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नीति आयोग के स्वास्थ्य सूचकांक में उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर

21 बड़े राज्यों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले केरल को 76.55 अंक मिले जबकि अंतिम पायदान पर रहे उत्तर प्रदेश को 33.69 अंक ही मिले जो सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में न्यूनतम हैं.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: नीति आयोग द्वारा शुक्रवार को देश भर के राज्यों का स्वास्थ्य सूचकांक जारी किया गया. इसमें बड़े राज्यों में उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर रहा है जबकि केरल शीर्ष पर रहा.

केरल के बाद पंजाब, तमिलनाडु और गुजरात को रखा गया है. इस सूचकांक में सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को जगह दी गई है.

सूचकांक के लिहाज से खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश के बाद राजस्थान, बिहार व ओडिशा का नंबर आता है.

वहीं, अच्छा प्रदर्शन करने वाले छोटे राज्यों में मिजोरम पहले स्थान पर है. उसके बाद मणिपुर व गोवा हैं. वहीं, केंद्र शासित प्रदेशों में लक्षद्वीप अव्वल रहा.

21 बड़े राज्यों में श्रेष्ठ आने वाले केरल को 76.55 अंक मिले जबकि अंतिम पायदान पर रहे उत्तर प्रदेश को 33.69 अंक मिले.

उत्तर प्रदेश का यह स्कोर बड़े व छोटे राज्यों और सभी केंद्र शासित प्रदेशों में न्यूनतम है. उत्तर प्रदेश के लिए संतोष की बात यह हो सकती है कि बीते वर्ष उसका स्कोर 28.14 था जो इस बार 5.55 अंक सुधरा है. इसके बावजूद भी यह देश में अब भी न्यूनतम है.

बड़े राज्यों की बात करें तो अच्छा प्रदर्शन करने के मामले में दूसरे पायदान पर रहने वाले पंजाब को 65.21 अंक मिले हैं तो तीसरे पायादान पर रहे तमिलनाडु को 63.38 अंक मिले हैं.

वहीं, निचले से दूसरे पायदान पर रहने वाले राजस्थान को 36.79 अंक मिले हैं और तीसरा बुरा प्रदर्शन करने वाले बिहार को 38.46 अंक दिए गए हैं.

नीति आयोग द्वारा जारी ‘हेल्दी स्टेट्स प्रोग्रेसिव इंडिया’ नामक यह रिपोर्ट 2015-16 की अवधि के लिए तीन श्रेणियों बड़े राज्य, छोटे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में देश को विभाजित करते हुए बनाई गई थी.

यह रिपोर्ट राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों कीसरकारों द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रदर्शन का आकलन करने और उसे रैंक देने की केंद्र सरकार की एक कवायद है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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