नॉर्थ ईस्ट

नॉर्थ ईस्ट डायरी: जैसे घोटालेबाज़ ग़ायब हुए, मोदी वैसे ही लोकतंत्र ग़ायब कर सकते हैं- राहुल

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में मेघालय, नगालैंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा के प्रमुख समाचार.

North Garo Hills: Congress President Rahul Gandhi addresses an election campaign rally, ahead of Meghalaya Assembly polls at Mendhipathar in North Garo Hills district on Tuesday. PTI Photo (PTI2_20_2018_000068B)

मेघालय में एक रैली को संबोधित करते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

जोवई (शिलॉन्ग):  घोटालों के आरोपों के बीच नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे कारोबारियों के देश छोड़कर भाग जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और कहा कि नरेंद्र मोदी एक ‘बड़े जादूगर’ हैं जो लोकतंत्र को भी गायब कर सकते हैं.

राहुल ने चुनावी प्रदेश मेघालय के जोवई में एक रैली में कहा, ‘विजय माल्या, ललित मोदी और नीरव मोदी जैसे घोटालेबाज जादू की तरह भारत से गायब हो गए तथा भारतीय कानून की पहुंच से दूर विदेशी धरती पर प्रकट हो गए. मोदीजी का जादू जल्दी ही भारत से लोकतंत्र को भी गायब कर सकता है.’

मेघालय में 27 फरवरी को चुनाव होने हैं. कांग्रेस यहां लगातार तीन बार से सत्ता में है और उसकी नजर मुख्यमंत्री मुकुल संगमा की अगुवाई में चौथा कार्यकाल हासिल करने पर है.

घोटालों के आरोपियों के गायब हो जाने पर केंद्र की राजग सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विजय माल्या और नीरव मोदी मामलों से हम जानते हैं कि यह ऐसी सरकार है जो न सिर्फ भ्रष्टाचार हटा नहीं सकती बल्कि इसमें सक्रियता से भागीदारी भी कर रही है.

उन्होंने कहा कि चार साल पहले देश के प्रधानमंत्री ने भारत के लोगों को सपने दिखाए थे. अच्छे दिन, हर खाते में 15 लाख रुपये, दो करोड़ नौकरियां आदि. देश के आदिवासी लोगों को लगा था कि उन्हें समान हिस्सेदारी मिलेगी और उनकी भूमि, परंपराएं और संस्कृति की हिफाजत की जाएगी.

उन्होंने कहा कि इस सरकार का कार्यकाल अंतिम चरण में है और उम्मीद, सुरक्षा तथा आर्थिक वृद्धि के बदले इसने लोगों को सिर्फ नाउम्मीदी, बेरोजगारी, भय, नफरत और हिंसा को बढ़ावा दिया है.

नगालैंड: विधानसभा चुनाव में उतरे 59 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति

कोहिमा: हलफनामे के विश्‍लेषण के अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव के लिए करीब 59 फीसदी उम्‍मीदवार करोड़पति हैं, इनमें जदयू उम्‍मीदवार रामोंगो लोथा भी शामिल हैं जो सबसे अमीर हैं. इनका कुल धन 38.92 करोड़ का है.

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने 196 में से 193 उम्‍मीदवारों के हलफनामे का विश्‍लेषण किया. इस विश्‍लेषण में 114 उम्‍मीदवार करोड़पति पाए गए. इन निष्‍कर्षों की घोषणा युवा संगठन ‘यूथनेट नगालैंड’ के हेकानी जखालू द्वारा किया गया.

जखालू ने बताया, ‘नगालैंड के चीफ इलेक्‍टोरल ऑफिसर के पब्‍लिक डोमेन में तीन उम्‍मीदवारों के हलफनामे अस्‍पष्‍ट होने के कारण इनका विश्‍लेषण नहीं किया जा सका. रिटायर आईएएस ऑफिसर लोथा के पास 22,81,960 रुपये की चल संपत्ति और 38,69,40,000 रुपये की अचल संपत्ति है. कुल मिलाकर लोथा की संपत्ति 38.92 करोड़ रुपये है.

नगालैंड के मुख्‍यमंत्री टीआर जेलियांग नगा पीपुल्‍स फ्रंट के टिकट पर पेरेन सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इन्‍होंने अपने हलफनामे में कुल 3.52 करोड़ की संपत्ति दिखाई है. फोमचिंग सीट से कांग्रेस उम्‍मीदवार गामपाई के पास कुल 50,000 रुपये की संपत्ति है.

