राजनीति

उपचुनाव: राजस्थान की दो लोकसभा व एक विधानसभा सीट पर भाजपा को झटका, तीनों कांग्रेस के खाते में

पश्चिम बंगाल में दो उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस विजयी रही, भाजपा दूसरे स्थान पर. दोनों सीटों पर कांग्रेस की ज़मानत जब्त.

Bikaner: Congress workers celebrate with colours the party's win in Mandalgarh assembly constituency, and its decisive leads in Ajmer and Alwar parliamentary constituencies, in Bikaner on Thursday. PTI Photo (PTI2_1_2018_000082B)

बीकानेर में बृहस्पतिवार को मांडलगढ़ सीट पर उपचुनाव में जीत पर जश्न मनाते कांग्रेस कार्यकर्ता. (फोटो: पीटीआई)

जयपुर/नई दिल्ली: राजस्थान में इस वर्ष के अंत तक प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा को लोकसभा की दो तथा विधानसभा की एक सीट के लिए हुए उपचुनाव में तगड़ा झटका लगा है.

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अजमेर और अलवर की लोकसभा सीट और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर बड़ी जीत हासिल की है. प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सचिन पायलट ने नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इस्तीफ़े की मांग की है.

राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार, कांग्रेस के विवेक धाकड़ ने माडलगढ़ विधानसभा सीट पर अपने निकटतम प्रत्याशी भाजपा के शक्ति सिंह हांडा को 12,976 मतों से पराजित कर भाजपा से यह सीट छीन ली.

राज्य निर्वाचन विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा के शक्ति सिंह हांडा को 12,976 मतों से पराजित किया. धाकड़ शुरुआती दौर में तीसरे नंबर पर चल रहे थे लेकिन बाद में अंतर को कम करते हुए जीत दर्ज की. कांग्रेस उम्मीदवार शुरुआती गणना में तीसरे स्थान पर थे.

वहीं अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के डॉ. करण सिंह यादव ने मौजूदा काबिना मंत्री और भाजपा प्रत्याशी जसवंत सिंह यादव को एक लाख 96 हज़ार 496 मतों के अंतर से, अजमेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के रघु शर्मा ने भाजपा के राम स्वरूप लांबा को 84 हज़ार 414 मतों के अंतर से पराजित किया है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के शानदार प्रदर्शन के लिए बृहस्पतिवार को राजस्थान इकाई की प्रशंसा की और इसे लोगों द्वारा ‘भाजपा’ को नकारना बताया. गांधी ने ट्वीट किया, ‘राजस्थान कांग्रेस ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. हर कार्यकर्ता पर हमें गर्व है. यह राजस्थान के लोगों द्वारा भाजपा को नकारना है.’

अजमेर और अलवर की लोकसभा सीटें और मांडलगढ़ विधानसभा सीट के लिए आए चुनाव परिणाम के बाद प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्विटर के ज़रिये दी गई प्रतिक्रिया में कहा, ‘जनता की सेवा का जो प्रण चार साल पहले लिया था, उसे पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. आज तीनों निर्वाचन क्षेत्रों में जो फैसला जनता दिया है, वह सिर आंखों पर.’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘हम राजस्थान के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और रहेंगे. मैं भाजपा प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने इन चुनावों में मेहनत की लेकिन अब हमें और कड़ी मेहनत करने की ज़रूरत है.’

पिछले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों में से एक में भी जीत हासिल नहीं हुई थी.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा, ‘राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि तीन दशकों में यह पहला मौका है जब उपचुनाव में विपक्षी उम्मीदवार चुनाव जीते हैं और सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार को पराजय का सामना करना पड़ा है.

पायलट ने कहा कि भाजपा ने धर्म और जातिवाद की राजनीति कर ध्रुवीकरण का प्रयास किया लेकिन मतदाताओं ने उसे नकार दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव का बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है ताकि कांग्रेस को सत्ता सौंप सके. प्रदेश की जनता वसुंधरा राजे सरकार से परेशान है.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. प्रदेश के लोग इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव और देशवासी वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव का इंतज़ार कर रहे ताकि कांग्रेस को सत्ता सौंपें.

इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए तीन उपचुनाव में मतदाताओं की ओर से दिए गए जनाधार को स्वीकार किया और कहा कि हार के कारणों का विश्लेषण करेंगे और ग़लतियों को दूर कर इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा और वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा भारी बहुमत से सत्ता पर काबिज़ होगी.

पश्चिम बंगाल में दो उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस विजयी रही, भाजपा दूसरे स्थान पर

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की नवपाड़ा विधानसभा सीट और उलुबेरिया संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव में जबर्दस्त जीत दर्ज की जबकि भाजपा अपना वोट बढ़ाते हुए दूसरे स्थान पर रही.

माकपा की अगुवाई वाला वाममोर्चा तीसरे स्थान चला गया जबकि कांग्रेस इन दोनों सीटों पर अपनी ज़मानत भी नहीं बचा पाई. कांग्रेस वर्ष 2016 में नवपाड़ा सीट जीती थी.

तृणमूल की साज़िदा अहमद ने हावड़ा ज़िले में उलुबेरिया लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा के अनुपम मलिक को 4.74 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया. साज़िदा को 7,67,219 वोट मिले जबकि मलिक के खाते में 2,93,018 वोट पड़े.

साज़िदा तृणमूल सांसद सुल्तान अहमद की विधवा हैं. सुल्तान के निधन के बाद ही इस उपचुनाव की ज़रूरत पैदा हुई थी.

उलुबेरिया संसदीय सीट पर भाजपा के वोट दोगुणा हो गए हैं. उसे 2014 के चुनाव में इस लोकसभा क्षेत्र में 1.37 लाख से थोड़े अधिक वोट मिले थे.

माकपा उम्मीदवार सबीरुद्दीन मुल्ला इस उपचुनाव में 1,38,792 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में इस निर्वाचन क्षेत्र में माकपा को 3.69 लाख वोट मिले थे. कांग्रेस के एसके मुदस्सर हुसैन वारसी 23,108 वोट के साथ चौथे स्थान पर रहे.

उत्तरी 24 परगना ज़िले में नवपाड़ा विधानसभा के उपचुनाव में तृणमूल के सुनील सिंह 1,01,729 वोटों के साथ विजयी हुए. इस निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के संदीप बनर्जी को 38,711 वोट मिले. माकपा की गार्गी चटर्जी 35,497 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं.

वर्ष 2016 में नवपाड़ा सीट जीतने वाली कांग्रेस चौथे स्थान पर रही और उसके उम्मीदवार गौतम बोस को 10,523 वोट मिले. कांग्रेस दोनों सीटों पर अपनी ज़मानत नहीं बचा पायी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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