भारत

ज़रूरत पड़ने पर दुश्मन के घर में घुसकर भी मार सकते हैं: राजनाथ सिंह​

पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है.

New Delhi: Union Home Minister Rajnath Singh speaks at the launch of ‘Bharat Ke Veer anthem at an event in New Delhi on Saturday. PTI Photo by Atul Yadav(PTI1 20 2018 000040B)

गृहमंत्री राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत की दुनिया में अब एक मज़बूत देश के रूप में छवि बन चुकी है और हिंदुस्तान ने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है कि वह सरहद के इस पार ही नहीं बल्कि ज़रूरत पड़ने पर उस पार भी घुसकर दुश्मन को मार सकता है.

सिंह ने भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के एक दिवसीय महाधिवेशन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान का ज़िक्र किया और कहा कि भारत अपने पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है. मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि पूरे हिंदुस्तान का मस्तक हमारी सरकार कभी झुकने नहीं देगी.

उन्होंने कहा, ‘भारत अब दुनिया में कमज़ोर नहीं बल्कि एक ताक़तवर देश के रूप में जाना जाता है. आज से कुछ महीने पहले पाकिस्तान के कुछ आतंकवादी भारत की सीमा में घुस आए थे और उन्होंने हमारी सेना के जवानों पर रात में कायरतापूर्ण हमला करके 17 सैनिकों की जान ले ली थी. उसके बाद हमारे प्रधानमंत्री हमारे साथ बैठे और उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए फैसला किया.’

गृह मंत्री ने कहा, ‘उसके बाद हमारे बहादुर सैनिकों ने कैसा करिश्मा किया, यह आपको बताने की ज़रूरत नहीं है. पाकिस्तान की धरती पर जाकर आतंकवादियों का सफाया करने में वे पूरी तरह क़ामयाब रहे. हमने सारी दुनिया को यह संदेश दे दिया कि हम केवल इस पार ही नहीं, ज़रूरत पड़ी तो उस पार भी जाकर मार सकते हैं. भारत के अंदर यह ताक़त पैदा हो गई है.’

उन्होंने कहा कि आर्थिक दृष्टि से भी यदि देखा जाए तो भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. भारत की प्रतिष्ठा भी अंतरराष्ट्रीय जगत में तेज़ी से आगे बढ़ रही है. हमारे प्रधानमंत्री ने कई ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. मोदी की अगुवाई में देश की अर्थव्यवस्था बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रही है और अब अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्री तथा विशेषज्ञ भी इसे स्वीकार करते हैं.

सिंह ने रेलवे माल गोदाम श्रमिकों की समस्याओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि सबसे बड़ी बात यही है कि आपकी समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हुआ है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह रेल मंत्री तथा श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे.

गृह मंत्री ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि अपने पसीने से रेलवे को बड़ी आमदनी कराने वाले रेलवे माल गोदाम श्रमिकों में से बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिनकी पिछली पीढ़ियां भी रेलवे श्रमिक ही थे, मगर उन्हें इसके बावजूद उनके पास कोई पहचान-पत्र नहीं है और ना ही रेलवे के अस्पतालों में चिकित्सा की सुविधा प्राप्त है. वह इन समस्याओं का समाधान कराने की पूरी कोशिश करेंगे.

उन्होंने कहा कि रेलवे ने वर्ष 2030 तक तीन अरब टन माल ढुलाई का लक्ष्य तय किया है और रेलवे के नेटवर्क को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार पांच लाख करोड़ रुपये ख़र्च करेगी.

Comments