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त्रिपुरा में वाम दल ने विकास के नाम पर जनता को 25 वर्षों तक लूटा: अमित शाह

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव: भाजपा के दृष्टिपत्र में एसईजेड और युवाओं को स्मार्टफोन का वादा. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राज्य के पिछड़ेपन के लिए लोग ज़िम्मेदार.

Chawmanu: BJP National President Amit Shah addresses a public meeting in Chawmanu, Tripura on Sunday. PTI Photo (PTI2_11_2018_000188B)

त्रिपुरा के चावमनू में रविवार को एक चुनावी सभा को संबोधित करते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

मोहनपुर/त्रिपुरा: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने लोगों से त्रिपुरा में सत्तारूढ ‘लाल भाई’ की सरकार उखाड़ फेंकने की अपील की. उन्होंने वाम दल के कार्यकर्ताओं पर विकास के लिए धन की लूट करने का आरोप लगाया. उन्होंने वादा किया कि राज्य में अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो यह सूबा एक आदर्श राज्य बनेगा .

त्रिपुरा में बिना किसी रुकावट के 25 साल से सत्तासीन वामदल को चुनौती देने के लिए भाजपा राज़्य में काफी सक्रिय नज़र आ रही है. बीते रविवार को शाह ने आठ किलोमीटर का रोड शो किया और रैलियों को संबोधित किया जिसमें उन्होंने सूबे की जनता से प्रदेश में ‘परिवर्तन’ के लिए मतदान करने की अपील की.

अगले रविवार को होने वाले मतदान के पहले शाह ने राज्य के विभिन्न वर्ग के लोगों से कई वादे किए. इनमें युवाओं को स्मार्टफोन देने, सरकार बनाने के दूसरे दिन सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने और चिटफंड घोटाले के आरोपियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का वादा शामिल है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बग़ैर शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रमुख ने इन चुनावों में वोटकटवा उम्मीदवार उतारे हैं ताकि मुख्यमंत्री माणिक सरकार की अगुवाई वाली माकपा सरकार को दोबारा सत्ता में आने में मदद मिल सके.

पिछले विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस की स्थिति मुख्य विपक्षी दल की थी, लेकिन बाद में पार्टी की स्थिति में जबरदस्त ह्रास हुआ क्योंकि विधायकों सहित इसके कई नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया.

शाह ने एक रैली में कहा, ‘लाल भाई की सरकार और इसके कार्यकर्ताओं ने राज्य को विकास के नाम पर 25 वर्षों तक लूटा… भाजपा की सरकार आनी है. यह केवल विधायकों अथवा सरकार का बदलाव नहीं बल्कि राज्य में परिवर्तन लेकर आएगा.’

उन्होंने कहा कि गरीबों के नाम पर वाम दल की सरकार बनी थी लेकिन पिछले 25 वर्षों में यहां गरीबी बढ़ी है और इस अवधि में बेरोज़गार युवाओं की संख्या 25 हज़ार से बढ़ कर सात लाख 33 हज़ार तक पहुंच गई है.

भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा सरकार प्रत्येक घर में एक नौकरी देगी. मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने आरोप लगाए थे कि केंद्र ने राज्य के लिए कुछ नहीं किया, इस पर भाजपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि 14वें वित्त आयोग के तहत त्रिपुरा को 25,396 करोड़ रुपये जारी किये गए हैं जबकि 13वें वित्त आयोग के अंतर्गत उसे 7283 करोड़ रुपये मिले थे.

उन्होंने कहा, ‘यह अतिरिक्त 18,000 करोड़ रुपये कहां गया? यह वामपंथी कार्यकर्ताओं की जेब में गया. मैं सरकार को इस रकम का हिसाब सार्वजनिक करने की चुनौती देता हूं.’

‘चलो पलटिये’ (सरकार बदलने) का नारा बुलंद करते हुए शाह ने माकपा सरकार को सत्ता से हटाने की अपील लोगों से की.

भारतीय जनता पार्टी त्रिपुरा में 60 सदस्यीय विधानसभा सीटों में 51 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि सहयोगी इंडिजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने नौ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

उन्होंने वाम दलों पर अफ़वाह फ़ैलाने का भी आरोप लगाया ताकि भाजपा के सत्ता में आने पर राज्य बंट जाए. उन्होंने ज़ोर दिया कि कोई विभाजन नहीं होगा और त्रिपुरा जैसा है वैसा रहेगा.

