राजनीति

गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन से पहले ब्रह्मगुप्त ने दिया था: राजस्थान के शिक्षामंत्री

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल देते हुए शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि जेएनयू का छात्रनेता कन्हैया कुमार राजस्थान में पैदा नहीं होना चाहिए.

राजस्थान के शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी और भौतिक विज्ञान न्यूटन. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

राजस्थान के शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी और भौतिक विज्ञान न्यूटन. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

जयपुर: राजस्थान के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन से पूर्व ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने दिया था.

राजस्थान विश्वविद्यालय में एक समारोह को संबोधित करते हुए बीते सोमवार को देवनानी कहा कि हम सब ने पढ़ा है कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन ने दिया था, लेकिन गहराई में जाने पर पता चलेगा कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन से एक हज़ार वर्ष पूर्व ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने दिया था.

उन्होंने कहा कि हमें अपने स्कूली पाठ्यक्रम में इस तथ्य को क्यों नहीं शामिल करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह प्रणाली बाद में आधुनिक वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई थी.

उन्होंने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव कर राजपूत राजा महाराणा प्रताप सहित 200 महान भारतीय विभूतियों को शामिल किया गया है.

गौरतलब है कि ब्रह्मगुप्त (वर्ष 598-668) प्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ थे. वे प्राचीन उज्जैन शहर की अंतरिक्ष प्रयोगशाला के प्रमुख थे और इस दौरान उन्होंने दो विशेष ग्रन्थ लिखे- ब्राह्मस्फुटसिद्धांत (वर्ष 628 में) और खंडखाद्यक या खंडखाद्य पद्धति (वर्ष 665 में).

ये अच्छे वेधकर्ता थे और इन्होंने वेधों के अनुकूल भगणों की कल्पना की है।

अजमेर उत्तर सीट से भाजपा विधायक देवनानी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को इससे जोड़ना चाहिए. दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विविद्यालय के छात्र नेता कन्हैया कुमार का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में कोई कन्हैया पैदा नहीं होना चाहिए.

कन्हैया कुमार ने संसद पर हमला मामले में दोषी क़रार दिए गए अफ़ज़ल गुरु को फांसी की सज़ा के ख़िलाफ़ जेएनयू में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था.

इसी को लेकर कुमार को कथित राष्ट्रद्रोह और आपराधिक साज़िश मामले में वर्ष 2016 में गिरफ्तार किया गया था.

विवादास्पद बयानों से देवनानी का पुराना रिश्ता है. गौरतलब है कि पिछले वर्ष देवनानी ने एक शोध वेबसाइट के हवाले से दावा किया था कि गाय एक मात्र ऐसा पशु है जो ऑक्सीजन छोड़ती है.

पिछले साल जनवरी में अक्षयपात्र फाउंडेशन की ओर से जयपुर के हिंगोनिया गाय पुर्नवास केंद्र पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा था, ‘गाय एक मात्र पशु है जो श्वांस के ज़रिये आॅक्सीजन अंदर लेती है और आॅक्सीजन ही बाहर निकालती है.’

समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा के मुताबिक उन्होंने कहा था कि शोधकर्ताओं की वेबसाइट्स पर उन्होंने इस सच्चाई के बारे में पढ़ा है और हाल ही में अक्षयपात्र की एक पत्रिका में भी इसका उल्लेख किया गया है.

कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, ‘पवित्र पशु गाय, गोमूत्र और गोबर पर कई तरह के शोध किए गए हैं, लोगों को इसके वैज्ञानिक पहलुओं को समझने की ज़रूरत है. गोमूत्र के फायदे और इसके गुणों के बारे में सभी जानते है और लोग इसका फायदा भी उठा रहे हैं. गोबर को जलाने से पर्यावरण शुद्ध होता है और नुकसानदायी कीटाणुओं को नष्ट करता है.

समाचार वेबसाइट स्क्रॉल डॉट इन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2015 में उन्होंने कहा था कि स्कूल की किताबों से मुग़ल बादशाह अकबर के नाम के साथ लगे ‘महान’ शब्द को हटा देना चाहिए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)