राजनीति

मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में सहयोग न करने पर कार्ति चिदंबरम गिरफ़्तार

आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की मंज़ूरी के लिए पूर्व वित्‍त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति को 10 लाख की रिश्वत मिली थी.

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कार्ति चिंदबरम. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईएनएक्स मीडिया के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया है. कार्ति को अरेस्ट करने के पीछे सीबीआई का कहना है कि वह जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहे हैं.

अधिकारियों ने बताया कि कार्ति को चेन्नई हवाईअड्डा से सुबह करीब आठ बजे गिरफ्तार किया गया. कार्ति ब्रिटेन से लौटे थे.

आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 46 वर्षीय कार्ति को घरेलू एयरलाइंस के विमान से राष्ट्रीय राजधानी लाया गया जहां, उन्हें दोपहर बाद विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.

जांच एजेंसी ने इससे पहले पूछताछ के लिये कार्ति को समन किया था लेकिन इससे बचने के लिये उन्होंने कई अदालतों से स्थगनादेश ले लिया था.

इस मामले में सीबीआई ने पिछले साल 15 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी. इसमें आरोप है कि वर्ष 2007 में पी. चिदंबरम के केंद्रीय वित्त मंत्री रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया को विदेशों से करीब 305 करोड़ रुपये की रकम प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) मंज़ूरी मिलने में कथित अनियमितताएं हुई.

आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की मंज़ूरी के लिए कार्ति को आईएनएक्स मीडिया से 10 लाख की रिश्वत मिली थी. आईएनएक्स को 4 करोड़ के विदेशी निवेश की मंज़ूरी मिली, लेकिन आईएनएक्स ने 305 करोड़ रुपये लिए.

इस मामले में कुछ दिन पहले ही उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) एस. भास्कर रमन को भी गिरफ्तार किया गया था. ईडी ने यह भी दावा किया था कि सीए भास्कर रमन ने गलत तरीके से अर्जित संपत्ति के प्रबंधन में कार्ति की मदद की थी.

भास्कर रमन को 16 फरवरी को दिल्ली में एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया गया था. 26 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत ने एस भास्कर रमन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

सीबीआई ने आरोप लगाया कि कार्ति ने कर जांच को टालने के लिए आईएनएक्स मीडिया से धन भी लिया था. उस वक़्त इस कंपनी के मालिक पीटर और इंद्राणी मुखर्जी थे. इंद्राणी की बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में दोनों इस वक्त जेल में हैं.

सीबीआई एवं ईडी ने चिदंबरम पिता पुत्र के स्वामित्व वाले घरों एवं दफ्तरों पर कई बार छापा मारा. ईडी ने कई बार कार्ति से पूछताछ भी की.

बहरहाल उनके पिता पी. चिदंबरम इस बारे में टिप्पणी करने के लिए उपलब्ध नहीं थे. इससे पहले उन्होंने ऐसे किसी मामले में अपने बेटे की संलिप्तता से इनकार किया था.

सीबीआई वर्ष 2006 के एयरसेल-मैक्सिस सौदे में एफआईपीबी मंजूरी देने में कथित अनियमितता की भी जांच कर रही है.

बदले की भावना के चलते गिफ़्तार किए गए कार्ति: कांग्रेस

कांग्रेस ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की गिरफ़्तारी को मोदी सरकार की ‘बदले की कार्यवाही’ और घोटालों व कुशासन से ‘ध्यान भटकाने का तरीका’ बताया.

पार्टी के संचार प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कार्ति चिदंबरम की गिरफ़्तारी उन्हें सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए सच बोलने से भटका नहीं सकती.

सुरजेवाला ने कहा कि इस सरकार को कटघरे में खड़े करने वाले भ्रष्टाचार के घोटालों, कुशासन और कुप्रशासन को छिपाने के लिए ध्यान भटकाने का यह नायाब तरीका है.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘पी. चिदंबरम और उनके परिवार के ख़िलाफ़ की गई बदले की कार्यवाही से कांग्रेस पार्टी को रोका नहीं जा सकता है. हम सच बोलना जारी रखेंगे. हम मोदी सरकार के घोटालों को उजागर करते रहेंगे और हम उन्हें देश के लोगों के प्रति जवाबदेह ठहराना जारी रखेंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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