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अगले तीन सालों में भौतिक रूप से अप्रासंगिक हो जाएंगे बैंक: अमिताभ कांत

नीति आयोग के सीईओ ने यह भी कहा कि आने वाले 3 सालों में देश में एक अरब से ज्यादा स्मार्टफोन उपभोक्ता होंगे, जिससे डाटा के जरिये वित्तीय भागीदारी बढ़ेगी.

Auto rickshaws wait in front of the head office of State Bank of India (SBI) in New Delhi August 12, 2013. SBI, the country's largest lender, posted a second consecutive drop in quarterly net profit, missing estimates, on worsening asset quality, higher operating expenses and muted growth in interest income. REUTERS/Anindito Mukherjee (INDIA - Tags: BUSINESS) - RTX12I6I

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

नई दिल्ली: नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने गुरुवार को कहा कि भौतिक रूप से बैंक और उनकी शाखाओं में जाना अगले तीन साल में अप्रासंगिक हो जाएगा क्योंकि डाटा खपत और डाटा विश्लेषण से वित्तीय समावेश को और गति मिलेगी.

कांत ने कहा कि बैंकों की शाखाओं में जाना खत्म हो जाएगा… इसका कारण बड़े पैमाने पर डाटा का उपयोग तथा डाटा विश्लेषण है जो वित्तीय समावेश को मजबूत बनाएगा.

यहां एक परिचर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र देश है जहां एक अरब से अधिक लोगों को आधार कार्ड (बायोमेट्रिक) जारी किये गये हैं. अगले तीन साल में भारत में एक अरब से अधिक स्मार्टफोन होगा.

नीति आयोग के सीईओ ने यह भी कहा कि देश में मोबाइल डाटा खपत अमेरिका और चीन के संयुक्त डाटा खपत से अधिक है.

परिचर्चा में भाग लेते हुए पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने कहा कि दुनिया में नया बैंकिंग मॉडल भारत से आएगा और पेटीएम भारत मॉडल का शुरूआती उदाहरण होगा.

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