तहोक सीट से एनपीएफ उम्‍मीदवार कोनया की कुल संपत्ति 10,000 रुपये जबकि मोका सीट से एनडीपीपी उम्‍मीदवार के पास 20,000 रुपये की संपत्ति है. 46 उम्‍मीदवारों के पास पांच करोड़ रुपये, 42 के पास दो करोड़ रुपये की संपत्ति है. 60 उम्‍मीदवारों के पास 50 लाख, 26 के पास दस लाख और 19 प्रोफेशनल्‍स हैं जिनके पास 10 लाख से कम की संपत्ति है.

कुल 27 उम्‍मीदवारों ने हलफनामे में अपने आय स्रोतों की घोषणा नहीं की. एडीआर के अनुसार तीन उम्‍मीदवारों ने अपने खिलाफ चलने वाले क्रिमिनल केस के बारे में भी बताया है. ये उम्‍मीदवार एनपीएफ, एनडीपीपी और भाजपा के हैं.

वहीं तीन उम्‍मीदवार अशिक्षित हैं, 16 आठवीं पास हैं और पांच ने डॉक्‍टरेट किया हुआ है. 25 और 30 वर्ष के बीच केवल सात उम्‍मीदवार और 31 से 40 वर्ष के 29 उम्‍मीदवार हैं, बाकी के 40 वर्ष के उम्‍मीदवार हैं.

जब तक पूर्वोत्तर का विकास नहीं होता, विकसित देश का सपना पूरा नहीं होगा: प्रधानमंत्री मोदी

Narendra Modi In Nagaland

नगालैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: twitter/@narendramodi)

कोहिमा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि पूर्वोत्तर के लोगों को दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ जोड़ने के लिए एक्ट ईस्ट नीति को मूर्त रूप दिया जाएगा ताकि क्षेत्र का तेजी से विकास हो.

मोदी ने कहा कि विकास के लिए काम करने के लक्ष्य से नगालैंड को मजबूत और स्थिर सरकार की जरूरत है.  मोदी ने राज्य के लोगों से भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि वे सुनिश्चित करेंगे कि धन जनता तक पहुंचे.

उन्होंने कहा, ‘तकनीक की मदद से, हम उन कमियों को दूर करेंगे जिनसे सरकार का पैसा बर्बाद हो रहा है.’

मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि विकसित देश के सपने को साकार करने के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास जरूरी घटक है. उन्होंने लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूर्वोत्तर के संपर्क में सुधार पर जोर दिया.

उन्होंने कहा, ‘क्षेत्र में और तेज विकास के लिए परिवहन के माध्यम से क्षेत्र में बदलाव पर काम चल रहा है. नये भारत का सपना नगा लोगों के लिए एक नया नगालैंड होने की सोच के साथ आगे बढ़ेगा.’

मोदी ने कहा, ‘जब तक पूर्वोत्तर का विकास नहीं होता, एक विकसित देश होने का सपना पूरा नहीं होगा और इसलिए भाजपा सरकार क्षेत्र की जरूरत पर विशेष ध्यान दे रही है.’

उन्होंने नगालैंड में कनेक्टिविटी के मुद्दे को रेखांकित किया और कहा कि उनकी सरकार समस्या के समाधान के लिए काम कर रही है.

मोदी ने कहा, ‘नगालैंड में कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती है. हम इस दिशा में अथक काम कर रहे हैं. चार साल से कम अवधि में हमने 500 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया है. हमने नगालैंड की सड़कों पर 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करने की योजना भी बनाई है.’

मोदी ने क्षेत्र में अमन शांति के लिए नगा लोगों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने केंद्र द्वारा प्रदान की जाने वाली विकास निधि में लीकेज रोकने पर जोर दिया और कहा कि तकनीक की मदद से खामियों को दूर किया जाएगा.

मोदी ने कहा, ‘केंद्र सरकार द्वारा मंजूर विकास निधि की एक एक पाई जमीनी स्तर तक पहुंचनी चाहिए.’ जटिल नगा राजनीतिक मुद्दे के समाधान के संबंध में मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पूरी गंभीरता से सभी प्रयास कर रही है.

उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि अगले कुछ महीनों में एक सम्मानजनक और स्वीकार्य हल निकाल लिया जाएगा जिसके लिए सभी को साथ आना होगा.

उन्होंने कहा, ‘नगा राजनीतिक समस्या का समाधान देश के लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करेगा और इसलिए हम समस्या के हल के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे.’

पूर्वी नगालैंड की जनता की समस्याओं के संदर्भ में मोदी ने कहा कि उनकी सरकार समाधान निकालने के लिए इलाके के संगठनों के साथ बातचीत करना चाहती है. मोदी ने घोषणा की कि उनकी सरकार नगालैंड की राजधानी कोहिमा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए करीब 1,800 करोड़ रुपये खर्च करेगी.

नगालैंड की स्थानीय भाषा में मोदी ने कहा, ‘भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन सरकार ते अहीसे कोएले विकास अपुनी लगा बोस्ती ते पूंचाई दीबो.’’ (अगर भाजपा-एनडीपीपी सरकार आती है तो हम आपके गांवों में विकास लाएंगे).

राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 27 फरवरी को चुनाव होने हैं. भाजपा ने 20 सीटों पर जबकि गठबंधन सहयोगी एनडीपीपी ने 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

असम: एआईयूडीएफ पर सेना प्रमुख की टिप्पणी राजनीति से प्रेरित: पार्टी प्रमुख

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बदरूद्दीन अजमल (फाइल फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी/नई दिल्ली: ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विस्तार और पूर्वोत्तर की जनांकिकी में बदलाव के संबंध में टिप्पणी को लेकर असम की इस पार्टी के प्रमुख बदरूद्दीन अजमल ने गुरुवार को थलसेना प्रमुख बिपिन रावत की आलोचना की और कहा कि उनका बयान ‘राजनीति से प्रेरित और चौंकाने वाला है.’

कांग्रेस और वाम सहित विपक्षी दलों ने जहां रावत की टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना की वहीं भाजपा ने उनका बचाव करते हुए कहा कि रावत ने जो कहा है, उसमें नया कुछ नहीं है और उच्चतम न्यायालय ने भी कुछ समय पहले ऐसा ही विचार व्यक्त किया था.

अजमल ने गुवाहाटी में संवाददाताओं से कहा, ‘हम सेना प्रमुख के रूप में रावत का सम्मान करते हैं लेकिन एआईयूडीएफ के बारे में उनकी टिप्पणियां उनके संवैधानिक क्षेत्राधिकार में नहीं आतीं और हमने स्पष्टीकरण के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने का समय मांगा है.’’

अजमल ने ये टिप्पणियां रावत के 21 फरवरी के बयान के जवाब में कीं, जिसमें उन्होंने कहा था कि एआईयूडीएफ के विस्तार की रफ्तार 1980 के दशक में भाजपा के विस्तार की रफ्तार से ‘तेज’ है. सेना प्रमुख असम के कई जिलों में मुस्लिम आबादी बढ़ने की खबरों के संदर्भ में बात कर रहे थे.

अजमल ने ‘राजनीति से प्रेरित टिप्पणियों’ के लिए रावत की आलोचना की और कहा, ‘संविधान ने सेना प्रमुख को राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सैन्य बलों के नेतृत्व की जिम्मेदारी दी है, किसी राजनीतिक दल के विस्तार पर नजर रखने के लिए नहीं.’

इस बीच नई दिल्ली में सेना के सूत्र ने कहा कि टिप्पणी में कुछ भी राजनीतिक या धार्मिक नहीं है. सेना प्रमुख ने डीआरडीओ भवन में आयोजित सेमिनार में सिर्फ क्षेत्र के संयोजन और विकास का जिक्र किया था.

विपक्षी पार्टियों ने रावत की टिप्पणी के लिए उनकी आलोचना की. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, माकपा नेता बृंदा करात ने भी टिप्पणी को लेकर निशाना साधा.

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि रावत को सेना के कामकाज पर ज्यादा नजर रखनी चाहिए. वहीं भाजपा नेता और असम के वरिष्ठ मंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने रावत का बचाव करते हुए कहा कि सेना प्रमुख ने कोई नई बात नहीं की है तथा उच्चतम न्यायालय भी अतीत में ऐसा रूख व्यक्त कर चुका है.