आदिवासियों के एक धड़े का प्रतिनिधित्व करने वाले आईपीएफटी ने पूर्व में अलग राज्य की मांग की थी लेकिन भाजपा के साथ गठबंधन के बाद उसने इस पर ज़ोर नहीं दिया. भाजपा ने किसी भी विभाजन का विरोध किया था.

शाह ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों के सांस्कृतिक विरासतों और मूल्यों की हिफ़ाज़त करेगी और उन्हें बढ़ावा देगी. राज्य के सांस्कृतिक मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने कहा कि वाम सरकार लेनिन और स्टालिन की जयंती मनाती है, लेकिन विवेकानंद, टैगोर और राज्य के सम्मानित राजा की जयंती नहीं मनाती.

चावमनू में एक अन्य रैली में शाह ने आरोप लगाया कि वाम सरकार हिंसा की राजनीति कर रही है और कहा कि भाजपा सरकार इसे ख़त्म कर विकास के नए युग की शुरुआत करेगी.

त्रिपुरा में भाजपा वाममोर्चा की मुख्य प्रतिद्वंद्वी: जेटली

Agartala: Senior BJP leader and Finance Minister Arun Jaitley speaks at the release of the party's vision document for the Assembly polls in Agartala on Sunday. PTI Photo (PTI2_11_2018_000129B)

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में बीते रविवार को भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी का विज़न डॉक्युमेंट जारी किया. (फोटो: पीटीआई)

अगरतला: भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए बीते रविवार को पार्टी का घोषणापत्र जारी किया. इसमें वादा किया गया है कि यदि भाजपा त्रिपुरा में सत्ता में आई तो राज्य में विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) की स्थापना के साथ ही युवाओं को मुफ्त स्मार्टफोन दिया जाएगा.

60 सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा के लिए चुनाव 18 फरवरी को होगा. भाजपा 51 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी ‘इंडीजेनस पीपुल्स फ्रंट आफ त्रिपुरा’ (आईपीएफटी) ने नौ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

घोषणापत्र ‘विज़न डॉक्युमेंट त्रिपुरा 2018’ में कहा गया है कि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण, बैंबू, आईटी और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) स्थापित किया जाएगा.

इसमें प्रत्येक घर के लिए रोज़गार, महिलाओं के लिए स्नातक तक की मुफ़्त शिक्षा, राज्य के कर्मचारियों के लिए सातवां वेतन आयोग का वेतन और युवाओं को मुफ्त स्मार्टफोन देने का वादा किया गया है.

जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश का विकास चाहते हैं और इसी कारण से त्रिपुरा में भाजपा ने अपने दृष्टिपत्र में विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है.

जेटली ने यह भी घोषणा की कि राज्य में पर्याप्त संख्या में मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल और एक एम्स जैसे अस्पताल की स्थापना की जाएगी.

उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के बांग्लादेश और उस देश में बंदरगाहों के नज़दीक होने के चलते राज्य को पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में परिवहन का एक ‘लॉजिस्टिक हब’ बनाया जाएगा.

इसमें रोज़ वैली घोटाले में जांच का वादा किया गया है और दोषी पाए गए लोगों को जेल भेजा जाएगा.

त्रिपुरा के लोग ही राज्य के पिछड़ेपन के लिए हैं ज़िम्मेदार: गडकरी

किल्ला/त्रिपुरा: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बीते रविवार को कहा कि त्रिपुरा के लोगों को राज्य के पिछड़ापन के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा क्योंकि उन्होंने पिछले 25 सालों में बदलाव के लिए मतदान नहीं किया.

गडकरी ने गोमती और पश्चिम त्रिपुरा ज़िलों में रैलियों को संबोधित किया.

उन्होंने गोमती में एक जनसभा में कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री माणिक सरकार या उनके मंत्रिमंडल को आपके पिछड़ेपन के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराऊंगा. बल्कि मैं आपको ज़िम्मेदार मानूंगा क्योंकि आपने 25 सालों में कोई बदलाव नहीं किया.’

गडकरी ने कहा, ‘यहां अस्पताल हैं लेकिन डॉक्टर नहीं. आपको स्कूल मिल जाएंगे लेकिन शिक्षक नहीं. राज्य में एक भी अच्छा उद्योग नहीं है और रोज़गार सृजन के मुद्दे की अनदेखी बनी हुई है.’

उन्होंने कहा, ‘यदि भाजपा सत्ता में आई तो वह राज्य में निवेश लाने और युवाओं के वास्ते रोजगार सृजित करने की पहल करेगी.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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