दुनिया

हमने अमेरिका की मदद की, बदले में गालियों और अविश्वास के सिवा कुछ नहीं मिला: पाकिस्तान

अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की सहायता राशि रोकी.

A State Department contractor adjust a Pakistan national flag before a meeting between U.S. Secretary of State John Kerry and Pakistan's Interior Minister Chaudhry Nisar Ali Khan on the sidelines of the White House Summit on Countering Violent Extremism at the State Department in Washington February 19, 2015. REUTERS/Joshua Roberts

(फोटो: रॉयटर्स)

वाशिंगटन: अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की सैन्य सहायता राशि फिलहाल रोक दी है. व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ऐसी सहायता इस बात पर निर्भर करेगी कि पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर आतंकवाद का किस तरह जवाब देता है.

इस पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने एक ट्वीट कर कहा, ‘पाकिस्तान ने आतंकवाद निरोधी सहयोगी के तौर पर अमेरिका को जमीन और वायु संपर्क, सैन्य अड्डे एवं खुफिया सूचना सहयोग दिया जिससे पिछले 16 वर्षों में अल-कायदा को खत्म करने में उन्हें मदद मिली लेकिन उन्होंने अपशब्दों और अविश्वास के सिवाए हमें कुछ नहीं दिया. उन्होंने सीमा पार आतंकवादियों की पनाहगाहों की अनदेखी की जिन्होंने पाकिस्तानियों की हत्या की.’

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ट्वीट किया, ‘हम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट पर इंशाअल्लाह जल्द जवाब देंगे…हम विश्व को सच्चाई बताएंगे….तथ्यों और गढ़ी कहानी का अंतर बताएंगे.’

मंत्री ने कहा, ‘हम अमेरिका के उसके (अमेरिका के) लिए और करने की बात से इनकार कर चुके है. हमने ट्रंप प्रशासन को बता दिया है कि हम उसके लिए और नहीं करेंगे. और करने का कोई महत्व नहीं है. ’

उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान को गत 15 वर्षों में अमेरिका से जो सहायता मिली है उसकी प्रत्येक जानकारी सार्वजनिक करने को तैयार है.’

इस बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सीनेटर शेरी रहमान ने ट्वीट किया, ‘गठबंधन सहायता राशि को पाकिस्तान द्वारा कभी भी सहायता के तौर पर नहीं गिना गया. न ही इसे सहायता के तौर पर देखा जाएगा. वह सीमा पर संयुक्त कार्रवाई पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति थी. हमें अन्य सहायता के बारे में बात करनी चाहिए क्योंकि पाकिस्तान ने नाटो यातायात के लिए कभी शुल्क नहीं लगाया.’

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर अमेरिका को झूठ और धोखे के सिवाए कुछ ना देने और पिछले 15 वर्षों में 33 अरब डॉलर की सहायता देने के बदले में आतंकवादियों को पनाहगाह देने का आरोप लगाया. इसके बाद ही अमेरिका ने इस बात की पुष्टि की.

ट्रंप ने इस वर्ष के अपने पहले ट्वीट में कहा, ‘उन्होंने उन आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराई जिनके खिलाफ हम बहुत कम मदद के अफगानिस्तान में कार्रवाई करते हैं. अब और नहीं.’

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया, अमेरिका की इस समय पाकिस्तान के लिए वित्त वर्ष 2016 में 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की राशि खर्च करने की योजना नहीं है.

उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका यह उम्मीद करता है कि पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर आतंकवादियों और उग्रवादियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए. अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन पाकिस्तान के सहयोग के स्तर की समीक्षा करता रहेगा.

ट्रंप के बयान के कुछ घंटों बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उसे आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका के युद्ध के समर्थन में उसके सभी कदमों के बदले अपशब्द और अविश्वास के सिवाए कुछ नहीं मिला. पाकिस्तान पर ट्रंप के कड़े रुख का कई अमेरिकी सांसदों ने समर्थन किया है. यह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से किया गया सबसे कड़ा हमला है.

ट्रंप की टिप्पणी के बाद आसिफ की अब्बासी से मुलाकात

इस्लामाबाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान पर अमेरिका को झूठ और धोखे के सिवा कुछ भी नहीं देने का आरोप लगाने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आज पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने देश की विदेश नीति पर चर्चा की.

पाकिस्तान ने ट्रंप की टिप्पणी पर अमेरिका के राजदूत को तलब किया

इस्लामाबाद: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों के बाद अपना विरोध दर्ज कराने के लिए पाक में अमेरिकी राजदूत डेविड हेल को तलब किया है. ट्रंप ने पाकिस्तान पर अरबों डॉलर की विदेशी सहायता के बदले में आतंकवादियों को पनाह देकर अमेरिका से झूठ बोलने और उसे धोखा देने का आरोप लगाया है.

पाकिस्तान ने हाफिज सईद संगठन के चैरिटी जुटाने पर लगाई रोक

इस्लामाबाद: आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के संगठन के चैरिटी जुटाने पर पाकिस्तान ने रोक लगा दी है. सोमवार को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान ने हाफिज सईद से जुड़े तीन संगठनों जमात उद दावा, लश्कर ए तैयबा और फ़लाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर पाबंदी लगा दी है. खास बात ये है कि ये कार्रवाई उसी दिन की गई है जिस दिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई है और उसको दी जा रही है मदद रोकने की बात की है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)