भाजपा सांसद विनय कटियार ने अजमल पर निशाना साधते हुए कहा, ‘इनको सीधे पाकिस्तान या बांग्लादेश भेज देना चाहिए. उन्हें यहां रहने का कोई हक नहीं है.’

केंद्र ने पूर्वोत्तर पर नया प्रकोष्ठ गठित किया

नई दिल्ली: केंद्र ने पूर्वोत्तर में आर्थिक विकास को प्रभावित करने वाले मुद्दों की पहचान और उनका समाधान करने के लिए एक प्रकोष्ठ गठित किया है, जिसमें प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों और क्षेत्र की राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है.

एक सरकारी बयान में बुधवार को बताया कि ‘द नीति फोरम फॉर नॉर्थ ईस्ट’ का गठन किया गया है और इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र को त्वरित, समावेशी और आर्थिक विकास के रास्ते पर लाने के लिए विभिन्न समस्याओं की पहचान करने का काम सौंपा गया है.

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जितेंद्र सिंह की सह अध्यक्षता वाला यह प्रकोष्ठ पहचान की गयी समस्याओं के समाधान करने के लिए उपयुक्त हस्तक्षेप की सिफारिश करेगा.

पूर्वोत्तर राज्यों असम, सिक्किम, नगालैंड, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के मुख्य सचिव भी इस प्रकोष्ठ के सदस्य होंगे.

त्रिपुरा: माकपा उम्मीदवार के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज

Sexual Assault

अगरतला: हाल में त्रिपुरा में हुए विधानसभा चुनाव में माकपा के तकारजाला सीट से उम्मीदवार के खिलाफ एक महिला ने छेड़छाड़ का प्रयास करने की शिकायत दर्ज कराई है.

महिला ने शिकायत में कहा है कि माकपा उम्मीदवार ने सिपाहीजाला जिले में उसके घर पर एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर उससे छेड़छाड़ का प्रयास किया. माकपा उम्मीदवार रामेन्द्र देबबर्मा ने कहा कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से यह मामला दर्ज कराया गया है.

मंगलवार को दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार देबबर्मा समेत दो लोगों ने मंगलवार दोपहर अमताली में स्थित महिला के घर पर उससे उस समय छेड़छाड़ का प्रयास किया जब वह सो रही थी और शोर मचाये जाने पर वे वहां से भाग गये.

शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक (पुलिस नियंत्रण) प्रदीप डे ने बुधवार को कहा कि इस मामले में जांच चल रही है.

उन्होंने कहा कि इस कथित घटना को लेकर देबबर्मा की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर विपक्षी  इंडिजीनिस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने तकारजाला पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन किया.

सिपाहीजाला जिले के पुलिस अधीक्षक सुदीप्त दास ने प्रदर्शनकारियों को यह आश्वासन दिया कि दोषी पाये जाने पर व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया जायेगा. इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया.

असम: सरकार ने ट्रैक्टर वितरण योजना अस्थायी रूप से रोकी

गुवाहाटी: असम सरकार ने ट्रैक्टर वितरण योजना में गड़बड़ी की बात मानते हुए आज कहा कि दिशानिर्देशों में संशोधन किए जाने तक प्रक्रिया अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गयी है.

विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक अशोक शर्मा के एक सवाल के जवाब में कृषि मंत्री अतुल बोरा ने बताया, ‘पूरे ट्रैक्टर वितरण प्रक्रिया में गड़बड़ी थी. इसलिए मुख्यमंत्री ने एक समिति गठित की है.’

उन्होंने बताया कि समिति ने अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं और उसके अनुसार इस समय योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया जा रहा है और किसान समूहों द्वारा ट्रैक्टरों की खरीद दोबारा शुरू हो जाएगी.

ज्ञात हो कि इस महीने की शुरुआत में विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने किसानों को ट्रैक्टर वितरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मामले की जांच सदन की सर्वदलीय समिति से कराने की मांग की थी.

सैकिया ने विधानसभा परिसर में संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘प्रीत नाम की एक ट्रैक्टर कंपनी को सरकार ने अधिक पैसा दिया. फार्मर पोर्टल में कंपनी ने एक ट्रैक्टर की कीमत 5.83 लाख रुपये बताई है जबकि गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल पर एक ट्रैक्टर की कीमत 4.53 लाख रुपये बताई गई है.’

