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उत्तराखंड के खेल मंत्री ने खेल संघों पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया

खेल मंत्री ने कहा कि खेल संस्थाओं के लोग इतना नीचे गिर गए हैं कि वे महिला खिलाड़ियों के साथ अनैतिक कृत्य कर रहे हैं. ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ जल्द केस दर्ज कराने की बात कही.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: psgfootballacademy.in)

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देहरादून: उत्तराखंड के एक मंत्री ने खेल संस्थाओं पर उभरती महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न करने और उनका करिअर बर्बाद करने का आरोप लगाया है जिससे प्रदेश में हड़कंप मच गया है.

करीब दो मिनट की अवधि के वायरल हुए एक वीडियो में प्रदेश के खेल मंत्री अरविंद पांडेय यह आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं कि प्रदेश के खेल संघों में बैठे लोगों ने कई महिला खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न किया है और उनका करिअर बर्बाद कर दिया है.

अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत होने का दावा करते हुए मंत्री पांडेय ने कहा कि वह ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ जल्द ही भारतीय दंड विधान की धारा 376 (दुराचार) का मामला दर्ज कराएगे.

पांडेय ने कहा, ‘खेल संस्थाओं के लोग इतना नीचे गिर गए हैं कि वे उभरती हुई महिला खिलाड़ियों के साथ अनैतिक कृत्य कर रहे हैं. मुझे आपके साथ वह सब साझा करने में भी शर्म आती है जो वे करते हैं. मेरे पास सारे सबूत हैं और मैं उनके ख़िलाफ़ धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज कराने जा रहा हूं.’

उन्होंने कहा, ‘मैं दोषियों को सज़ा दिलाने और खेल संस्थाओं में सब ठीक करने के लिए किसी भी हद तक जाऊंगा. मैं खेल संघों के लोगों को खिलाड़ियों का करिअर बर्बाद करने और उनका भविष्य ख़राब करने नहीं दूंगा.’

इस मामले में संपर्क किए जाने पर हालांकि, मंत्री से बात नहीं हो पाई लेकिन इस संबंध में जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में मंत्री से बात करेंगे और अगर कुछ गड़बड़ पाया गया तो दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

(फोटो साभार: talktoarvindpandey.com)

(फोटो साभार: talktoarvindpandey.com)

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, ‘मुझे इसके बारे में पता चला है और मैं संबंधित मंत्री से बात करूंगा. इस बीच अगर कोई शिकायत मेरे पास आती है तो इस संबंध में तत्काल कार्रवाई की जाएगी.’

इस बयान पर उत्तराखंड खेल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर टाइम्स आॅफ इंडिया से बातचीत में कहा, ‘अगर खेल मंत्री ऐसा बयान दे रहे हैं तो इसके पीछे कुछ सत्यता ज़रूर होगी. खेल संगठन स्वायत्त संस्थाएं होती हैं और हम उन्हें सीधे तौर पर उन्हें नियंत्रित नहीं कर सकते हैं. अगर खेल मंत्री के पास महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न से जुड़ा कोई सबूत है तो हमें जल्द ही इस बरे में जानकारी दी जाएगी.’

टाइम्स आॅफ इंडिया से बातचीत में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के कार्यवाहक सचिव माहिम वर्मा ने कहा, ‘हमने ऐसे किसी मामले के बारे में नहीं सुना. जब महिला खिलाड़ी बाहर खेलने जाती हैं तो अभिवावक उनके साथ होते हैं.’

कुछ महीने पहले एक महिला मुक्केबाज़ ने राज्य मुक्केबाज़ी संघ के एक अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. बाद में उस अधिकारी को संघ ने क्लीनचिट दे दिया था. पूर्व खेल अधिकारी एसके सारकी ने बताया, ‘ऐसा मामला सामने आया था. वह लड़की अच्छी मुक्केबाज़ थी लेकिन जांच के बाद यौन प्रताड़ना का प्रमाण नहीं मिला जिसके बाद अधिकारी को क्लिनचिट दे दी गई.’

उत्तरकाशी से अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी मानसी जोशी ने टाइम्स आॅफ इंडिया से बातचीत में कहा, ‘ऐसे किसी मामले की मुझे जानकारी नहीं है लेकिन अगर खेल मंत्री ऐसा कह रहे हैं तो उन्हें इस बारे में कुछ शिकायतें मिली होंगी. मैं उनका समर्थन करती हूं और चाहती हूं कि मुख्यमंत्री दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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