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मध्य प्रदेश: श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार से रोकने पर दलित ने घर के पास पिता की अंत्येष्टि की

नए बने श्मशान घाट में अतिक्रमणकारियों ने गेहूं की फसल बो रखी थी. पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया.

Bhind

भिंड/मध्य प्रदेश: भिंड ज़िले के एंडौरी पुलिस थानांतर्गत ग्राम चंदोखर मजरा लोहरी का पुरा में नए श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार नहीं करने देने के विरोध में एक दलित ने कथित रूप से अपने पिता की अंत्येष्टि अपने घर के पास ही कर दी.

इस मामले में श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार नहीं करने देने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

भिंड पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने मंगलवार को बताया, ‘आरोपियों ने नए श्मशान घाट पर 65 वर्षीय कप्तान सिंह बाल्मिक की अंत्येष्टि नहीं करने दी. इसके कारण कप्तान के बेटे लाल सिंह बाल्मिक (40) ने अपने पिता का अंतिम संस्कार अपने घर के पास ही रविवार को जला दिया.

उन्होंने कहा कि लाल सिंह के घर के पास वाली सरकारी ज़मीन पर एक नया श्मशान पिछले साल ही बना है. लेकिन इस पर अब तक किसी का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है. इस ज़मीन पर अतिक्रमण कर आरोपियों ने गेहूं की फसल बो रखी है.

खरे ने बताया, ‘लाल सिंह अपने पिता का अंतिम संस्कार पुराने श्मशान घाट की बजाय अपने घर के पास बने इसी श्मशान घाट पर करना चाहता था. इसलिए रविवार को वह अपने पिता के शव का अंतिम संस्कार करने उसमें ले गया. यह देखकर लोकेंद्र उर्फ छैना एवं अनिल सिंह तोमर उर्फ मुनिया ने इसका विरोध किया और कहा कि इस श्मशान घाट वाली जमीन पर गेहूं बोया गया है, इसलिए पुराने श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करो.’

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि लोकेंद्र एवं अनिल ने लाल सिंह को जातिसूचक गालियां देकर अपमानित भी किया और अंतिम संस्कार नहीं करने दिया. इससे नाराज़ होकर लाल सिंह ने अपने पिता की अंत्येष्टि कथित रूप से नए श्मशान घाट एवं अपने घर के बीच वाली सरकारी ज़मीन पर ही कर दी.

खरे ने बताया, ‘लाल सिंह ने उक्त घटना की पुलिस स्टेशन एंडौरी में रिपोर्ट दर्ज की. इस पर कार्रवाई करते हुए मैंने एवं भिंड कलेक्टर ईलैयाराजा टी. ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए नए श्मशान की ज़मीन पर दबंगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को जेसीबी से सोमवार को हटा दिया है.

उन्होंने बताया कि इस मामले में लोकेंद्र एवं अनिल को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है. उनके ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 447, 294, 506-बी एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है.

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