंग से उठाया जाए ताकि विभिन्न संगठनों में अलग अलग स्तरों पर भर्ती प्रक्रियाओं की बाधाओं को कम किया जा सके.

समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि संस्कृति मंत्रालय एवं एएसआई ने उन ई-प्रशासन परियोजनाओं का ब्यौरा नहीं दिया है जिसे वे लागू करना चाहते हैं. समिति ने सुझाव दिया कि एएसआई में ई-प्रशासन को लागू करने के लिए आवश्यक साफ्टवेयर के विकास में हुई प्रगति पर मंत्रालय निगरानी रखे.

समिति ने एएसआई को उन स्मारकों के बारे में एक व्यवहार्यता अध्ययन कराने को भी कहा है जिनमें आदर्श स्मारक बनाए जाने की संभावना है. समिति ने एशियाटिक सोसाइटी को कामकाजी संगठन बनाने तथा इसके समक्ष आ रही समस्याओं को अविलंब दुरुस्त करने को कहा.