उन्होंने कहा कि कीमत में अंतर शीर्ष स्तर पर ‘बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार’ दिखाता है. उन्होंने सर्वदलीय समिति से जांच करवाने की मांग की. मालूम हो कि पिछले वर्ष असम सरकार ने मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य उन्नयन योजना के तहत प्रदेश भर के किसानों को ट्रैक्टर वितरण शुरू किया था.

सिक्किम की छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में आईआरएस अधिकारी गिरफ्तार

पटना: पटना पुलिस ने सिक्किम की एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोप में एक आईआरएस अधिकारी को बुधवार को गिरफ्तार किया. पुलिस उपाधीक्षक (विधि व्यवस्था) शिबली नौमानी ने बताया कि पीड़िता द्वारा दीघा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी जिसके आधार पर आईआरएस अधिकारी रामबाबू गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया.

पटना के इस कोचिंग संस्थान में अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को गंगटोक की एक को-ऑपरेटिव सोसायटी के माध्यम मेडिकल और इंजीनियरिंग में प्रवेश परीक्षा के लिए मुफ्त बोर्डिंग और ट्यूशन प्रदान की जाती है.

गुप्ता इस कोचिंग संस्थान का संरक्षक तथा पटना आयकर विभाग में संयुक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं. पीड़िता ने आरोप लगाया कि छात्रा को कोचिंग संस्थान के छात्रावास के एक कमरे में गत 17 फरवरी की रात बुलाकर उसके साथ छेड़छाड़ की. एक हजार रुपये देकर उसे शादी करने का प्रलोभन दिया.

शिबली ने बताया कि गुप्ता से पूछताछ की जा रही है.

असम: एनआरसी के अंतिम रजिस्टर के प्रकाशन की अवधि बढ़ाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

(फोटो: पीटीआई/nrcassam.nic.in)

(फोटो: पीटीआई/nrcassam.nic.in)

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को असम में अंतिम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर प्रकाशन करने की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया और सरकार को निर्देश दिया कि यह काम 31 मई तक पूरा किया जाए.

शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य में करीब एक करोड़ नागरिकों के सत्यापन का काम किसी भी प्रकार की दखलंदाजी के बगैर ही जारी रहना चाहिए. जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस आरएम नरीमन की पीठ ने कहा कि वह 30 दिन बाद राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के काम की प्रगति की समीक्षा करेगा.

अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने जब यह कहा कि व्यावहारिक रूप से इस काम को 31 मई तक पूरा करना संभव नहीं है तो पीठ ने कहा कि उसका काम ही असंभव को संभव बनाना है.

पीठ ने कहा, ‘अटार्नी जनरल जी जिसे हर व्यक्ति एक बड़ा मजाक समझ रहा था, वह हकीकत में बदल गया है. हमारा काम ही असंभव को संभव बनाना है और हम ऐसा करेंगे. हम इसकी चार साल से निगरानी कर रहे हैं और हम यह जानते हैं.’

पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि असम में होने वाले पंचायत और स्थानीय निकायों के मार्च और अप्रैल महीने में होने वाले चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार करायेगी.

पीठ ने कहा, ‘असम में पंचायत और स्थानीय निकायों के चुनाव राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की तैयारियों की कीमत पर नहीं होंगे और रजिस्टर का काम पहले की तरह ही चलता रहेगा.’

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार इन चुनावों को कराने के लिये सभी आवश्यक कदम उठायेंगे. पीठ इस मामले में अब 27 मार्च को आगे सुनवाई करेगी.

पीठ ने रजिस्टर तैयार करने के काम में अतिरिक्त राज्य संयोजक नियुक्त करने का अनुरोध भी अस्वीकार कर दिया और कहा कि वर्तमान संयोजक प्रतीक हजेला इसके अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने तक काम करते रहेंगे.

इससे पहले, असम के लिये राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का पहला मसौदा शीर्ष अदालत के निर्देशानुसार इस साल 1 जनवरी को प्रकाशित हुआ था.

न्यायालय ने कहा था कि 31 दिसंबर को जारी इस मसौदे में जिन व्यक्तियों के नाम नहीं है, उनके दावों की छानबीन की जायेगी और यदि वे सही पाये गये तो उन्हें बाद में शामिल किया जायेगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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